Saturday, September 3, 2016

फरीदाबाद व करनाल से शिकायतें आनी काम हुई -;- मुख्यमंत्री खट्टर



चण्डीगढ़, 3 सितंबर(abtaknews.com ) हरियाणा में मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों के नियुक्त किए जाने के पश्चात राज्य में भ्रष्टाचार में कमी आई है और सी.एम. विंडो के लंबित मामलों में औसतन 10 से 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिसमें फरीदाबाद में 46.8 प्रतिशत और करनाल में 32.1 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है। सुशासन सहयोगियों ने अपने अब तक के कार्यकाल में 196 व्यवधानों  (इंटरवेंशन) को चिन्हित किया है जिसमें 59 व्यवधानों को चुनकर एक किताब तैयार की जाएगी।यह जानकारी आज यहां मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगियों की एक बैठक में दी गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. राकेश गुप्ता भी उपस्थित थे। 
 मुख्यमंत्री ने सुशासन सहयोगियों से कहा कि वे ऐसी परियोजनाओं पर भी कार्य करें जिसमें जनता का विरोध कम से कम हो ताकि ऐसी परियोजनाओं को अन्य स्थानों पर दोहराया जा सके। मुख्यमंत्री ने सुशासन सहयोगियों से कहा कि आपको दिया गया कार्य चुनौतीपूर्ण हैं और इस कार्य में कई बार अड़चनें भी आएंगी परंतु हम सभी को मिलकर भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए निरंतर आगे बढऩा होगा। उन्होंने सुशासन सहयोगियों को उदाहरण सहित बताया कि अभी हाल ही में केन्द्र सरकार ने जीएसटी बिल को पारित किया और इसी प्रकार राज्य सरकार ने भी विधान सभा में इस बिल को पारित कर दिया है और जब यह बिल लागू हो जाएगा तो कुछ लोगों को तकलीफें तो होंगी परंतु ज्यादातर लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी। इसी प्रकार, मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उदाहरण देते हुए सुशासन सहयोगियों से कहा कि फसल बीमा योजना पहले भी लागू थी परंतु वह अलग-अलग रूप में लागू थी, इसलिए केन्द्र सरकार ने इसे व्यापक रूप से लागू करके किसानों को फसलों के नुकसान की भरपाई देने में आसानी लाने के लिए क्रियान्वित किया है और इस योजना के लागू होने से किसानों को सरकार के सामने मुआवजे के लिए हाथ नहीं फैलाना पडेगा। 
 श्री मनोहर लाल ने सुशासन सहयोगियों से कहा कि वे अपने-अपने संंबंधित जिले में सभी विधानसभा में जाकर विधानसभा निगरानी समिति के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सुधार के लिए उठाए गये पगों को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि समस्याओं के साथ-साथ समाधान पर भी बल दें और समाधान के लिए नवीनतम उपायों का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि सुशासन सहयोगी को एक बार में एक या दो ही विषयों पर कार्य करना चाहिए और उसे पूर्णता अर्थात परफेक्शन तक पहुंचाना चाहिए। उन्होंने बताया कि उन्हें हमेशा साकारात्मक रहने की जरूरत हैं यदि किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत आए तो वे सीधा उन्हें बता सकते हैं। 
 मुख्यमंत्री ने सरकार की पारदर्शिता और प्रभावीपन का उदाहरण देते हुए सुशासन सहयोगियों को बताया कि कल ही सायं एचसीएस के साक्षात्कार सम्पन्न हुए थे और कल ही रात को इसका परिणाम घोषित कर दिया गया। मुख्यमंत्री को बताया गया कि रोहतक में महिलाओं की सुविधा के लिए 23 गुलाबी आटों की सुविधा शुरू की गई है, जिसे लोगों द्वारा काफी सराहा गया है। इसी प्रकार, जींद में भी पांच गुलाबी आटो चलाए जा रहे हैं, जिनकी बढोतरी की मांग आई है। बैठक में मुख्यमंत्री को यह भी बताया गया कि फरीदाबाद जिले में उपायुक्त द्वारा सप्ताह में एक बार रात्रि ठहराव किया जाता है, जिसमें प्रशासन के सभी अधिकारी मौजूद रहते हैं और लोगों को राशन कार्ड, बिजली, पानी, आधार, लर्निंग लाईसेंस आदि जैसी सुविधाएं मुहैया करवाई जाती है। अभी तक तीन महीनें में दस रात्रि ठहराव आयोजित किए जा चुके हैं। जींद के सुशासन सहयोगी ने मुख्यमंत्री को बताया कि जींद शहर को साफ रखने के लिए वहां के उपायुक्त स्वयं स्वच्छता अभियान में बढचढ कर भाग लेते हैं, जिससे लोगों में सफाई के प्रति प्रेरणा की वृद्धि हुई है। इसी प्रकार, करनाल में स्कूल मित्र योजना चलाई गई है जिसके अंतर्गत प्राईवेट स्कूलों ने सरकारी स्कूलों को गोद लिया है और इस योजना के अंतर्गत प्राईवेट स्कूल के अध्यापक सरकारी स्कूलों में अध्यापन का कार्य करते हैं। 
बैठक में गुडगांव शहर में उडान परियोजना के बारे में मुख्यमंत्री को बताया गया कि भौगोलिक जानकारी प्रणाली (जीआईएस) के तहत ड्रोन की सहायता से स्थलों की मैपिंग की जाती है और जहां कहीं भी कोई भी समस्या आती है तो उससे पता लगाकर समाधान किया जा रहा है। इसी प्रकार, जींद में सम-विषम योजना पर भी कार्य किया गया है जो काफी सराहनीय रही है और यातायात दबाव में कमी देखी गई है।मुख्यमंत्री को बैठक में बताया गया कि सीएम विंडों में वर्ष 2014-15 के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया गया है। इन मामलों के निपटान में नागरिकों की संतुष्टि, कार्यवाही की गुणवत्ता  पर विशेष ध्यान दिया गया है। सुशासन सहयोगियों ने बताया कि वे स्वयं कई मामलों में शिकायतकर्ताओं से मिलते है और उनकी समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देते हैं। 
बैठक में बताया गया कि म्हारा गांव-जगमग गांव योजना के अंतर्गत सुशासन सहयोगियों ने सुझाव दिया कि सभी उपमंडलों पर डाटा को आनलाईन किया जाए। इस पर मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार स्मार्ट मिटरिंग योजना पर कार्य कर रही है जिसमें टैम्रिंग नहीं हो सकती और इस योजना के व्यवहार्य की भी जांच की जा रही है जिससे यह सभी कार्य आनलाईन हो जाएंगें। मुख्यमंत्री को बताया गया कि खुले में शौच मुक्त के घोषित 22 गांवों में से सिर्फ 7 ऐसे गांव पाए गए हैं जो शत-प्रतिशत खुले में शौच मुक्त हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि लोगों को खुले में शौच मुक्त रहने के लिए प्रेरणा देनी होगी। 
बैठक में एक सुशासन सहयोगी ने बताया कि उसने स्वयं एक अन्य जिले में ठेकेदार बनकर गया और पाया कि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में आपातकालीन कोष आफलाईन है जिससे भ्रष्टाचार की संभावना ज्यादा बढ गई है, इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि इस प्रकार के आपातकालीन कोष को आनलाईन किया जाना चाहिए और इन खरीद में गुणवत्ता जांच को भी थर्ड पार्टी से करवाना चाहिए। मुख्यमंत्री को परिवहन विभाग से संबंधित जानकारी देते हुए बताया गया कि वाहनों में स्पीड गर्वनर को सही तरीके से चैक नहीं किया जाता और इसके लिए नवीनतम प्रणाली की आवश्यकता है। समेकित ग्राम निगरानी प्रणाली को भी करनाल में शुरू किया गया जो काफी सराहनीय रही है, इस पर सुशासन सहयोगियों ने मुख्यमंत्री को सुझाव दिया कि इस प्रकार की प्रणाली को पूरे प्रदेश में लागू करना चाहिए। रेवाडी के सुशासन सहयोगी ने बताया कि वे रेवाडी के विभिन्न पुलिस थानों में पुलिस कर्मियों के व्यवहार की जांच करने के लिए चोरी की रिपोर्ट लिखवाने के लिए गए तो पुलिस कर्मियों का व्यवहार सहयोगी पाया गया और पुलिस कर्मियों ने उन्हें रेवाडी वापिस जाने में मदद भी की। उन्होंने बताया कि उन्हें संबंधित जिलों के विभिन्न उपायुक्तों के साथ-साथ अतिरिक्त उपायुक्तों से विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है और वे उपायुक्त मिलकर विभिन्न विषयों पर कार्य कर रहे हंै ताकि लोगों को सीधा लाभ शीघ्र व अति शीघ्र प्राप्त हो सकें तथा भ्रष्टाचार को समाप्त किया जा सके। 

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