Wednesday, October 19, 2016

स्वास्थ्य, खाद्य क्षेत्र में उत्‍पादों एवं सेवाओं के लिए अनिवार्य मानक बनाने की योजना;- पासवान


सरकार ने उपभोक्‍ताओं के हितों की रक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं। बहुत जल्‍द ही स्‍वास्‍थ्‍य, खाद्य आदि के क्षेत्र में सेवाओं एवं उत्‍पादों को अनिवार्य गुणवत्‍ता मानकों का अनुसरण करना पड़ेगा। उपभोक्‍ताओं के वृहद हितों के लिए सोने एवं चांदी जैसी बेशकीमती धातुओं के लिए हॉलमार्किंग की आवश्‍यकता होगी। इस प्रयोजन के लिए भारतीय मानक अधिनियम के नये ब्‍यूरो को लागू कर दिया गया है और नियम बनाए जा रहे हैं। केंद्रीय उपभोक्‍ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने आज चंडीगढ़ में क्षेत्रीय संपादकों के सम्‍मेलन को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। श्री राम विलास पासवान ने कहा कि उनका मंत्रालय नये सुरक्षा उपभोक्‍ता अधिनियम पर भी कार्य कर रहा है जिसमें उपभोक्‍तओं की हितों की सुरक्षा के लिए सख्‍त नियम होंगे। इस अधिनियम के तहत एक प्राधिकरण का प्रस्‍ताव रखा गया है जो उत्‍पाद एवं सेवाओं के गुणवत्‍तापूर्ण न होने की स्थिति में खुद से कार्रवाई कर सकता है। मंत्री महोदय ने कहा कि एमआरपी से अधिक कीमत वसूलना अनुचित व्‍यापार प्रचलन है। उन्‍होंने उम्‍मीद जताई कि नया उपभोक्‍ता कानून इस पर अंकुश लगाने में प्रभावी होगा।

श्री राम विलास पासवान ने भ्रामक विज्ञापनों की चर्चा करते हुए कहा कि नये उपभोक्‍ता सुरक्षा कानून में कारगर प्रावधानों का प्रस्‍ताव रखा गया है। यह कानून लोगों को देश के किसी भी स्‍थान से उपभोक्‍ता अदालतों में ऑन लाइन शिकायत दर्ज कराने में सक्षम बनाएगा और अदालतों में उनकी शिकायतों का समयबद्ध निवारण सुनिश्चित करेगा।

श्री राम विलास पासवान ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आरंभ किए गए सुधारों को रेखांकित करते हुए कहा कि राशन कार्डों का 100 प्रतिशत डिजिटाजेशन पूरा कर लिया गया है और 70 प्रतिशत कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है जिससे कि प्रणाली अधिक पारदर्शी और लीकप्रूफ बन सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 81 करोड़ से अधिक लोग राष्‍ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सब्सिडी प्राप्‍त खाद्यान्‍न अर्थात 2रु./प्रति किलो ग्राम गेहूं और 3 रु./प्रतिकिलो ग्राम चावल प्राप्‍त कर रहे हैं। बहुत जल्‍द तमिलनाडु को छोड़कर पूरे देश के लाभार्थियों को खाद्यान प्राप्‍त होना आरंभ हो जाएगा क्‍योंकि केरल ने भी अगले महीने से इस कानून को अमल में लाने पर सहमति व्‍यक्‍त कर दी है।

अनिवार्य वस्‍तुओं, विशेष रूप से दालों की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को उद्धृत करते हुए श्री राम विलास पासवान ने कहा कि किसानों को दिए गए प्रोत्‍साहन से जल्‍द ही दाल की उपलब्‍धता में बढोतरी होगी। उन्‍होंने कहा कि दालों के लिए एमएसपी बढ़ाने के अति‍रिक्‍त सरकारी एजेंसियां 20 लाख मीट्रिक टन के बफर स्‍टॉक के लिए बाजार मूल्‍य पर किसानों से दालों की सीधी खरीद कर रही हैं। उन्‍होंने कहा कि राज्‍यों को इस स्‍टॉक से सब्सिडी प्राप्‍त दरों पर दाल उपलब्‍ध कराए जा रहे हैं।

श्री राम विलास पासवान ने जोर देकर कहा कि उपभोक्‍त जागरुकता उनके हितों की सुरक्षा के लिए काफी महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने मीडिया से अपील की कि वह इस बारे में एक सक्रिय भूमिका अदा करे। 

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