Wednesday, October 5, 2016

रजिस्ट्रेशन के नाम पर लोगों को लूटने का गोरख धंधा चला रही है सी.एस.कंसल्टेंट कंपनी



फरीदाबाद 5 अक्टूबर(abtaknews.com )शहर में इन दिनों गाड़ी फाईनेंस व रजिस्ट्रेशन करवाने की आड़ में लोगों को ठगने वाले दर्जनों फाईनेंस कंपनियों एवं कंसल्टेंट कंपनियों के एजेंट सक्रिय है। इन कंपनियों के कर्मचारी पहले तो लोगों को गाड़ी फाईनेंस करवाने की ऑफर देकर अपने चुंगल में फंसा लेते है और गाड़ी फाईनेंस होने के बाद रजिस्ट्रेशन करवाने की आड़ में उनके द्वारा दिए चैकों को गुम होना बताकर उस राशि का नकद भुगतान करते हुए हजारों रूपए का चूना लगाते है। ऐसे ही कई मामले इन दिनों एन.एच.-5 स्थित सी.एस. कंसलटेंट कंपनी के एजेंटों द्वारा अंजाम दिए गए है। जिसमें कंपनी के किसी कर्मचारी द्वारा विभिन्न व्यक्तियों को गाड़ी फाईनेंस करवाने और उनका रजिस्ट्रेशन दिलवाने के नाम पर हजारों रूपए डकार लिए गए है। परंतु अभी तक उन गाडियों को नंबर नहीं दिलवाए। ऐसे ही दो मामले हाल-फिलहाल एन.एच.-2 के पुलिस चौकी नंबर-2 में सामने आए है, जिसमें एन.एच.-2 निवासी महेंद्र कुमार भाटिया का है, जिन्होंने स्थानीय पुलिस में शिकायत करते हुए कंपनी के एजेंट के साथ-साथ कंपनी मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। महेंद्र कुमार भाटिया ने पुलिस में दी शिकायत में बताया कि उसने एक बालिनो कार एन.एच.-5 स्थित सीएस कंसलटेंट कंपनी के माध्यम से एचडीएफसी बैंक फरीदाबाद से फाईनेंस करवाई थी। लोन मंजूर कराने से पहले कंपनी के कर्मचारी पवन बख्शी एवं एजेंट संजय भाटिया ने उसे कहा था कि गाडी फाईनेंस आप हमारे माध्यम से कराओगे तो आपको गाडी का रजिस्ट्रेशन भी हमारे माध्यम से करवाना होगा, जिस पर उन्होंने रजिस्ट्रेशन हेतु चैक भुगतान कर दिया। श्री भाटिया ने बताया कि गाडी फाईनेंस करवाने के उपरांत सी.एस. कंसलटेंट के कर्मचारी संजय भाटिया निवासी एन.एच.-3 उसके घर आया और गाड़ी रजिस्ट्रेशन के लिए उससे 31500 का चैक लेकर चला गया। कुछ दिन बाद वह आया और बोला कि वह चैक उससे गुम हो गया है। रजिस्ट्रेशन की आखिरी तिथि का हवाला देते हुए संजय भाटिया ने कहा कि भले ही वह उस चैक की पैमेंट स्टॉप करवा दें और उसे नकद पैमेंट दे दे।  इस पर उन्होंने संजय भाटिया को 30000 रूपए का सैल्फ का चैक व 1500 रूपए नकद दे दिए। उसने कहा कि आपका नंबर आ गया है, उसने एचआर-51बीके-8196 नंबर उन्हें बताया परंतु उन्होंने जब कहा कि आरसी बिना वह गाडी में नंबर कैसे लिखेंगे तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और उनके फोन उठाने बंद कर दिए। इस पर शक होने पर भाटिया ने तफ्तीश की कि तो पाया कि वह नंबर पहले से ही किसी बाईक के नाम पर अलॉट है। तदोपरांत वह जब सी.एस. कंसलटेंट कंपनी के मालिक सुशील सिंह से मिले और उन्होंने बताया कि संजय भाटिया भी मेरा फोन नहीं उठा रहा है और आप पर 150 रूपए प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी लग रही है। इस पर भाटिया ने कहा कि मेरी बात कंपनी से हुई है न कि संजय भाटिया से इसलिए आप हमारी गाडी का रजिस्ट्रेशन करवाओ। तो सुशील सिंह ने कहा कि संजय भाटिया हमारा कर्मचारी ही नहीं है और आपके सारे कागजात मेरे ही पास है और यदि आपसे पैसे जमा नहीं करवाए या रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया तो आपके खिलाफ बाऊंस करवाने का केस दायर करवा दूंगा। पीडित महेंद्र भाटिया ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि सीएस कंसल्टेंट कंपनी के पास उसके गाडी के असली बिल, टैम्परी रजिस्ट्रेशन, पेन कार्ड, आधार कार्ड, शपथ व रजिस्ट्रेशन से संबंधित मेरे हस्ताक्षरशुदा फार्म है, जिनका वह गलत उपयोग भी कर सकता है इसलिए कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करते हुए उन्हें रजिस्ट्रेशन करवाकर देते न्याय दिलवाया जाए। इससे पूर्व भी ममता नामक एक महिला के साथ भी इसी प्रकार धोखाधडी की गई थी, जिसका निपटारा थाना में लिखित रूप में हुआ था। 

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