Thursday, September 1, 2016

ड्रा का ड्रामा, हारने वाले वार्डो को रिजर्व कराया, प्रत्याशियों में आक्रोश



फरीदाबाद-सितंबर 01, 2016(abtaknews.com)अंधा बांटे रेवडी और फिर फिर अपनों को दे, या यूं कहें जिसकी लाठी उसकी भैंस वाले कहावतों को आज भाजपा सरकार ने नगर निगम ड्रॉ प्रक्रिया के दौरान सार्थक कर दिखाया है। हर काम में पारदर्शिता का दावा करने वाली सत्तारूढ भाजपा सरकार ने लघुसचिवालय में नगर निगम चुनावों को लेकर ड्रा प्रक्रिया एक बंद कमरे में कराई जहां ज्यादातर भाजपा सदस्यीय टीम उपस्थित थी। बंद कमरे में हुई ड्रा की प्रकिया के दौरान मीडियाकर्मियों का प्रवेश निषेध कर दिया गया। बंद कमरे में ड्रा कैसे कैसे हुआ होगा जन साधारण आसानी से इसका अंदाजा लगा सकती है। जिस वार्ड में पार्टी को हारने का अंदेशा था उसे रिजर्व करा दिया गया ताकि वहां का धुंरधर एवं कर्मठ नेता गलती से भी पार्षद न बन सके। संभावित प्रत्याशियों ने ड्रा पर सवालिया निशान उठाते हुए भारी रोष व्यक्त किया है।
                      (  ड्रा के बाद बाहर आते भाजपा कार्यकर्ता  )
आज लंबे समय से अटके पडे निगम चुनावों के लिये ड्रा प्रक्रिया का कार्य सेक्टर 12 लघुसचिवाल में जिलाउपायुक्त की अध्यक्षता में सम्पन्न किया गया है। अंधेरे कमरे में हुई ड्रा प्रक्रिया को लोकतंत्र प्रणाली के साथ विश्वासघात बताते हुए संभावित प्रत्याशी राजू धरीवाल और अशोक पराशर ने कहा कि वार्डबंदी कमेटी के सदस्यों सहित संबंधिक अधिकारियों को ड्रा कक्ष में बैठने की अनुमति दी गई, इस दौरान मीडियाकर्मियों को भी ड्रा कक्ष से बाहर रखा गया। जिससे गुस्साये उम्मीदवारों ने भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि ड्रा प्रक्रिया एक सोची समझी साजिश के तहत किया जा रहा है जिसमें सिर्फ और सिर्फ भाजपा पार्टी के सदस्य रखे गये हैं जोकि अपनी मनमानी वाले वार्डो को आरक्षित करवा रहे हैं। हालांकि सभी उम्मीदवार घर से सुबह इसी उम्मीद के साथ आये थे कि भाजपा सरकार पारदर्शिता की बात करती है तो शायद ड्रा भी सबके सामने ही निकाले जायेंगे मगर यहां उन्हें सब कुछ उल्टा नजर आया है उन्हें अंदर कक्ष में नहीं जाने दिया है। इसलिये वो इस ड्रा प्रक्रिया का विरोध करते हैं।

ड्रा प्रक्रिया में हिस्सा लेने पहुंचे भाजपा के संभावित उम्मीदवार एवं पूर्व पार्षद धनेश अदलक्खा ने बताया कि ड्रा प्रक्रिया का कार्य नियम के अनुसार किया जा रहा है, जोकि बिल्कुल ठीक है। पूर्व पार्षद अदलक्खा पारदर्शिता और मीडिया कर्मियों की रोक पर पूछे गए सवाल के जबाब से बचकर निकल गए। वहीं ड्रा प्रक्रिया सम्पन्न होने के बाद जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने पत्रकारों को वार्डों के अनुसार ड्रा के बारे में बताते हुए कहा कि 40 वार्डों में से महिलाओं के 14 वार्ड आरक्षित किये हैं तो वहीं एससी और बीसी के लिये चार वार्ड आरक्षित किये गये हैं। बाकी के बचे हुए सभी वार्डों को समान्य रखा गया है। वहींं बंद कमरे में ड्रा प्रक्रिया के बारे में पूछने पर जिला उपायुक्त चंद्रशेखर ने जबाब देते हुए कहा कि उन्होंने वार्डबंदी की सदस्यीय टीम और संबंधित अधिकारियों के सम्मुख ड्रा निकाले हैं वहीं इस प्रक्रिया की उन्होंने वीडियोंग्राफी भी करवाई है।


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