Friday, October 14, 2016

वाणिज्य और उद्योग मंत्री निर्मला सीतारमण और ब्राजील में द्विपक्षीय वार्ता


वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण और ब्राजील के उद्योग, विदेश व्यापार तथा सेवा मंत्री श्री मार्कोस पेरिरा के बीच आज 13 अक्टूबर, 2016 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय बातचीत हुई। श्री पेरिरा ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने भारत आए हैं। ब्राजील के मंत्री ने सम्मेलन आयोजित करने के लिए श्रीमती निर्मला सीतारमण को धन्यवाद दिया और ब्रिक्स की अध्यक्षता ग्रहण करने पर भारत को बधाई दी। उन्होंने गोवा में होने वाले ब्रिक्स देशों के व्यापार मंत्रियों के सम्मेलन की सफलता की कामना की। श्री मार्कोस पेरिरा ने गोवा में भारत और ब्राजील के बीच शुरू हो रही निवेश सहायता संधि पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि एशिया में यह पहली संधि है और उन्हें इस बात की खुशी है कि यह संधि भारत के साथ हो रही है।
दोनों मंत्रियों ने भारत – ब्राजील व्यापार निगरानी व्यवस्था तथा 29 से 30 सितंबर, 2016 को ब्राजील में आयोजित भारत – मर्कोसुर पीटीए की संयुक्त प्रशासनिक समिति की तीसरी बैठक को सफल बताया। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने यह बैठक आयोजित करने के लिए ब्राजील को धन्यवाद दिया।
दोनों मंत्रियों ने भारत, मर्कोसुर पीटीए को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया और दोनों पक्षों की ओर से पेश की जाने वाली व्यापार सामग्रियों की सूची वर्तमान 450 से बढ़ाकर कम से कम 2500 किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। इससे द्विपक्षीय व्यापार को लाभ होगा। उन्होंने भारत, ब्राजील तथा अन्य मर्कोसुर साझेदारों के बीच सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके की विस्तार प्रक्रिया अगले वर्ष के अंत से आगे न बढ़े। श्री मार्कोस पेरिरा ने बातचीत में कारोबारी माहौल सुधारने, आर्थिक वृद्धि के लिए ब्राजील सरकार द्वारा किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक खर्च को नियंत्रित करने के अतिरिक्त श्रम सुधारों और सामाजिक सुरक्षा प्रबंधों के लिए कानून बनाए जा रहे हैं।
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने श्री मार्कोस पेरिरा से बातचीत में भारत में कारोबारी सहजता में सुधार का जिक्र किया और कहा कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद से भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की बड़ी राशि आई है। उन्होंने ब्राजील के निवेश को क्षमता से कम बताते हुए कहा कि दोनों देशों को द्विपक्षीय निवेश को बढ़ाने के लिए कदम उठाने चाहिएं। उन्होंने 8-9 अक्टूबर, 2015 को भारत द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 5वें भारत-एलएसी सम्मेलन में ब्राजील की अनुपस्थिति का जिक्र किया और ब्राजील के उद्योग और व्यापार मंत्री को सुझाव दिया कि वे ब्राजील में इस तरह के सम्मेलन का आयोजन करें ताकि दीर्घकालीक साझेदारी कायम हो सके और दक्षिण-दक्षिण सहयोग में वृद्धि हो।

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