Saturday, September 17, 2016

हरियाणा की इकलौती बेटी रूस में मारेगी किक, गोल्ड मैडल का दावा


फरीदाबाद 17 सितंबर। हरियााणा के खिलाड़ी वैसे तो पूरे देश में नम्बर एक पर रहते है। लेकिन किक बाक्सिंग में हरियाणा से एक मात्र महिला खिलाड़ी रूस में होने वाली वल्र्ड कप चैम्ॅिपयनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेगी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद कुसम ने हिम्मत नहीं हारी और परिवार व कौच के सहयोग तथा कृषी मंत्री ओम प्रकाश धनखन मदद से कुसुम 20 सितम्बर को रूस के लिए रवाना हो जायेगी। वल्र्ड कप में गोल्ड मेडल हासिल करके अपने देश का नाम रोशन करने वाली कुसुम फरीदाबाद में जमकर पसीना बहा रही है। 
 झज्जर के एक छोटे से गांव की रहने वाली किक बाक्सिंग खिलाड़ी कुसुम 11 वी की छात्रा है और 2014 से किक बाक्सिंग में अपने हुनर दिखाती आई है। पहले जिला, प्रदेश और फिर नेशनल और एसियन चैम्पियनशिप में अपना दबदबा दिखा चुकी कुसुम को रूस में होने वाली वल्र्ड कप चैम्पियनशिप के लिए चुना गया है। फरीदाबाद के एनएच तीन स्र्पाट कम्पलैस में बने किक बाक्सिंग रिंग में वह जमकर पसीना बहा रही है, ताकि देश के लिए गोल्ड मेडल ला सकें। कुसुम के कोच उसे वल्र्ड कप के लिए पूरी तरह तैयार कर रहे है। आर्थिक रूप से कमजोर कुसुम के पास रूस जाने तक के पैसे नहीं थे। लेकिन कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड ने दो लाख रूपए की सहायता करके उसके इस सपने को पूरा करने में सहयोग दिया। जिसके लिए कुसुम धनखड का आभार जता रही है। उसका कहना है कि परिवार का सहयोग और कोच के मेहनत के कारण वह इस मुकाम पर पंहुची है और हरियाणा से एक मात्र वही वल्र्ड कप के लिए रूस जा रही है। 
वहीं कुसुम के कोच की माने तो उसे कुसुम पर गर्व है कि उसकी शिष्य इस मुकाम पर पंहुची है। परिवार ने भी कुसुम का पूरा साथ दिया है और कभी बेटी व बेटे में अन्तर नहीं किया। कोच का मानना है कि किसी भी खेल के लिए वित्तिय संशाधन होने बहुत जरूरी है। झज्जर में स्टेडियम तो है , लेकिन सुविधाओं के नाम पर कुछ नहीं है। प्रदेश किक बाक्सिंग सेंटर फरीदाबाद में है और उन्हे यहां पूरा सहयोग मिल रहा है। उन्हे उम्मीद है कि वल्र्ड कप में कुसुम गोल्ड मेडल जीतकर ही लौटेगी।

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