Thursday, October 13, 2016

राजधानी में अपनी पुरानी मैगी के स्टाॅक की सप्लाई



लखनऊ(संदीप पाल) नेस्ले इंडिया राजधानी में अपनी पुरानी मैगी के स्टाॅक की सप्लाई कर रहा है। ताजा मामला अलीगंज डण्डाहिया बाजार स्थित गणेश जरनल स्टोर से सामने आया है। अलीगंज स्थित सेक्टर जे निवासी ने उक्त दुकान से पांच रूपये वाली मैगी के चार पैकेट लिये जिनमें से दो मैगी के पैकेट में मैगी में फंगस (फफंूदी) लगी हुई थी।इस उपभोक्ता का कहना है कि नेस्ले इंडिया देश में लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। उसकी पुरानी मैगी खाकर सैंकड़ों लोग बीमार पड़ सकते है अथवा उनकी जान खतरे में पड़ सकती है। वैसे भी डाक्टरों की माने तो फंगस (फफूंदी) लगी हुई कोई भी चीज खाने से कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि नेस्ले इंडिया देश भर में अलग-अलग ठिकानों पर रखी 550 टन पुरानी मैगी के स्टॉक को नष्ट करना चाहती है। इस संबंध में कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

खाद्य नियामक एफएसएसएआई ने मैगी में कुछ खतरनाक रसायनों की अधिक मात्रा के मामले में चल रही जांच के सुबूत के तौर पर इस स्टॉक को नष्ट करने पर आपत्ति जताई है। सुप्रीम कोर्ट 30 सितंबर को याचिका पर सुनवाई करेगा।कंपनी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि देश में 39 स्थानों पर रखे ये स्टॉक सेहत के लिहाज से खतरनाक हो सकते हैं। इनकी एक्सपायरी की तारीख बीत चुकी है।

उन्होंने बताया कि कंपनी पहले भी अपने सेंटरों से वापस आई 38,000 टन मैगी को सीमेंट प्लांट में ईंधन के रूप में जलाकर नष्ट कर चुकी है।खाद्य नियामक एफएसएसएआई के वकील का कहना है कि स्टॉक नष्ट करना सुबूत खत्म करने जैसा है। एफएसएसएआई ने नेस्ले की याचिका पर जवाब देने के लिए हफ्ते भर का समय मांगा है।

loading...
SHARE THIS

0 comments: