Monday, October 3, 2016

बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरित पहुंची दौलताबाद



फरीदाबाद, 3 अक्तूबर(abtaknews.com) इंकम टैक्स कमिश्नर दिल्ली प्रदेश एवं बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरित (आईआरएस)ने कहा कि संविधान निर्माता भारत रत्न डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को हुडा विभाग द्वारा तोडने का प्रयास करना बहुत निंदनीय कार्य हैं। प्रदेश सरकार को यह घटना संज्ञान में लेकर उक्त अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी हमारे देश के सम्मानीय व पूजनीय महान लोगो की प्रतिमा को तोडने या खंडित करने की चेष्टा न कर सके। ज्ञात हो कि प्रीता हरित पूरे देश में अनुसूचित जाति की एक बडी नेता हैं जो दलितों पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं।
इसके अलावा हरियाणा प्रदेश के प्रभारी वेदप्रकाश ने भी बाबा साहब की प्रतिमा को बचाने के लिए सरकार को पत्र लिखने को कहा कि वे प्रदेश व केन्द्र सरकार के उच्च नेतृत्व को इसकी सूचना देंगे ताकि हरियाणा प्रदेश के दलितो के साथ इस तरह की घटना ना हो कि जिससे उनकी भावनाओं को ठेस पंहुचे। इंकम टैक्स कमिश्नर दिल्ली प्रदेश एवं बहुजन सम्यक संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रीता हरित (आईआरएस) ने उक्त विचार आज गाँव दौलताबाद वासियों द्वारा किये जा रहे धरने पर आकर व्यक्त किये। 

ओल्ड फरीदाबाद स्थित गाँव दौलताबाद में बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को बचाने के लिए गांंववासियों का धरना नौवें दिन भी जारी रहा। धरने पर गांव के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनो के लोग भी सैकंडो की संख्या में बैठे रहे। 
श्रीमती प्रीता हरित ने लोगो को सम्बोधित करते हुए कहा कि बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर ने अपना जीवन अस्पृश्य कहे जाने वाले समाज को अन्य उच्च वर्गो के समान अधिकार दिलाने मे लगा दिया था। उनके द्वारा बनाये गये संविधान में सभी देश वासियों को समान अधिकार दिलाकर गरीबों, अछुतों और सभी धर्माे को समान बना दिया। अनुसूचित जाति व जनजाति के लोगो शिक्षा का अधिकार दिलाकर उनको भी सामान्य धारा मे ला दिया। यहीं कारण हैं कि आज अनुसूचित जाति के लोग बाबा साहब अम्बेडकर को अपना भगवान मानते हैं। ऐसे में प्रशासन द्वारा उनके भगवान बाबा साहब अम्बेडक र की प्रतिमा को तोडने का फैसला लेना बहुत निंदनीय है इससे दलित वर्ग की भावनाओं को ठेस पंहुचेगी। उन्होने कहा कि वे हुडा विभाग के उच्च अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्या का समाधान निकालेंगे। उन्होने कहा कि गांववासियों के लिए पार्क, सामुदायिक भवन जैसी मूलभूत सुविधाएं देना प्रशासन की जिम्मेवारी बनती है न कि उनकी भावनाओं को ठेस पंहुचाने की। 

ज्ञात हो कि गत 25 सितम्बर को गांव दौलताबाद में बाबा साहब डा. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति के फाउंडेशन को ऊंचा करने के दौरान हुडा विभाग का तोड फोड दस्ता आ गया था और उक्त जमीन पर अपना हक जता कर मूर्ति को तोडने का प्रयास किया गया। लेकिन गांव वासियों की एकता और बिगडते माहौल को देखते हुए यह दस्ता बैरंग वापिस लौट गया था। लेकिन जाते जाते अधिकारियों ने इस प्रतिमा को हटाने की बात कही। जिसके बाद से ही दौलताबाद निवासी दिन-रात इस प्रतिमा के सामने डटे हुए हैं।
इस अवसर पर प्रधान इन्द्रपाल सागर, संजय कुमार, रामफल जांगडा, सुनीता कैन, मोलेशरी, मिशरा देवी, सत्तो, शकुंतला देवी, राजो, बीरवती, ज्ञासो देवी, संतोष, सुरजप्रकाश, महेश गौतम, प्रधुमल, विरेन्द्र सागर, महेश, मुकेश सागर, मुनेश सागर, लखनपाल, राजपाल, महेन्द्र, दर्शन सिंह, राजबीर, जीतकुमार, बिट्टू, बीरसिहं आदि विशेष रूप से मौजूद थे।

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