Saturday, October 1, 2016

प्रत्येक भारतवासी की सोच में देश के प्रति वफादारी की भावना लानी होगी;-कप्तान सिंह सोलंकी


चण्डीगढ, 01 अक्तुबर(abtaknews.com ) हरियाणा के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी ने कहा कि हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक प्रत्येक भारतवासी की सोच में देश के प्रति वफादारी की भावना लानी होगी। महाराजा अग्रसैन हर वर्ग के लोगों को एक ईंट व एक रुपया प्रत्येक घर से एकत्रित करके प्रत्येक वर्ग का भला करने का काम करवाते थे। उनके गुणों को प्रत्येक भारतवासी अपने में धारण करेगा, तभी एक सम्पन्न राष्ट्र का निर्माण होगा और देश में कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहेगा। यह बात आज उन्होंने जिला हिसार के अग्रोहा में आयोजित अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन में महाराजा अग्रसैन के 5140वें जन्मोत्सव पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए कही।

उन्होंने कहा कि महाराज अग्रसैन के विचारों और गुणों को अपने आचरण में शामिल करके आगे बढने की जरूरत है और समाज में आर्थिक समानता के लिए उनके एक ईंट, एक रुपये के सिंद्धांत पर काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यदि हम अग्रसैन महाराज के सिद्धांतों का भाव हम सबमें हो तो भारत दुनिया का अग्रणी देश बन सकता है।  उनके सिद्धांत मानव जाति को अमीर-गरीब में समानता का भाव पैदा करते हैं।  प्रत्येक भारतवासी को अपने आचरण, सोच में समानता के साथ-साथ सामाजिक समरसता व चरित्र निर्माण पर बल देना होगा।   उनके सिद्धांतों में समानता, सामाजिक समरसता, स्वतंत्रता, सम्पर्णता, सहिष्णुता व सेवा की भावना का चित्रण देखने को मिलता है। 


उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनों को साकार करना है तो महाराजा अग्रसैन के सिद्धांतों को क्रियान्वित करना होगा। हिमालय से लेकर हिन्द महासागर तक प्रत्येक भारतवासी की सोच में देश के प्रति वफादारी की भावना लानी होगी। महाराजा अग्रसैन हर वर्ग के लोगों को एक ईंट व एक रुपया प्रत्येक घर से एकत्रित करके प्रत्येक वर्ग का भला करने का काम करवाते थे। उनके गुणों को प्रत्येक भारतवासी अपने में धारण करेगा, तभी एक सम्पन्न राष्ट्र का निर्माण होगा और देश में कोई भी व्यक्ति गरीब नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि ये सब बातें भारत वर्ष में क्रियान्वित हो जाएंगी तो देश में गरीबी, जातिवाद, भाई-भतिजावाद व पक्षपात अपने आप खत्म हो जाएगा। देश कें गरीब से गरीब व्यक्ति को भी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए और उसे स्वतंत्रता प्राप्ति का आभास होना चाहिए। देश में गरीब का शोषण व उसके साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। स्वतंत्रता का सही मायने में अर्थ है जीओ और जीने दो, खाओ और खाने दो।

राज्यपाल ने कहा कि देश की सम्पन्नता में समाज के प्रत्येक वर्ग का विशेष महत्व होता है। समाज सरकार से बड़ा होता है। समाज का प्रत्येक नागरिक महाराजा अग्रसैन के गुणों को क्रियान्वित करेगा तो सरकार उनकी बातों को मानने के लिए हर समय तैयार रहेगी। समाज को हमेशा वरीयता देनी चाहिए। महात्मा गांधी के ट्रस्टी सिद्धांत को अपनाना होगा। स्वामी विवेकानंद जी ने कहा है कि तुम जो कमा रहे हो, उसमें से तुम्हें जो खाने के लिए मिलता है, वह तुम्हारा अपना है, बाकी  सारा समाज का है। हमारे जीवन में सम्पर्णता की भावना होनी चाहिए। जगत गुरू शंकराचार्य ने भी पूरे भारतवर्ष को एक माना और मानव कल्याण के लिए पूरे राष्ट्र का भ्रमण किया। 
उन्होंने अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा गत वर्ष 15 अप्रैल से भगवान अग्रसैन की अग्र चेतना  सद्भावना रथ यात्रा की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह यात्रा देश को एकता के सूत्र में बांधने के लिए मिल का पत्थर साबित होगी। लगभग डेढ वर्ष के कार्यकाल में रथ यात्रा ने एक लाख 60 हजार किलोमीटर भारत के प्रत्येक प्रांत से गुजरकर समाज में जागरूकता लाने का काम किया है। उन्होंने यात्रा करने वाले सभी सहभागियों को कहा कि इस यात्रा से उनके जीवन में अवश्य परिवर्तन आएगा। अपने यात्रा के अनुभव व विचारों को अवश्य लिखना, वे भावी पीढियों के लिए मार्गदर्शक बनेंगे। 


मुख्य संसदीय सचिव डा. कमल गुप्ता ने महाराजा अग्रसैन के जन्मोत्सव कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमारे वंशजों का इतिहास गौरवशाली रहा है। अग्रवाल समाज ने पूरे देश को देशभक्ति का संदेश दिया है। उसी का परिणाम है कि देश की जनता ने एक साधारण परिवार में जन्में नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री के रूप में चुना है। उन्होंने कहा कि हाल ही में जम्मू कश्मीर के उड़ी क्षेत्र में पाकिस्तानी उग्रवादियों द्वारा हमारी सेना पर जो हमला किया था, उसका बदला हमारे देश के जवानों ने पाकिस्तान में घुसकर उग्रवादियों के कई कैंपों को नष्ट करके लिया है, जिसकी प्रशंसा आज पूरे विश्व में हो रही है। प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास करके महाराजा अग्रसैन की नीतियों पर चल कर जनकल्याण के कार्य कर रही है। 
 
विधायक ज्ञानचंद गुप्ता ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश में महाराजा अग्रसैन जैसे अनेक महापुरूष हुए हैं, जिनके बताए गए संदेशों में देश की समानता व समृद्ध संस्कृति का उल्लेख मिलता है।  महाराजा अग्रसैन सबसे बड़े समाजवादी थे। उन्होंने अग्रोहा में सभी जातियों के लोगों को बसाने का काम किया था। देश की आजादी मेें अग्रवाल समाज के 29 प्रतिशत लोगों ने अपना विशेष योगदान दिया था। महात्मा गांधी, लाला लाजपतराय जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी अग्रवाल समाज के ही थे। आज देश में अग्रवाल समाज द्वारा धर्मशालाएं, शैक्षणिक संस्थानों सहित लाईब्रेरी, अस्पताल चलाए जा रहे हैं, जिनमें हर वर्ग के लोगों को समान रूप से सुविधाएं मिल रही हैं। 


पूर्व मंत्री गणेशी लाल ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय, डा. भीम राव अम्बेडकर, राम कृष्ण मिशन, राम मनोहर लोहिया सहित अनेक महान लोगों ने महाराजा अग्रसैन की नीतियों को अपने जीवन में ढालकर उन्हें क्रियान्वित किया है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी महाराजा अग्रसैन की नीतियों को क्रियान्वित करके योग के क्षेत्र में भारत को विश्व गुरू बनाने का काम किया है। देश का पहला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी है, जो महाराजा अग्रसैन के नियमों पर काम कर रहा है।  कार्यक्रम को अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता, प्रदेश अध्यक्ष गोपाल शरण गर्ग, प्रदेश गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी राम मंगला, आचार्य नरवदा शंकर, बनवारी लाल, संत कुमार गुप्ता, अनिल गोयल, कूलभूषण गोयल व सीबी गोयल ने भी सम्बोधित किया। 

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