Tuesday, October 11, 2016

हम युद्ध की तरफ नहीं, बुद्ध की तरफ जाने वाले लोगों में: मोदी


हम युद्ध की तरफ नहीं, बुद्ध की तरफ जाने वाले लोगों में: मोदी
Lucknow (abtaknews.com )The Prime Minister, Shri Narendra Modi addressing the gathering, at Aishbagh Ram Leela, in Lucknow, Uttar Pradesh on October 11, 2016. The Governor of Uttar Pradesh, Shri Ram Naik, the Union Home Minister, Shri Rajnath Singh


लखनऊ( संदीप पाल -abtaknews.com ) देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दशहरा लखनऊ के ऐतिहासिक ऐशबाग रामलीला में शिरकत की। देश और प्रदेश के इस अवसर पर उन्होनंे देश और प्रदेश की जनता को देश और प्रदेश की शुभकामना देते हुए कहा कि आज कुछ हम युद्ध की तरफ नहीं, बुद्ध की तरफ जाने वाले लोगों में हंै। श्री मोदी ने रामायण से सीख लेने की सलाह दी तथा विजयादशमी को असत्य पर सत्य की विजय का पर्व और इसे आतताई को परास्त करने का पर्व कहा।
इस मौके पर उन्होने रावण के 10 रूप गिनाते हुए उनके खात्मे का संकल्प लेने की जनता से अपील की। इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने जय श्री राम कहकर अपने भाषण की शुरुआत की और जय श्री राम कहकर खत्म भी किया। उन्होंने कहा कि दशहरे का मतलब है कि हम अपने भीतर की 10 बुराइयों को जड़ से खत्म करें। साथ ही उन्होने कहा कि लोग आतंकवाद को पनाह देते हैं उन्हे बख्शा नहीं जायेगा। 
प्रधानमंत्री ने आज आतंकवाद के अलावा जातिवाद, वंशवाद, साम्प्रदायिकता, अंधविश्वास, दुराचार, कन्या भ्रूण हत्याए भ्रष्टाचार, गरीबी और अशिक्षा को रावण का रूप बताया। उन्होने ने कहा कि रावण को तो हम हर वर्ष जलाते हैं। लेकिन हम इस परंपरा से क्या सबक लेते है। उसे जलाते समय संकल्प होना चाहिए कि हम हमारे जीवन की बुराइयों ऐसे ही नष्ट कर दें। इस संकल्प को हर साल और मजबूत करना चाहिए।
पीएम ने कहा कि हमें समाज के भीतर की बुराइयांे को खत्म करना होंगा। दुराचार और भ्रष्टाचार अगर रावण नहीं तो क्या हैं, आज गंदगी भी रावण का ही एक रूप है। बीमारी भी रावण का ही एक रूप है। जो गरीब बच्चों की जान लेती है।

इसके अलावा उन्होने कहा कि पहले हमारी समस्या को दुनिया नहीं सुनती थी। 1992 और 93 में अमेरिकी अफसर मेरी बात को नहीं समझे थे। इसे लॉ एंड ऑर्डर प्राॅब्लम बताया था। लेकिन 26/11 के बाद समझ गए। आज आतंकवाद से पूरा विश्व तबाह हो रहा है। दो दिन से हम सीरिया की एक छोटी बालिका का चित्र देख रहे हैं। आंख में आंसू आ जाते हैं। आतंकवाद के खिलाफ पूरे विश्व की मानवतावादी शक्तियों को लड़ाई लड़नी होगी। तभी आतंकवाद को खत्म किया जा सकता है।

loading...
SHARE THIS

0 comments: