Wednesday, September 14, 2016

राज्‍य मंत्री मनसुख मांडविया ने अरुणाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर का उद्घाटन किया


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 रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री श्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को ईटानगर के नाहरलगुन में अरुणाचल प्रदेश के पहले प्रधानमंत्री जन औषधि स्टोर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर, अरुणाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्री पेमा खांडू भी उपस्‍थित थे। इस समारोह मेंदोनों गणमान्य व्यक्तियों की उपस्‍थिति में अरुणाचल प्रदेश के स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्याण विभाग और रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग के अधीन एक एजेंसी भारतीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (बीपीपीआई) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के मुताबिकअरुणाचल प्रदेश में 84 जन औषधि स्टोर खोले जाएगें।
अरुणाचल प्रदेश को इस पहल पर बधाई देते हुए श्री मांडविया  ने कहा कि भारत सरकार सीमावर्ती राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पीएमजेएवाई  गरीब और जरूरतमंदों के लिए है और इसलिए मंत्रालय इस योजना के तहत अधिक से अधिक स्टोर खोलने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। उन्होंने चिकित्‍सकों से आह्वान किया कि वे जेनेरिक दवाएं लिखें जिनका मूल्‍य ब्रांडेड दवाईयों से काफी कम है।
गुणवत्तायुक्‍त सस्ती कीमतों पर दवाएं उपलब्ध कराना सरकार के लिए एक प्रमुख चुनौती रही है। बाजार में विभिन्‍न कारणों से ब्रांडेड दवाओं के मूल्‍य जेनेरिक दवाओं की तुलना में काफी ज्यादा हैं। सस्ती कीमतों पर गुणवत्तायुक्‍त दवाएं उपलब्‍ध कराने के उद्देश्य को पूर्ण करने के लिएसरकार समय-समय पर कई विनियामक और राजकोषीय उपाय अपना चुकी है। स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल के क्षेत्र में आम आदमी को राहत प्रदान करने के लिए, सस्‍ती कीमतों पर जेनरिक दवाओं की उपलब्‍धता को सुनिश्‍चित करने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू किया गया। सरकार ने 2016-2017 के दौरान प्रधानमंत्री जन औषधि योजना (पीएमजेएवाईके तहत 3,000 स्टोर खोलने और जेनेरिक दवाओं की आपूर्ति को सुनिश्‍चित करने का फैसला किया है। रसायन और उर्वरक मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत जन औषधी योजना को भारतीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (बीपीपीआईके माध्यम से देशभर में लागू किया जा रहा है। देशभर में 423 जन औषधि स्टोर संचालित हैं।
 प्रधानमंत्री जन औषधि योजना को बढ़ावा देने के लिए, उपलब्धतास्वीकार्यतापहुँच क्षमतासामर्थ्यजागरूकता और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्‍वपूर्ण क्षेत्रों पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जन औषधि योजना अभियान को बढ़ावा देने के लिए एक बार दी जाने वाली वित्‍तीय सहायता को 2.50 लाख रूपए तक बढ़ा दिया गया है (इनमें एक लाख रूपए साजों-सामान,50,000 रूपए कम्‍प्‍यूटर, फ्रिज आदि अन्‍य सामाग्री के लिए और 1 लाख रूपए दवाईयों के संचालन के लिए)। यह वित्‍तीय सहायता सरकारी अस्पतालों में दुकाने खोलने वाले लोगों और व्यक्तिगत उद्यमियोंगैर सरकारी संगठनोंचैरिटेबल ट्रस्ट आदि को दी जाती है।

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