Wednesday, October 5, 2016

बरसात के थपेडों ने की फसल बर्बाद, हजारो एकड़ भूमि पर धान, सब्जी को भारी नुकसान



फरीदाबाद (abtaknews.com ) मंगलवार दोपहरबाद तेज हवाओ के साथ हुई बरसात के थपेडों ने हजारो एकड़ में फैली फसल को बर्बाद कर दिया है। लगभग डेढ़ घंटे की इस बेमौसमी बारिश ने किसानों की तैयार खड़ी धान की फसल को जमीन में बिच्छा दिया इसके अलावा पालक, मैथी  और गौभी जैसी सब्जिया बरसाती पानी में डूब गई है। नहर पार की किसानो ने अबतक न्यूज़ पोर्टल को दी जानकारी में बताया कि मंगल किसानों के लिए अमंगल हो गया है।

फरीदाबाद में हुई तेज मूसलाधार बरसात से ग्रेटर फरीदाबाद के किसानों को करोडों रूपये का नुक्सान हुआ है, पूरे क्षेत्र के करीब 15 सौ एकड में लहलाहती हुई धान की फसल मिट्टी में मिल गई है, एक दिन पहले तक किसान अपनी फसल को देखकर काफी खुश नजर आ रहे थे मगर कुदरत के कहर ने अब उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। किसानों का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है उन्हें अब बस सरकार से मदद की उम्मीद है।

कुदरत का कहर किसानों के उपर ऐसा बरसा की किसान अपनी बर्बादी का मंजर अपनी आंखों के सामने देखते रहे और कुछ न कर सके, जी हां हम बात कर रहे हैं गत दिवस फरीदाबाद में हुई करीब डेढ घंटे तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिस की, जिसने ग्रेटर फरीदाबाद के किसानों की कई महीने की मेहनत पर पानी फेर दिया। ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र की करीब 15 सौं एकड जमीन में लगी हुई धान की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है जिसकी कीमत करोडों में आंकी जा रही है।

बरसात से एक दिन पहले की हैं जिसमें धान की फसल लहलाहती हुई नजर आ रही है किसान अपनी फसल को देखकर कितना खुश है मगर उसे कहां पता था कि उसकी इस खुशी को इतनी जल्दी कुदरत की नजर लग जायेगी,, पूरी तरह से गिरी हुई दिखाई दे रही फसल प्रगतिशील किसान धर्मपाल त्यागी की है, जिसने पूरे 26 एकड में धान के विभिन्न प्रकार के बीजों को उगाया है, इस बार किसान ने अपने खेत में जापान के प्रसिद्व चावल को भी ट्राई करके देखा है जिसे देखने के लिये बासमती चावलों के बीजों की मशहूर कंपनी के अधिकारियों ने भी बरसात से पूर्व निरीक्षण किया था और जमकर किसान धर्मपाल त्यागी की प्रसंशा की थी।

इस बारे में पीडित प्रगतिशील किसान धर्मपाल त्यागी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी तक कई बर्षो के बाद ऐसी फसल देखने को मिली थी मौसम बहुत अच्छा चला आ रहा था और वो भी बहुत खुश थे कि इस बार की फसल उन्हें काफी मुनाफ देगी मगर उन्हें क्या पता था कि जो सपने वो देख रहे हैं वो साकार नहीं होंगे,, एक दिन पूर्व आई बरसात ने उन्हें पूरी तरह बर्बाद कर दिया है, उन्होंने अपने करीब 26 एकड जमीन में विभिन्न प्रकार के चावलों के बीज उगाये हुए थे जिसे वो अन्य प्रदेशों के किसानों तक पहुंचाना चाहते थे मगर अब उन्हें लगता है कि अगले साल के लिये उनके पास खुद अपनी जमीन में बीज डालने के लिये बीज ही नहीं बचे, क्योंकि 80 प्रतिशत फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। पूरी फसल का दाम आंका जाये तो कई लाख रूपये का नुक्सान हुआ है उन्हें अब बस सरकार से उम्मीद है क्योंकि उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पॉलिसी भी कराई हुई और सरकार भी किसानों की कुछ मदद जरूर करेगी।

गांव पलवली के प्रगतिशील किसान पंडित ज्ञानचंद शर्मा  ने कहा कि उनके 12 एकड जमीन में धान की फसल थी जो बहुत अच्छी थी मगर बरसात ने पूरी फसल को तैस- नैस कर दिया है, पूरी फसल नीचे गिर गई है जो कि पानी में डूब रही है, किसनों का बहुत भारी नुक्सान हुआ है अगर सरकार ने समय से किसानों को राहत नहीं पहुंचाई तो किसाना कहीं का भी नहीं रहेगा।

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