Monday, September 19, 2016

फरीदाबाद के बी के सिविल अस्पताल में है गधों का राज



फरीदाबाद (abtaknews.com )सिविल अस्पताल में है गधों का राज, बिना रोक-टोक खुले विचरण करते अस्पताल परिसर में गधें। जी हां आप सौच रहे होगें कि किसी डाक्टर या दूसरे स्टाफ को इस तरह का संबोधन कर रहे है, तो यह गलत है। हम उन्ही गधों की बात कर रहे है, जो जानवरों की श्रेणी में आते है। अस्पताल के पुराने भवन जहां मुख्य चिकित्सा अधिकारी का कार्यालय बिलुकल सामने है, गधे आराम से गेलरी व कमरों में विचरण कर रहे, जिन्हे रोकने व भगाने की अस्पताल प्रबंधन ने कोई जेहमत नहीं उठाई। उपर से डिप्टी सिविल सर्जन ने तो पुराने भवन को कंडम बताकर पल्ला ही झाड लिया कि यह अस्पताल परिसर में शामिल नहीं है। फिर दिवार बनाने व ग्रील टूट जाने का हवाला देकर उसे जल्द ठीक कराने की बात भी कर डाली।

बी के हॉस्पिटल में घूमते ये गधे किसी धोबी घाट या फिर सड़क पर नहीं है, बल्कि फरीदाबाद के सिविल अस्पताल परिसर में बने पुराने भवन में आराम से घूम रहे है। इसके बिलकुल ठीक सामने सीएमओं का कार्यालय भी दिखाई दे रहा है। ये गधे मरीजों व उनके परिजनों को तो दिखाई दे रहे है, लेकिन सीएमओं व उनके उस स्टाफ को नहीं दिखाई देते जो वहीं बैठते है। सरहद गांधी के नाम पर बने बादशाह खान अस्पताल में गधे दिखाई देना अपने आप में विचित्र बात है और सरहद गांधी का नाम भी इससे खराब हो रहा है। अस्पताल मेें आए लोग इसे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही बता रहे है। उनका कहना है कि उन्होने इस बारे में कई बार सीएमओं से बात करने का प्रयास किया, लेकिन वे टाल-मटोल कर गए। स्वास्थ्य मंत्री क्या करेंगें, देखभाल तो स्थानीय स्वास्थय अधिकारियों को ही करनी है।

अस्प्ताल के डिप्टी सिविल सर्जन डा. वीना शर्मा का कहना है कि यह अस्प्ताल परिसर नहीं है। यह भवन तीन साल पहले ही कंडम हो चुका है और इसे गिराया जाना है। लेकिन साथ ही उन्होने कहा कि पीडल्यूडी वाले दिवार बनाने का काम कर रहे है। हो सकता है उन्होने या फिर किसी ने ग्रील हटा दी हो, जिसके कारण ये गधे अन्दर आ गए है। जल्द ही इस ग्रिल को लगवा दिया जायेगा।



loading...
SHARE THIS

0 comments: