Sunday, October 16, 2016

न्याय के लिए आमरण अनशन पर पुलिस आयुक्त कार्यालय पर बैठेगी गैंगरेप पीडिता



फरीदाबाद-16 अक्टूबर(abtaknews.com) सुशासन का दावा करती प्रदेश की सरकार और हाईटेक फरीदाबाद पुलिस भी पीडितों को न्याय नही दिला पा रहे हंै। पीडित को समय पर न्याय नही मिले तो वह अन्याय ही होता है। शहर की गैंगरेप पीडिता कानून व्यवस्था के हर दरवाजे पर गुहार लगा चुकी लेकिन अभीतक उसे पूर्ण न्याय नही मिला है। आरोपी आए दिन धमकियां देते हैं और उसको जलील करते रहते हैं। अब पीडिता पुलिस आयुक्त कार्यालय पर सोमवार से आमरण अनशन शुरू करने जा रही है। पुलिस आयुक्त को दिए ज्ञापन में पीडिता की लड़ाई अब शहर की तमाम सामाजिक एवं सामाजिक संस्थाए मिलकर लडेगीं और पीडिता को पूर्ण न्याय मिलने तक यह आंदोलन जारी रखेंगें। 
@PMOIndiaModi ,@SushmaSwaraj , @mlkhattar न्याय मांगा नहीं मिला, इच्छा मृत्यु मांगी नहीं मिली अब कोई तीसरा रास्ता बता दे सरकार, क्योंकि मेरे जीने की इच्छा मर चुकी है, मेरे साथ गैंगरेप करने वाले खुलेआम घूम रहे हैं, मेरी मदद करें-- उपरोक्त दर्द भरी दांस्तां को दर्शाती पंक्तियां हैं जो पीडिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेशमंत्री सुषमा स्वराज और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को टवीट् किए है।

गैंगरेप पीडिता विगत 11 महीनों से न्याय पाने के लिए कानूनी व्यवस्था की हर चौखट पर गुहार लगा कर थक चुकी है। पीडिता ने जब ईच्छा मृत्यु के लिए राष्ट्रपति, मुख्यन्यायधीश, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा तो फरीदाबाद पुलिस ने आनन फानन में दो ओरापियों को गिरफ्तार किया लेकिन उनके सहयोगी तीन अन्य आरोपियों जिसमें अवधेश, तन्नु और ऋतु को बचाने में जुटी हुई है। ये सभी आरोपी बेटी बचाओ अभियान से जुडे हुए हैं,पुलिस इनकी गिरफ्तारी जानबूझ कर नही कर रही इन्हें बचाने में लगी हुई है। उक्त तीनो आरोपी पीडिता को आएदिन धमकी देते और जलील करते रहते हैं। इस अधूरे न्याय से दुखी गैंगरेप पीडिता पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने सोमवार से आमरण अनशन पर बैठेगी जिसमें शहर के अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के कार्यकर्ता पर पीडिता के साथ बैठेंगें। यदि अनशन से भी न्याय नही मिला तो पीडिता आत्मदाह करने को विवश होगी।

पीडिता ने जब इस संदर्भ में पुलिस आयुक्त डॉक्टर हनीफ कुरैशी और इस केस को देख रहे एसीपी राजेश चैची से संपर्क किया तो बार बार पीडिता को  जल्द कार्रवाई करने का झूठा आश्वासन ही मिला लेकिन 2 हफ्ते से भी ज्यादा समय गुजर गया और पुलिस कार्रवाई आजतक पूरी नही हुई है। पुलिस के आला अधिकारी बाकि के 3 आरोपियों को बचाने में जुटे हुए हैं। उक्त सभी बातों से दुखी पीडिता का न्याय के इन रखवालों से विश्वास उठ गया है। यदि बचे 3 आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नही हुई तो पीडिता फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होगी। 

क्या है मामला --- पीडिता जो कि फरीदाबाद की रहने वाली है जिसके साथ मथुरा-वृंदावन में 31 अक्टूबर, 2015 को सामूहिक बलात्कार किया गया जिसमें कुल 5 लोग शामिल थे। इस शर्मनाक वारदात का आरोपियों ने एमएमएस बनाकर पीडिता और उसकी नाबालिक बेटियों को दिखाना शुरू कर दिया और धमकी देने लगे कि अगर उसने मामला वापिस नहीं लिया तो जो उसके साथ किया है वही उसकी नाबालिक बेटियों के साथ करेंगे। उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर पीडिता पिछले 11 महीने से न्याय के लिए अभीतक भटक रही है। पीडिता ने कहा कि न्याय के लिए गुहार लगा लगाकर मैं थक चुकी हूं लेकिन पुलिस प्रशासन मेरी परेशानी को नही समझा, मैं पहले अनशन करूंगी और उसके बाद भी न्याय नही मिला तो पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने ही आत्मदाह कर लूंगीं शायद मेरी मौत के बाद ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी? इसलिए पुलिस मुझे आमरण अनशन और आत्मदाह करने के लिए बाध्य कर रही है?




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