Tuesday, September 13, 2016

अमित मित्तल के खिलाफ दिल्ली के बाद फरीदाबाद में भी कोर्ट के आर्डर पर धोखधड़ी का मामला दर्ज



बल्लबगढ़ (btaknews.com) : हजारों लोगों के खून पसीने की कमाई को डकार कर फरार होने वाले अमित मित्तल के खिलाफ पुलिस ने एक और धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। अदालत के आदेश पर दर्ज किए इस मामले ने अब अमित मित्तल की मुश्किले और बढ़ा दी है। पहले से ही कई मामलों में वांछित अमित मित्तल के खिलाफ दर्ज धोखा धडी और जान से मारने की धमकी के मामलें से अब उन लोगों के भी हौसले बढ़ेगें, जो अमित और उसके संरक्षण दाताओं की वजह से उसके खिलाफ कोई कार्रवाही नहीं करा पायें थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के विपरीत पुलिस ने इस मामलें को अदालत के आदेश के चार दिन बाद दर्ज किया है। लेकिन अब पुन: फरीदाबाद आने का सपना देखने वाले अमित मित्तल के सपने को तो धक्का लगेगा ही, साथ ही अदालत के आदेश पर दर्ज मुकदमें ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्र चिन्ह उठा दिए है। 


फाईनेंस और प्लाट दिलाने का झांसा देकर अमित मित्तल शहर के लोगों को अचानक धता दिखाकर ढाई सौ करोड रूपए डकार कर फरार हो गया। लोगों ने जब भी उससे पैसे मांगने की कोशिश की तो उन्हे धमका कर भगा दिया कि उनकी उपर तक पंहुच है। पैसे और सत्ताधारी कुछ नेताओं के संरक्षण में पलने वाले इस तरह के लोग लोगों के गाढे खून पसीने की कमाई का तो डकार ही लेते है। उपर से पुलिस भी इनका ही साथ देती है। ऐसा ही कुछ उन लोगों के साथ हुआ जो स्वयं के साथ हुई इस ठगी की शिकायत लेकर पुलिस के पास पंहुचे। लेकिन स्थानीय थाना तो दूर पुलिस आयुक्त तक ने उनकी एक नहीं सुनी और सारी शिकायतें धूल चाटती रही। लेकिन अमित मित्तल की ही ठगी के शिकार पत्रकार प्रमोद गोयल ने हार नहीं मानी और पुलिस आयुक्त से लेकर पुलिस महानिदेशक तक से इसकी शिकायत की, लेकिन पैसे और राजनेतिक सरंक्षण के दबाव के चलते इन पर कोई कार्रवाही नहीं हो पाई। अंत में पीडि़त ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और न्यायलय ने इस मामलें में आरोपी अमित मित्तल के खिलाफ धोखधडी और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करने के आदेश थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस को दिए। लेकिन अदालत के आदेश के चार दिन बाद काफी कशमकश के बाद ही पुलिस ने मामला दर्ज किया। 

 पीड़ित प्रमोद गोयल ने बताया कि  कई सौ करोड की ठगी के आरोपी अमित मितल के खिलाफ पीडि़त लोग कई बार मोर्चा व धरना प्रदर्शन कर चुके है। लेकिन सांठगांठ के चलते पुलिस ने उसके खिलाफ कोई कार्रवाही नहीं की। बढ़ते दबाव के चलते केवल डा. के के सरदाना की शिकायत पर ही मामला दर्ज किया। जबकि अमित मित्तल के खिलाफ बल्लभगढ में आत्म हत्या के लिए उकसाने का मामला और दिल्ली में धोखाधडी का मामला दर्ज था और दिल्ली पुलिस ने इस मामले में फरार अमित मितल को नोयडा से गिरफ्तार कर लिया। तो फरीदाबाद पुलिस को मजबूरन उसे ट्रांजिक रिमांड पर लाना पड़ा और दो दिन का पुलिस रिमान्ड भी लिया। लेकिन इस दौरान उससे न तो कुछ बरामद किया और न ही कडी पूछताछ की गई। इस मामलें में डा. सरदाना को कोई भरपाई नहीं हो पाई और अमित मित्तल पुलिस की मेहरबानी से दो दिन का पुलिस रिमांड व 14 दिन की न्यायिक हिरासत काट आया। 

 याचिका कर्ता प्रमोद गोयल के वकील निबरास अहमद का कहना है कि जब पीडि़त को पुलिस से कहीं न्याय नहीं मिला तो उसने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। दोषी अमित मित्तल जिसके खिलाफ अनेकों केस अदालत में विचाराधीन है, के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज कराने की गुहार अतिरिक्त मुख्य दंडाधिकारी की अदालत में लगाई। अदालत ने वादी पक्ष की दलिल सुनने के बाद थाना शहर बल्लभगढ़ पुलिस को मामला दर्ज करके जांच करने और पीडि़त को न्याय दिलाने के आदेश दिए। अमित मित्तल के खिलाफ फरीदाबाद के अलावा दिल्ली में भी धोखधड़ी के मामलें विचाराधीन है। अगर पुलिस इस मामलें में अब भी कार्रवाही नहीं करती है तो अदालत पीडि़त को न्याय दिलायेगी।

थाना शहर बल्लभगढ़ एसएचओं योगेन्द्र सिंह का कहना है कि उन्होने प्रमोद गोयल पत्रकार की शिकायत पर अमित मित्तल के खिलाफ धोखाधडी का मामला दर्ज कर लिया है। यह मामला पहले पुलिस ने क्यों दर्ज नहीं किया, इस पर पुलिस कोई संतोषजनक जबाव नहीं दे पाई। 


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