Thursday, September 29, 2016

मोदी के मंत्रियो की करतूत उडाया शिक्षा का मजाक, भाषण सुनते हुए छात्रों ने दी परीक्षा




फरीदाबाद 29 सितंबर(abtaknews.com ) उच्च शिक्षा की बात करने वाले सत्ताधारी मंत्री ने ही उडाया शिक्षा का मजाक, मामला पलवल जिले के हथीन उपमंडल का है जहां केन्द्र सरकार द्वारा चलाये गये सरकार अल्पसंख्यकों के द्वारा कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी मुख्यअतिथि के रूप में मेवात सी.सै. स्कूल में अल्पसंख्यकों को संबोधित करने पहुंचे थे, जहां एक तरफ मंच पर मंत्री के आगमन में हरियाणवी रागनी और स्वागत गीत के साथ रंगा रंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था तो वहीं दूसरी तरफ स्कूल की कक्षाओं में बैठकर विद्यार्थी परीक्षा दे रहे थे। देखने वाली बात तो ये थी कि इस कार्यक्रम का समय 10:30 बजे से 1 बजे तक का रखा गया था और वहीं परीक्षा का समय भी 9:30 से 1 बजे तक था, विद्यार्थियों ने लाउडस्पीकर की तेज आवाज के साथ साथ मंत्री के भाषण के शोर शराबे के बीच अपनी परीक्षा पूरी की। उडाये गये इस शिक्षा के मजाक में जिले के आला अधिकारियों सहित और कई राज्यमंत्री भी शामिल थे।
विद्यार्थियों को देश का भविष्य कहने वाले नेता आखिर कैसे उन्हीं छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड करते हैं जिसका एक उदाहरण पलवल जिले के हथीन उपमंडल स्थिति मेवात सी.सै. स्कूल मे देखने को मिला, अबतक न्यूज़ पोर्टल की टीम ने ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हुए दिखाया सच का आईना।  केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा चलाये गये अल्पसंख्यकों के द्वारा कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी अल्पसंख्यकों को संबोधित करने पहुंचे थे।  जिसके लिये सरकारी स्कूल में मंच सजाया गया, लोक कलाकार बुलाये गये, तेज घ्वनि वाले लाउड स्पीकर भी लगाये गए, मंत्रियो  के स्वागत के लिये लोक कलाकारों ने खूब तेज आवाज में रागनियां और स्वागत गीत सुनाये, मगर इस कार्यक्रम को आयोजित करने वाले ये भूल गये कि जिस स्कूल परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया है उसी परिसर में 1 से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी अपनी परीक्षा दे रहे थे। एक तरफ मंच पर अल्पसंख्यक केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी अल्पसंख्यकों को संबोधित कर रहे थे और दूसरी ओर विद्यार्थी उनके भाषण के शोर शराबे में परीक्षा दे रहे थे। आखिर कौन सी शिक्षा और कैसी शिक्षा की बातें की जा रही थी। 
परीक्षा दिला रहे अध्यापकों से जब अबतक न्यूज़ पोर्टल टीम ने बात की तो उन्होंने माना कि परीक्षा में थोडी बहुत परेशानी तो हो रही है, हालांकि अध्यापकों ने दबे हुए सुर में बोलते हुए कहा कि शोर शराबे से इतनी परेशानी नहीं हो रही है लेकिन छात्रों ने कहा कि देख लो जी मोदी सरकार में क्या क्या और कैसे कैसे होता है। वहीं विद्यार्थियों ने कहा कि उनकी गणित और अन्य विषय की परीक्षायें हैं स्कूल में हो रहे कार्यक्रम से उन्हें परेशानी तो हो रही है मगर क्या करें परीक्षा तो आखिर परीक्षा है देनी तो पड़ेगी चाहे जो हालात हों।

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