Monday, October 3, 2016

विकासशील भारत का मन स्वच्छता को जनआन्दोलन बनाने का: वेंकैया नायडू




इस महीने की 25 तारीख को शुरू हुआ स्वच्छ भारत सप्ताह आज संपन्न हो गया। इस मौके पर गुजरात और आंध्र प्रदेश अपने-अपने शहरों और नगरों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने वाले पहले राज्य हो गये हैं। महात्मा गांधी की 147वीं जयंती और स्वच्छ भारत मिशन की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर पोरबंदर सहित कुछ जिले खुल में शौच से मुक्त घोषित किए गए।महात्मा गांधी का पैतृक जिला पोरबंदर और गुजरात के सभी 180 नगर औऱ शहर पोरबंदर में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपानी की मौजूदगी में खुले में शौच से मुक्त घोषित किए गए। आंध्र प्रदेश में तिरुपति में आयोजित एक समारोह में राज्य के मुख्य मंत्री श्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने प्रदेश के सभी 110 शहरों को खुले में शौच से मुक्त घोषित किया।
वीडियो संपर्क के माध्यम से पोरबंदर के कार्यक्रम में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए शहरी विकास मंत्री श्री एम.वेंकैया नायडू ने कहा कि पोरबंदर जिला तथा अन्य इलाकों को महात्मा गांधी की जयंती पर खुले में शौच से मुक्त घोषित करना महात्मा को अंतरिम उपहार है और महात्मा गांधी की 150वीं जयंती 02 अक्टूबर, 2019 को स्वच्छ भारत का अंतिम उपहार गांधी जी को प्रस्तुत किया जाएगा। विकासशील भारत का मन स्वच्छता के लिए है और स्वच्छ भारत मिशन जनआंदोलन बनता जा रहा है। लोगों की भागीदारी से स्वच्छ भारत का सपना साकार होगा।तिरुपति के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने लोगों से आग्रह किया कि वे उसी भावना से स्वच्छाग्रही बनें जिस तरह देश की राजनीतिक स्वतंत्रता के लिए सत्याग्रहियों की भावना थी ताकि देश गंदगी से मुक्त हो सके। उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन के लिए आंध्र प्रदेश को 186 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
श्री नायडू ने गुजरात और आंध्र प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को खुले में शौच से मुक्त घोषित करने के लिए मुख्यमंत्रियों, संबंधित मंत्रियों, महापौर, पार्षद, पालिका आयुक्तों तथा जनता की सराहना की। सूचना और प्रसारण मंत्रालय और राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम द्वारा आयोजित स्वच्छता पर लघु फिल्म समारोह को संबोधित करते हुए श्री नायडू ने कहा कि स्वच्छ भारत में लोगों की दिलचस्पी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बढ़ायी और यह मिशन अब जनआंदोलन बन गया है। स्वच्छ भारत का श्रेय जनता तथा मुख्यमंत्रियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों सहित सभी हितधारकों को मिलेगा। मन और शरीर अद्वैत की तरह एक दूसरे से अलग नहीं किए जा सकते। स्वच्छ शरीर में ही स्वच्छ मस्तिष्क का वास होता है। साफ-सफाई से रहने वाले लोग वातावरण को स्वच्छ रखते हैं। स्वच्छ भारत के लिए निजी गतिविधि से सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने स्वच्छता पर प्रेरक लघु फिल्में बनाने के लिए युवा फिल्म निर्माताओं की सराहना की।
श्री नायडू ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक महात्मा के पद चिन्हों पर गांधी और स्वच्छता का लोकार्पण किया। यह पुस्तक जाने माने गांधीवादी प्रोफेसर सुदर्शन आयंगर की लिखी है।स्वच्छ भारत सप्ताह के अंतिम दिन आज नायडू ने एनडीएमसी द्वारा आयोजित स्वच्छ जागरूकता रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। एनडीएमसी द्वारा आयोजित एक समारोह में गृहमंत्री श्री राजनाथ सिंह ने कनॉट प्लेस में लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई।आज श्री वेंकैया नायडू और संचार मंत्री श्री मनोज सिन्हा द्वारा स्वच्छता पर डाक टिकट जारी किया गया।
देश के 82 हजार शहरी वाडों में से 20 हजार वाडों के साथ अब तक 405 शहर खुले में शौच से मुक्त घोषित किए गए हैं। अन्य 334 शहर अगले वर्ष मार्च तक खुल में शौच से मुक्त घोषित हो जाएंगे।महाराष्ट्र, केरल, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम तथा अन्य पूर्वोत्तर राज्य शहरी क्षेत्रों को शीघ्र खुले में शौच से मुक्त घोषित करने की दिशा में अग्रसर हैं।

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