Monday, October 17, 2016

गैंगरेप पीडिता ने न्याय के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय पर शुरू किया आमरण अनशन




फरीदाबाद-17 अक्टूबर(abtaknews.com ) गैंगरेप पीडिता ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने अनशन शुरू कर दिया है। अनशन के पहले दिन शहर की दर्जनोंं सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे। न्याय के लिए गैंगरेप पीडिता द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन के समर्थन में जैसे ही कॉलेज छात्र पहुंचे पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आनन फानन में कई थानों की पुलिस फोर्स पुलिस मुख्यालय के बाहर तैनात कर दी गई। विगत 11 महीने से न्याय के लिए लड़ाई लड रही गैंगरेप पीडिता ने पुलिस प्रशासन की कछुआ गति से चल रही छानबीन से तंग आकर अब आमरन अनशन शुरू कर दिया है।  

सेक्टर 21 सी स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय के बाहर अपनी मांगों को लेकर एवं दोषियों की गिरफ्तारी तक अपना अनशन जारी रखने वाली गैंगरेप पीडिता के इस धरने में प्रख्यात अनशनकारी बाबा रामकेवल, डॉक्टर आलोक दीप, मिशन जागृति के प्रवेश मलिक, युवा आगाज संगठन के जसवंत पंवार, अजय डागर, रामपाल जांगड़ा, मनीष शर्मा, शालिनी मेहता, पूनम मुख्यरूप से उपस्थित रहे।
गैंगरेप पीडिता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह विगत 11 महीनों से न्याय पाने के लिए कानूनी व्यवस्था की हर चौखट पर गुहार लगा कर थक चुकी है। पीडिता ने जब ईच्छा मृत्यु के लिए राष्ट्रपति, मुख्यन्यायधीश, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा तो फरीदाबाद पुलिस ने आनन फानन में दो ओरापियों को गिरफ्तार किया लेकिन उनके सहयोगी तीन अन्य आरोपियों जिसमें अवधेश, तन्नु और ऋतु को बचाने में जुटी हुई है। ये सभी आरोपी बेटी बचाओ अभियान से जुडे हुए हैं,पुलिस इनकी गिरफ्तारी जानबूझ कर नही कर रही इन्हें बचाने में लगी हुई है। उक्त तीनो आरोपी मुझे आए दिन धमकी देते और जलील करते हैं। इस अधूरे न्याय से दुखी होकर ही मैने पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया है।

क्या है मामला - पीडिता जो कि फरीदाबाद की रहने वाली है जिसके साथ मथुरा-वृंदावन में 31 अक्टूबर, 2015 को सामूहिक बलात्कार किया गया जिसमें कुल 5 लोग शामिल थे। इस शर्मनाक वारदात का आरोपियों ने एमएमएस बनाकर पीडिता और उसकी नाबालिक बेटियों को दिखाना शुरू कर दिया और धमकी देने लगे कि अगर उसने मामला वापिस नहीं लिया तो जो उसके साथ किया है वही उसकी नाबालिक बेटियों के साथ करेंगे। उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर पीडिता पिछले 11 महीने से न्याय के लिए अभीतक भटक रही है। पीडिता ने कहा कि न्याय के लिए गुहार लगा लगाकर मैं थक चुकी हूं लेकिन पुलिस प्रशासन मेरी परेशानी को नही समझा, मैं पहले अनशन करूंगी और उसके बाद भी न्याय नही मिला तो पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने ही आत्मदाह कर लूंगीं शायद मेरी मौत के बाद ही पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी? इसलिए पुलिस मुझे आमरण अनशन और आत्मदाह करने के लिए बाध्य कर रही है?


loading...
SHARE THIS

0 comments: