Tuesday, September 6, 2016

विमुक्त-घुमंतु जाति विकास बोर्ड का गठन ;-मनोहर लाल



चंडीगढ़, 6 सितम्बर(abtaknews.com ) हरियाणा के मुख्यमंत्री  मनोहर लाल ने विमुक्त-घुमंतु जाति विकास बोर्ड गठित करने के प्रस्ताव को सैद्घांतिक स्वीकृति प्रदान की है ताकि विमुक्त जनजातियों को  मुख्यधारा में लाकर उनका उत्थान किया जा सके।अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग कल्याण विभाग के एक प्रवक्ता ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि गाडी लोहार जाति को टपरीवास की सूची में शामिल किया गया है ताकि इस जाति के लोग भी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।  ‘अंत्योदय’ के आदर्श को साकार करने के उद्देश्य से उनके सामाजिक-आर्थिक तथा शैक्षणिक उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। 
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार अनुसूचित जातियों, पिछड़े वर्गों और गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्घ है। अनुसूचित जातियों और पिछड़े वर्गों के लोगों के कल्याण के लिए वर्ष 2016-17 में 674.02 करोड़ रुपये की राशि निर्धारित की गई है जो कि पिछड़े वित्त वर्ष में आबंटित 366.72 करोड़ रुपये की राशि से 83 प्रतिशत अधिक है। 

प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा पिछड़ी जातियां तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग कल्याण निगम द्वारा इस वर्ष जुलाई तक 533 लाभार्थियों को 3.52 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाई गई है। इसीप्रकार, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम द्वारा जून, 2016 तक 302 लाभार्थियों को 1.83 करोड़ रुपयेे की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। 
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जातियों, विमुक्त एवं टपरीवास जाति के गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों को उनकी बेटियों के विवाह पर 41,000 रुपये और सामान्य जाति एवं पिछड़े वर्गों के परिवारों को इस उद्देश्य के लिए 11,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके अतिरिक्त, समाज की अन्य सभी श्रेणियों के लोगों, जिनके पास 2.5 एकड़ कृषि भूमि है या जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, को भी 11,000 रुपये दिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सभी श्रेणियों की विधवाओं, तलाकशुदा एवं निराश्रित महिलाओं तथा अनाथ बच्चों, जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम है, को भी विवाह के लिए 41,000 रुपये दिए जाते हैं। इसी प्रकार, किसी भी श्रेणी या आयु वर्ग की महिला खिलाड़ी को भी उसके स्वयं के विवाह के लिए 31,000 रुपये देने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने सभी श्रेणियों की विधवाओं की बेटियों को दी जाने वाली शगुन राशि को 41,000 रुपये से बढ़ाकर 51,000 रुपये करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। 

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामाजिक समरसता अंतरजातीय विवाह शगुन योजना के तहत अनुसूचित जातियों के लडक़े या लडक़ी से विवाह करने पर एक लाख एक हजार रुपये की राशि प्रोत्साहन स्वरूप प्रदान की जाती है। सरकार ने अनुसूचित जाति के व्यक्तियों के हितों की रक्षा के लिए चलाई जा रही गतिविधियों की निगरानी करने तथा इन लोगों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए उपाय सुझाने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय कमेटी भी गठित की है। 
इसी प्रकार, अनुसूचित जातियों के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत पोस्ट मैट्रिक कक्षाओं में पढ़ रहे विद्यार्थियों को 230 रुपये से लेकर 1200 रुपये तक की मासिक छात्रवृत्ति दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, उन्हें सभी प्रकार की नॉन-रिफंडेबल फीस की भी प्रतिपूर्ति की जा रही है बशर्ते उनकी पारिवारिक आय 2.50 लाख रुपये वार्षिक से अधिक न हो। 
उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति तथा पिछड़े वर्गों से संबंधित लोगों के कल्याण के लिए कई अन्य योजनाएं चलाई जा रही हैं जिनमें डॉ.अम्बेडकर आवास योजना, डॉ. अम्बेडकर मेधावी छात्र योजना, अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की मैरिट का अपग्रेडेशन, कानूनी सहायता तथा बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना शामिल हैं। 

चण्डीगढ़, 6 सितम्बर - हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष श्री कंवरपाल ने विधायक श्री जगबीर सिंह मलिक को वर्ष 2016-17 की शेष अवधि के लिए याचिका कमेटी का सदस्य मनोनीत किया है।  

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