Wednesday, September 28, 2016

अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण योजनाओं पर स्‍टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों का प्रभाव नजर आने लगा है: मुख्‍तार नकवी


अल्‍पसंख्‍यक मामलों के राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) और संसदीय कार्य राज्‍य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा है कि निर्धन, कमजोर वर्गों तथा अल्‍पसंख्‍यकों के संबंध में विकास एजेंडा को प्रथमिकता दिया जाना महत्‍वपूर्ण है ताकि हर प्रकार के नकारात्‍मक एजेंडे को परास्‍त किया जा सके। वे आज यहां राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक विकास एवं वित्‍त निगम (एनएनडीएफसी) के इंटरऐक्टिव वॉयस रिस्‍पॉन्‍स सिस्‍टम के शुभारंभ तथा निगम की स्‍टेट चैनलाइजिंग एजेंसियों के वार्षिक सम्‍मेलन के उद्घाटन अवसर पर बोल रहे थे। श्री नकवी ने कहा कि सरकार अल्‍पसंख्‍यकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा विश्‍वास और विकास के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है। उन्‍होंने कहा कि इस दिशा में मंत्रालय सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। 

श्री नकवी ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों के विकास के लिए नई योजनाओं की घोषणा से कहीं अधिक उनकी कल्‍याण योजनाओं का प्रभावशाली क्रियान्‍वयन जरूरी है। सरकार मैदानी स्‍तर पर योजनाओं के प्रभावशाली कार्यान्‍वयन के लिए हर प्रयास कर रही है। सीखो और कमाओ, नई मंजिल, नई रोशनी जैसी योजनाएं अल्‍पसंख्‍यकों के सशक्तिकरण की गारंटी प्रदान करती हैं। इसके अलावा अल्‍पसंख्‍यकों को केंद्रीय सरकार की अन्‍य योजनाओं से भी फायदा हो रहा है, जिनमें मेक इन इंडिया, स्‍किल इंडिया, प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा योजना, उज्‍जवला योजना शामिल हैं। 

मंत्री महोदय ने कहा कि अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कल्‍याण योजनाओं के कार्यान्‍वयन में लापरवाही को बर्दाश्‍त नहीं किया जाएगा। योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही न हों, बल्कि मैदानी स्‍तर पर भी नजर आनी चाहिए। इस संबंध में सरकारी अधिकारियों की अहम भूमिका है। उन्‍हें मैदानी स्‍तर तक लोगों के पास जाना होगा और प्रत्‍येक कल्‍याण योजनाओं की उचित निगरानी करनी होगी ताकि उनके लाभ समाज के अंतिम व्‍यक्ति तक पहुंच सकें।

श्री नकवी ने कहा कि एनएमडीएफसी के कार्यक्रमों और योजनाओं के प्रति लक्षित समूहों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए अधिक समेकित प्रयासों की आवश्‍यकता है। इस उद्देश्‍य के लिए जागरूकता कैम्‍पों का आयोजन किया जा सकता है। 

प्रक्रियाओं को सरल बनाने और ऋण की मंजूरी में होने वाले विलंब को कम करने की आवश्‍यकता है। हितधारकों के चयन के लिए आधार एवं केवाईसी का उपयोग, आवेदकों द्वारा प्रमाण पत्रों का स्‍वप्रमाणीकरण तथा हितधारकों के बैंक खाते में ऋण का सीधा हस्‍तांतरण एनएमडीएफसी द्वारा उठाए गए कुछ कदम हैं। इसके जरिये योजनाओं का कार्यान्‍वयन अधिक पारदर्शी होता है और हितधारकों को सुविधा प्राप्‍त करने में कोई अड़चन नहीं आती। 

इस अवसर पर श्री नकवी ने एनएमडीएफसी के कार्यक्रमों और योजनाओं के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए एक टोल-फ्री नम्‍बर की भी शुरुआत की। उन्‍होंने एनएफडीएफसी की पत्रिका का पहला उर्दू संस्‍करण ‘परवाज’ का विमोचन भी किया।

2016-17 के लिए अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय और एनएमडीएफसी के बीच एक सहमति-पत्र पर हस्‍ताक्षर भी किए गए। एनएमडीएफसी को 2016-17 के दौरान अपनी स्‍टेट चैनेलाइजिंग एजेंसियों को 467 करोड़ रुपये वितरित करने का लक्ष्‍य भी दिया गया ताकि अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के योग्‍य निर्धन सदस्‍यों को कम दरों पर ऋण दिया जा सके। 

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