Thursday, October 13, 2016

खूबसूरत आंखों का रखें खास ख्याल ;- डॉ. अर्पणा दरसवाल



फरीदाबाद 13 अक्टूबर(abtaknews.com )खूबसूरत आंखें इंसान की खूबसूरती को चार चांद लगा देती हैं। आंखें कुदरत का अनमोल उपहार है। इस उपहार को सहेजकर रखने के लिए इंसान को इनकी सुरक्षा और साफ-सफाई की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए। आंखें जिनसे इंसान प्रकृति के नजारों को देख सकता है। उनकी सुंदरता को बनाए रखने के लिए उनकी समय-समय पर जांच करानी चाहिए।  
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अर्पणा दरसवाल का कहना है कि शरीर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ आंखों का भी खास ख्याल रखना चाहिए। आंखों की सुरक्षा के प्रति लापरवाही बरतने से आंखों में जलन, चुभन, खुजली, सूजन, धुंधला दिखाई देना और आंखों का लाल या पीला पडऩा जैसी समस्याओं में निरंतर इजाफा हो रहा है। अगर आंखों की सही तरीके से देखरेख की जाए तो इनको भविष्य में होने वाली बीमारियों से बचाया जा सकता है। आंखों की सुरक्षा का सर्वोत्तम उपाय आंखों का व्यायाम, साफ-सफाई और खानपान पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। अपनी आंखों को स्वस्थ एंव सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले हमें कुछ भी काम करने से पहले अपने हाथों को धोना चाहिए। हाथों को बार-बार धोने से न केवल आंखों बल्कि शरीर को भी विभिन्न प्रकार के संक्रमण से बचाया जा सकता है। डॉ. अर्पधा का कहना है कि 80 प्रतिशत आंखों की समस्या को हम केवल अपनी सावधानी और नियमित आंखों की जांच कराकर रोक सकते हैं। प्रत्येक वर्ग के व्यक्ति के लिए जरूरी है कि वह हर साल अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए। 50 वर्ष की आयु के बाद मोतियाबिंद की समस्या होना आम बात है, अगर नियमित आंखों की जांच कराई जाए तो समय रहते नेत्र संबंधी रोगों का इलाज संभव हो सकता है। मोतियाबिंद, जन्मजात अंधापन, विटामिन-ए की कमी और खान-पान से संबंधी कमी के कारण भी नेत्र रोग गंभीर रूप धारण कर रहा है। 
बचाव के उपाय : विटामिनयुक्त भोजन, हरी सब्जियां, दूध और मौसमी फलों का सेवन करें।
अगर आप कम्प्यूटर पर देर तक काम करते हैं, तो थोड़ी-थोड़ी देर के बाद पलकों को झपकाते रहें इससे आंसू जल्दी नहीं सूखते।
कम्प्यूटर पर काम करते समय थोड़ी-थोड़ी देर के बाद अपनी नजर कम्प्यूटर स्क्रीन से हटाएं।
टेलीविजन देखते समय कमरे में अंधेरा नहीं रखना चाहिए। इससे भी आंखों पर दुष्प्रभाव पड़ता है।
आंखों का व्यायाम और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भरपूर नींद लेनी चाहिए। 
टीवी और कम्प्यूटर का इस्तेमाल करते समय एंटीरिफ्लेक्टिव चश्मों का इस्तेमाल करना चाहिए। 
सुबह के समय घास पर नंगे पैर धूमने से आंखों की रौशनी तेज होती है।    
डॉ. अर्पणा दरसवाल ने बताया कि आंखों की रौशनी बरकरार रखने के लिए विटामिन युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए। दूध, घी,मक्खन, पनीर, पपीता, गाजर, टमाटर, हरी सब्जियां, अंडे आदि का सेवन करना चाहिए। दिनभर में खूब पानी पीना चाहिए। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए  सबसे पहले इंसान को भरपूर नींद लेनी चाहिए। नींद पूरी न होने के कारण लोगों को आंखों संबंधी अनेक बिमारियों का शिकार हो रहे हैं। रात को आंखों को साफ व ठंडे पानी से धोकर सोना चाहिए। साल में एक बार आंखों की जांच जरूर करानी चाहिए। आंखें शरीर का सबसे सुंदर और नाजुक हिस्सा है। इसलिए ांखों की सुरक्षा की दृष्टि से आंखों के मेकअप के लिए उत्तम क्वालिटी उत्पादों का इस्तेमाल करना चाहिए। आंखों में काजल या सुरमा आदि के इस्तेमाल से बचना चाहिए। जरूरत के हिसाब से आंखों का मेकअप करना चाहिए। घटिया क्वालिटी के उत्पादों के इस्तेमाल से आंखों में रिएक्शन होने के कारण रोशनी जाने का खतरा भी बढ़ जाता है।  धूप या धूल-मिट्टी में निकलते समय चश्मों का प्रयोग करना चाहिए।  कम्प्यूटर पर काम करते समय उचित दूरी रखनी चाहिए। ताकि आंखों पर जोर न पड़े। टीवी देखते समय कमरे में अंधेरा नहीं रखना चाहिए। इससे आंखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आंखों में दर्द होने पर दोनो हाथों को आपस में रगडकर आंखों पर लगाने से आराम मिलता है।

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