Monday, October 17, 2016

हरियाणा पर्यटन द्वारा बड़खल पर लगेगा दीवाली मेला ;-सीमा त्रिखा




चंडीगढ़, 17 अक्तूबर(abtaknews.com ) रोशनी के त्योहार, दिवाली को उचित रूप से मनाने के लिए हरियाणा पर्यटन ने पहली बार अपने तीन पर्यटन परिसरों में 21 से 24 अक्तूबर, 2016 तक दिवाली मेले आयोजित करने का निर्णय लिया है। हरियाणा पर्यटन निगम के प्रबंध निदेशक श्री समीर पाल सरो ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि ये दिवाली मेले ओएसिस पर्यटन परिसर,करनाल; बडख़ल पर्यटन परिसर, फरीदाबाद और मैना पर्यटन परिसर, रोहतक में आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हरियाणा पर्यटन द्वारा अनेक नई पहल की गई हैं और नियमित तौर पर फूड फेस्टिवल आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पर्यटन परिसरों में दिवाली मेला आयोजित किया जाएगा जो पर्यटकों को मंनोरजन का सुनहरे अवसर प्रदान करेंगे। 

इस चार दिवसीय दिवाली मेले बारे विस्तृत जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि इस अवसर पर शॉपिंग बाजार, बहु-व्यंजन फूड कोर्ट, स्कूली बच्चों के लिए प्रतियोगिताएं और ज्वॉय राइडïï्स का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेले में प्रवेश नि:शुल्क होगा तथा यहां लगाए जाने वाले स्टॉलस मेले में रंग बिखेरेंगे। इसके अतिरिक्त, आगन्तुकों के मनोरंजन के लिए सांस्कृतिक एवं नृत्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इन मेलों में उन्हें  हस्तशिल्प, आभूषण, वस्त्र, और गृह सज्जा के सामान खरीदने का भी मौका मिलेगा। इसके अलावा, वे हरियााणा के विभिन्न व्यंजनों का आनंद भी ले सकेंगे। 

हरियाणा पर्यटन हाइवे टूरिज्म के मामले में भी अग्रणी है। इसके प्रदेशभर में 43 पर्यटक परिसर हंै, जिनमें 838 वातानुकूलित कमरें और पर्यटकों के लिए हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि देश में हाइवे टूरिज्म में अग्रणी होने के नाते हरियाणा पर्यटन ने फार्म पर्यटन, गोल्फ पर्यटन, विरासत पर्यटन, एमआईसीई पर्यटन तथा साहसिक पर्यटन पर ध्यान केन्द्रित करके पर्यटन की परिकल्पना का विविधिकरण और विस्तार किया है। 

श्री सरो ने कहा कि हरियाणा पर्यटन द्वारा हर वर्ष 1 से 15  फरवरी तक फरीदाबाद के सूरजकुंड में सूरजकुंड अंतरराष्टï्रीय शिल्प मेला आयोजित किया जाता है जिसकी अंतरराष्टï्रीय पर्यटन कलैण्डर पर एक विशेष पहचान है तथा लाखों घरेलू एवं विदेशी आगंतुक इस 15 दिवसीय मेले में आते हैं। उन्होंने कहा कि मेले को और अधिक सुखद एवं सुविधाजनक बनाते हुए मेला क्षेत्र का विस्तार किया गया है और अब इसका आयोजन 56 एकड़ से अधिक क्षेत्र पर किया जाता है जिसमें मेजबान शिल्पकारों के लिए 1000 से अधिक वर्क हट्स हैं। 

उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक-निजी-भागीदारी में अनेक परियोजनाएं स्थापित की जा रही हैं, जिनमें तिल्यार, रोहतक में एम्युज़मेंट पार्क, गांव कजियाना, पंचकूला में वैलनेस रिजोर्ट-सह-हैल्थ स्पा, फरीदाबाद में हैल्थ कल्ब, कर्ण लेक, करनाल में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट और माधोगढ़ में हैरिटेज होटल शामिल हैं। 

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