Wednesday, September 21, 2016

गर्भ में पल रहे शिशु की वंशानुगत बीमारी से बचाया जा सकता है



फरीदाबाद (abtaknews.com )२१ सितम्बर २०१६। एशियन इंस्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ अस्पताल में आयोजित आईएफएफएस संस्था द्वारा २२वीं आईवीएफ वर्कशॉप में एक प्रैक्टिकल के माध्यम से प्रतिनिधियों को यह जानकारी भी दी गई कि हम इंब्रीयो बायप्सी के माध्यम से जांच कर यह भी जान सकते हैं कि गर्भ में पल रहा भ्रूण किसी वंशानुगत बीमारी से पीडि़त तो नहीं है जैसे थैलेसीमिया, शारीरिक या मानसिक रूप से आसान्य, हीमोफीलिया आदि।

अब तीन दिन के भू्रण की जांच से ही यह पता लगाया जा सकता है कि भू्रण भविष्य में किसी वंशानुगत बीमारी से पीडि़त हो सकता है या नहीं। अगर भू्रण बीमारी से पीडि़त होगा तो गर्भपात होने और असामान्य होने का खतरा बना रहता है। इसलिए भू्रण इम्प्लांट होने से पहले यह जांच दंपत्ति को स्वस्थ्य बच्चा प्रदान करने में सहायक साबित होती है। तीन दिन के भू्रण की एक कोशिका के माध्यम से यह जांच की जाती है।




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