Monday, October 17, 2016

पलवल में उत्तम नस्ल की 51 भैंस तथा 61 गायों का चयन


पलवल, 17 अक्तूबर(abtaknews.com)समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम और स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन कार्यक्रम (गौसंवर्धन) के अंतर्गत पलवल जिला क्षेत्र में वर्ष 2015-16 के दौरान क्रमश: मुर्रा नस्ल की 51 भैंस और हरयाणा नस्ल व साहिवाल नस्ल की 61 गायों का चयन कर बीमा करने के अतिरिक्त पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी गई। वर्ष 2014-15 के दौरान पलवल जिला क्षेत्र में मुर्रा नस्ल की 62 भैंस का चयन कर बीमा करने के अतिरिक्त पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी गई। 
हरियाणा की विश्व प्रसिद्ध मुर्रा नस्ल भैंस और हरयाणा नस्ल गाय व साहिवाल नस्ल गाय  के संरक्षण व पालन के प्रति प्रोत्साहन की दिशा मेें समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम और स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन कार्यक्रम (गौसंवर्धन) के अंतर्गत विभिन्न  श्रेणियों में उच्च दुग्ध क्षमता की मुर्रा नस्ल भैंस, हरयाणा नस्ल गायों व साहिवाल नस्ल गायों का चयन कर बीमा करने के साथ-साथ पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। वर्ष 2014-15 तक केवल मुर्रा नस्ल भैंस का ही चयन किया जाता था। हरयाणा नस्ल गाय व साहिवाल नस्ल गाय को वर्ष 2015-16 के दौरान इस कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल किया गया है। परिणामस्वरूप  पलवल जिला क्षेत्र में इस कार्यक्रम के अंतर्गत हरयाणा नस्ल व साहिवाल नस्ल की 61 गायों का चयन कर बीमा करने के अतिरिक्त पशुपालकों को प्रोत्साहन राशि दी गई। 
विवरणानुसार समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत दुग्ध क्षमता की विभिन्न मुर्रा नस्ल भैंस श्रेणियों के लिए वर्ष 2014-15 के दौरान पशुपालकों को 5,000 रूपये से 25,000 रूपये तक प्रदत्त की जाने वाली प्रोत्साहन राशि में वृद्धि कर वर्ष 2015-16 में 15,000 रूपये से 30,000 रूपये किया गया। स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन कार्यक्रम (गौसंवर्धन)के अंतर्गत दुग्ध क्षमता की विभिन्न हरयाणा नस्ल गाय व साहिवाल नस्ल श्रेणियों के लिए वर्ष 2015-16 के दौरान पशुपालकों को  10,000 रूपये से लेकर 20,000 रूपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए गए। 
उक्त जानकारी देते हुए उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने बताया कि पशुपालन हमारा परम्परागत व्यवसाय है। प्रतिदिन प्रति व्यक्ति 805 ग्राम दुग्ध उपलब्धता के साथ हरियाणा पूरे राष्ट्र में द्वितीय स्थान पर है। वर्तमान औद्योगिकरण परिवेश में अत्यधिक दुग्ध क्षमता के उत्तम नस्ल के पशुओं के संरक्षण के साथ-साथ पालन के प्रति भी लोगों को प्रोत्साहित किया जाना अनिवार्य है। इस दिशा में पशु पालन एवं डेयरिंग विभाग द्वारा हरियाणा की विश्व प्रसिद्ध मुर्रा नस्ल भैंस,हरयाणा नस्ल गाय व साहिवाल नस्ल गाय के संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम तथा स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन कार्यक्रम (गौसंवर्धन)संचालित किए जा रहे हंै। विवरणानुसार वर्ष 2015-16 के दौरान इस कार्यक्रम के अंतर्गत पलवल जिला क्षेत्र मेें मुर्रा नस्ल की 51 भैंस तथा हरयाणा नस्ल व साहिवाल नस्ल की 61 गायों का चयन कर बीमा करने के साथ-साथ 07 लाख 66 हजार 170 रूपये प्रोत्साहन स्वरूप पशुपालकों को प्रदान किए गए। वर्ष 2014-15 के दौरान इस योजना के अंतर्गत 62 मुर्रा नस्ल भैंस का चयन कर बीमा करने के साथ-साथ 06 लाख 07 हजार रूपये प्रोत्साहन स्वरूप पशुपालकों को प्रदान किए गए। 
उल्लेखनीय है कि दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा श्रेष्ठ जनन द्रव्य के संवर्धन व संरक्षण जैसे दूरगामी लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष 2015-16 तक 34452 मुर्रा नस्ल भैंस की पहचान की जा चुकी है। पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत मुर्रा नस्ल की 50,000 भैंस की पहचान की जा चुकी है। वर्ष 2016-17 के दौरान मुर्रा नस्ल की 3000 भैंस की पहचान की जानी है। स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन कार्यक्रम (गौसंवर्धन) के अंतर्गत वर्ष 2016-17 के दौरान हरयाणा नस्ल व साहिवाल नस्ल की 2000 गायों की पहचान की जानी है। राष्ट्रीय गौ-भैंस प्रजनन व डेयरी विकास कार्यक्रम के अंतर्गत हरयाणा नस्ल, साहिवाल नस्ल व गिर नस्ल की गायों की नस्ल सुधार के लिए 24 करोड़ 02 लाख रूपये स्वीकृत किए गए। देशी नस्ल की गायों की मिनी डेरी ईकाइयां स्थापित करने के लिए पशुपालकों को चालू वित्त वर्ष से 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। हिसार में पशुपालन उत्कृष्ट केन्द्र स्थापित करने के लिए ईजराइल के साथ समझौता किया गया। मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों को प्रदत्त किए जाने वाला 04 रूपये प्रति लीटर अनुदान में वृद्धि कर अपै्रल, 2015 से 05 रूपये प्रति लीटर करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए चालू वित्त वर्ष के दौरान 24 करोड़ 50 हजार रूपये का प्रावधान किया गया है। 
विवरणानुसार समेकित मुर्रा विकास कार्यक्रम के अंतर्गत 15 कि.ग्रा. से 19 कि.ग्रा., 19 कि.ग्रा. से 25 कि.ग्रा. व 25 कि.ग्रा. से अधिक दुग्ध क्षमता की मुर्रा भैंस का चयन कर पशुपालक को क्रमश: 15,000 रूपये, 20,000 रूपये व 30,000 रूपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। स्वदेशी पशु संरक्षण व प्रोत्साहन योजना (गौसंवर्धन)के अंतर्गत 06 कि.ग्रा. से 08 कि.ग्रा., 08 कि.ग्रा. से 10 कि.ग्रा. व 10 कि.ग्रा. से अधिक दुग्ध क्षमता की हरयाणा नस्ल की गाय का चयन कर पशुपालक को क्रमश: 10,000 रूपये, 15,000 रूपये व 20,000 रूपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रह हैं। इसके अतिरिक्त 10 कि.ग्रा. से 12 कि.ग्रा., 12 कि.ग्रा. से 15 कि.ग्रा. व 15 कि.ग्रा. से अधिक दुग्ध क्षमता की साहिवाल नस्ल गाय का चयन कर पशुपालक को क्रमश: 10,000 रूपये, 15,000 रूपये व 20,000 रूपये प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान किए जा रहे हैं। 

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