Monday, September 12, 2016

पीड़िता के साथ है परिवार, पुलिस बचा रही है आरोपियों को



फरीदाबाद -सितंबर 12,2016(abtaknews.com) न्याय  न मिलने से परेशान गैंगरेप पीडिता द्वारा सरकार को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगने की खबर का असर  उस वक्त दिखाई दिया जब देर रात करीब 11:30 बजे पुलिस कमीश्रर हनीफ कुरेशी की नींद उड गई और एसीपी राजेश कुमार चेची को पुलिसकर्मियों के साथ वकील को लेकर पीडिता के घर जाने का आदेश दिया, जिसपर घर पहुंचे एसीपी ने पीडिता से कार्यवाही करने के नाम पर दो दिन का समय मांगा है, वहीं पीडिता ने आरोप लगाया है कि पुलिस पीडित को रात में परेशान करने की बजह आरोपी को गिरफ्तार करे और उनपर आरोपियों के साथ समझौता करने का दबाब न बनाये। वहीं पीडिता की नाबालिक बेटियों का कहना है कि मां के साथ हुई घटना के बाद उनका घर निकलना दुभर हो गया है लोग उन्हें गंदी नजरों से देखते हैं, मां को इंसाफ दे दो। 

पुलिस प्रशासन की तिकडमबाजी से तंग आकर गैंगरेप पीडिता द्वारा लिखे गये प्रधानमंत्री, सर्वोच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री हरियाणा और राज्यपाल के लिये पत्र की खबर टीवी चैनलों में प्राथमिकता से दिखाने के बाद बीती रात को ही फरीदाबाद पुलिस प्रशासन की नींद उड गई, जिसका उदाहरण उस वक्त देखने को मिला जब फरीदाबाद के पुलिस कमीश्रर हनीफ कुरेशी ने एसीपी राजेश कुमार चेची को पूरा मामला सोंपते हुए आदेश दिया कि वो अभी रात के करीब 11:30 बजे पीडिता के वकील बार काउंसिल के पूर्व प्रधान जेपी अधाना को लेकर पीडिता के घर जाकर उनसे मुलकात करे। जिसपर एसीपी अपने साथ पुलिसकर्मियों और वकील को लेकर रात्रि के समय पीडिता के घ पहुंचे और पीडिता से कार्यवाही के नाम पर दो दिन का समय मांगा है। 

वहीं इस बारे में पुलिस के साथ गये वकील जेपी अधाना से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इच्छा मृत्यु की मांग करने वाली पीडिता की खबर सुनते ही पूरे  फरीदाबाद पुलिस प्रशासन में सनसनी फैल गई जिससे डर कर पुलिस कर्मीश्रर ने मामले को एसीपी राजेश कुमार चेची को सौंप  दिया और रात को पीडिता से पूरा मामला जानने के लिये भेजा। जिससे अब उन्हें विश्वास है कि पीडिता को जल्द ही न्याय मिल जायेगा।

वहीं रात के समय घर पहुंची पुलिस को देखकर हैरान हो जाने वाली पीडिता ने अबतक न्यूज़ पोर्टल संवाददाता को  बताया कि  पुलिस उन्हें रात को परेशान करने की बजाय आरोपियों को गिरफ्तार करे और उनपर आरोपियों से समझौता करने का दबाब न बनाये। पीडिता ने कहा कि रात को पहुंचे पुलिस अफसर ने कार्यवाही करने के लिये दो दिन का समय मांगा है  और वहीं उनपर समझौता करने का दबाब भी बनाय गया। जिसपर पीडिता ने साफ साफ कहा है कि वो समझौता करके जुर्म को बढावा नहीं देना चाहती है।
पीडिता ने कहा कि आज वो उस जगह पर पहुंच गई है जहां पूरा समाज उससे घृणा करता है, घर से बाहर निकलते ही ताने सुनने पडते हैं, पिछले 8 माह से कोई काम काज नहीं कर पा रही है जिससे घर चलाना मुश्किल हो गई है। क्योंकि पीडिता सैक्टर  में पुराने कपडों को रिपेयर करने का काम करती है, उससे जो भी कमाती है उसी से अपनी तीन लडकियों और एक लडके का पेट पालती है। वहीं पीडिता की नाबालिक बेटी की माने तो मां के साथ हुई घटना के बाद उनका घर से बाहर निकलना ही मुश्किल हो गया है, समाज के लोग उन्हें गंदी नजरों से देखते हैं वो अपने ही घर में कैद होकर रह गई हैं, इसलिये वो चाहती है कि उनकी मां को इंसाफ मिले।


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