Wednesday, September 21, 2016

हरियाणा में श्रमिक परिवारों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने की योजना शुरू



चण्डीगढ़, 21 सितंबर(abtaknews.com ) हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्घ है तथा उनके कल्याण के लिए अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं जिनके तहत  लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। श्री सैनी उड़ीसा की राजधानी भूवनेश्वर में आयोजित असंगठित श्रमिकों के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार श्रमेव जयते के सिद्घान्त पर चलते हुए श्रमिकों के लिए योजनाएं बना रही है तथा श्रम कल्याण बोर्ड में मजदूरों का पंजीकरण किया जाता है। अब मनरेगा के मजबूरों को भी इस में शामिल किया गया है। कार्यस्थल पर मृत्यु हो जाने पर श्रमिक के आश्रितों को पांच लाख रुपये तक का मुआवजा देने का प्रावधान किया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले श्रमिक परिवारों को हर वर्ष 30,000 रुपये तक की मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं देने की योजना शुरू की है। 

श्री सैनी ने कहा कि सरकार समय-समय पर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी की दरों में भी बढ़ौतरी करती है। पहली जनवरी, 2016 से अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 4.95 प्रतिशत की वृद्घि की गई है। अकुशल श्रमिकों को अब हरियाणा 7976.20 प्रतिमास, अर्धकुशल ‘ए’ कैटेगरी को 8375 रुपये प्रति माह तथा अर्धकुशल ‘बी’ कैटेगरी को 8793.76 रुपये प्रति माह तथा उच्च कुशल श्रमिक की न्यूनतम मजदूरी अब प्रतिमाह 10,179.87 रुपये निर्धारित की गई है।उन्होंने कहा कि असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का पंजीकरण हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से किया जाता है तथा कई योजनाओं का लाभ निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों को सीधे दिया जा रहा है। निर्माण स्थल पर मोबाइल टॉयलेट, निर्माण कार्य में लगी महिलाओं के बच्चों के लिए क्रेच, सब्सिडी पर पोषण आहार मुहैया करवाया जाता है। बोर्ड के पास पांच लाख 90 हजार कामगार पंजीकृत हैं जिनमें से एक लाख 20 हजार से अधिक महिला कामगार पंजीकृत हैं। सम्मेलन में हरियाणा के श्रम आयुक्त श्री पंकज अग्रवाल तथा अतिरिक्त श्रमायुक्त श्री अनुपम मलिक भी उपस्थित थे। सम्मेलन को पांच अन्य राज्यों के श्रम मंत्रियों सहित 19 राज्यों के सचिवों ने सम्बोधित किया। 

  
चण्डीगढ़, सितंबर 21 - उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम डिवीजन स्तर पर 26 सितंबर को बिजली सम्मेलन/ खुले दरबार का आयोजन कर रहा है, जिसमें बिजली से संबंधित मुद्दों पर सुनवाई की जाएगी और लोगों के समक्ष आने वाली समस्यों का निपटारा किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए निगम के प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि निगम के उच्च अधिकारियों की अध्यक्षता में कार्यकारी अभियंता के कार्यालय, 517—518, पॉवर कॉलोनी, इंडस्ट्रीयल एरिया, फेस—2, पंचकूला में 26 सितंबर को सुबह 11.30 बजे उपभोक्ताओंं की समस्याओं को सुना जाएगा। उन्होंने बताया कि लोगों को बेहतर सुविधा देने के उद्देश्य से यह दरबार लगाया जा रहा है। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मौके पर ही लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। इस दरबार में बिजली बिल, नए कनेक्शन, मीटर रीडिंग, पावर सप्लाई, वोल्टेज और बिजली से संबंधित अन्य समस्याओं को लेकर लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। इसके साथ—साथ नए कनेक्शन लगवाने संबंधी अर्जी, सब्सिडी रेट पर एलईडी बल्ब उपलब्ध करवाने संबंधी सुविधा मुहैया करवाई जाएंगी। सम्मेलन में निगम द्वारा शुरू की गई नई योजनाओं संबंधी जानकारी भी लोगों को दी जाएगी। इसके साथ साथ लोगों से उनके सुझाव लिए जाएंगे, ताकि सिस्टम में और सुधार किया जा सके।निगम द्वारा सभी उपभोक्ताओं सेे अनुरोध किया जाता है कि जिन—जिन उपभोक्ताओं की बिजली सम्बंधी कोई समस्या है वे इस अवसर का  लाभ जरूर उठाएं। 
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चंडीगढ़, 21 सितम्बर- हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री श्री अनिल विज ने कहा कि प्रदेश के सभी कर्मचारियों, पैंशनभोगियों एवं उनके आश्रितों के चिकित्सा बिलों की अदायगी व अग्रिम चिकित्सा राशि की शीघ्र उपलब्धता के लिए नियमों में संशोधन किया है। इसके तहत शक्तियों का निर्धारण करते हुए विभागों को अधिकार प्रदान किये गये हैं।  श्री विज ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों, आयुक्तों, जिला उपायुक्तों तथा सभी उपमंडल अधिकारियों (नागरिक) को आदेश जारी कर दिये हैं। इसके अन्तर्गत भविष्य में किसी भी कर्मचारी को अपने चिकित्सा बिलों की अदायगी या चिकित्सा हेतु अग्रिम राशि प्राप्त करने में कोई परेशानी नही होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नये आदेशों के तहत 3 लाख रुपये तक के चिकित्सा बिलों व अग्रिम चिकित्सा राशि की अदायगी के लिए कार्यालय प्रमुख को अधिकार दिये गये हैं। इसी प्रकार 7 लाख रुपये तक की राशि को स्वीकार करने का अधिकार विभागाध्यक्ष तथा इसके अलावा अन्य सभी अधिकार प्रशासनिक विभाग को प्रदान किये गये हैं।

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