Tuesday, October 18, 2016

आरोपियों की गिरफ्तारी को 48 घंटे, नहीं तो करूंगी आत्मदाह ;-गैंगरेप पीडिता



फरीदाबाद-18 अक्टूबर(abtaknews.com ) महिला सशक्तिकरण का मखौल उडाती फरीदाबाद पुलिस के प्रति महिलाओं में गहरा रोष व्याप्त है। पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने न्याय के लिए अनशन पर बैठी गैंगरेप पीडिता को आज दूसरा दिन है। गैंगरेप पीडिता की न्याय की इस लडाई में बुधवार को शहर की तमाम महिलाएं करवा चौथ का त्यौहार पीडिता के साथ धरना स्थल पर मनाएंगीं। विगत 11 महीने से न्याय की लड़ाई लडती गैंगरेप पीडिता के समर्थन में शहर की महिलाएं मिलकर इस लडाई को लडेंगीं। पीडिता का पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम आरोपियों की गिरफ्तारी अन्यथा करेगी आत्मदाह।

सेक्टर 21 सी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर एवं दोषियों की गिरफ्तारी तक अपना अनशन जारी रखने वाली गैंगरेप पीडिता के धरने का आज दूसरा दिन है। दूसरे दिन धरना स्थल पर अनशनकारी बाबा रामकेवल,युवा समाजसेवी पंडित देवकुमार शर्मा, डॉक्टर आलोक दीप, युवा आगाज संगठन के जसवंत पंवार, अजय डागर, विक्की कौशिक, मुख्यरूप से उपस्थित रहे।

गैंगरेप पीडिता ने दूसरे दिन मीडिया से बातचीत में कहा कि वह विगत 11 महीनों से न्याय पाने के लिए शांतिपूर्वक संघर्ष कर रही है। आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। राजनैतिक संरक्षण के चलते पुलिस तीनो आरोपियों को बचा रही है। पीडिता ने कहा कि जब तक पूर्ण न्याय नही मिलता पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने उसका आमरण अनशन जारी रहेगा।

क्या है मामला - पीडिता जो कि फरीदाबाद की रहने वाली है जिसके साथ मथुरा-वृंदावन में 31 अक्टूबर, 2015 को सामूहिक बलात्कार किया गया जिसमें कुल 5 लोग शामिल थे। इस शर्मनाक वारदात का आरोपियों ने एमएमएस बनाकर पीडिता और उसकी नाबालिक बेटियों को दिखाना शुरू कर दिया और धमकी देने लगे कि अगर उसने मामला वापिस नहीं लिया तो जो उसके साथ किया है वही उसकी नाबालिक बेटियों के साथ करेंगे। उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर पीडिता पिछले 11 महीने से न्याय के लिए अभीतक भटक रही है। पीडिता ने कहा कि न्याय के लिए गुहार लगा लगाकर मैं थक चुकी हूं लेकिन पुलिस प्रशासन मेरी परेशानी को नही समझा, मैं पहले अनशन करूंगी और उसके बाद भी न्याय नही मिला तो पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने ही आत्मदाह कर लूंगीं शायद मेरी मौत के बाद ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी? इसलिए पुलिस मुझे आमरण अनशन और आत्मदाह करने के लिए बाध्य कर रही है?

loading...
SHARE THIS

0 comments: