Friday, September 23, 2016

सामूहिक बलात्कार की घटनाओं मे हरियाणा एक नम्बर पर;-जनवादी महिला समिति


फरीदाबाद, 23 सितम्बर(abtaknews.com )अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति हरियाणा की सचिव सबिता ने कहा की आज के दौर मे प्रदेश मे बेहतासा हिंसा बढी है और एक निजि एजेंसी द्वारा किये सर्वे अनुसार 2015 के आंकड़ो में सामूहिक बलात्कार की घटनाओं मे हरियाणा एक नम्बर पर आ गया है। इस आंकड़े ने सरकार के महिला सशक्तिकरण के झूढे दावे की पोल खोल दी है। सबिता ने यह खुलासा जनवादी महिला समिति की सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के कार्यलय मे आयोजित जिला स्तरीय मीटिंग मे मुख्य वक्ता के तौर पर बोलते हुये किया। मीटिंग की अध्यक्षता मंजू ने की और मीटिंग मे सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, आंगनवाड़ी वर्कर्स एंड हैल्पर्स यूनियन की प्रधान देविन्द्री शर्मा, आशा वर्कर यूनियन की प्रधान ऊषा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार, सचिव युद्धबीर खत्री, सीटू के प्रधान निरन्तर पाराशर,उप प्रधान विजय झा आदि मौजूद थे। मीटिंग में अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति,हरियाणा के 1अक्टूबर से गुडग़ांव मे शरू हो रहे दो दिवसीय सम्मेलन के मौके पर आयोजित खुले अधिवेशन मे जिले से बढ-चढकर भाग लेने का निर्णय लिया गया।

समिति की सचिव सबिता ने कहा कि सरकार की नीजिकरण की नीतियों के चलते महिलाओं को सस्ती मेहनत करने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही बढ़ती मंहगाई के चलते महिलाओं व बच्चों का बहुत बड़ा हिस्सा कुपोषण का शिकार है। स्वास्थय सेवाओं के नीजिकरण होने के कारण वे बिना ईलाज के मरने पर मजबूर हैं अत:हमें संगठित  हो कर इनका विरोध करना होगा, जिसका ऐलान राज्य सम्मेलन मे किया जायेगा। सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा ने मीटिंग को सम्बोधित करते हुये कहा कि नव- उदारीकरण की पिछले 25 वर्षो से लागू की जा रही नीतियों का सबसे ज्यादा असर महिलाओं पर पड़ रहा है। आशा, मिड-डे-मिल, आंगनवाडी व सरकारी व प्राईवेट सैक्टर मे काम करवे वाली महिलाओ को न्यूनतम वेतन तक नही दिया जा रहा, एनएचएम मे कई-कई वर्षो से काम करने वाली महिलाओ को न तो पक्का किया जा रहा ओर ना ही पूरा वेतन दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षो से 12 हजार से ज्यादा नवचयनित जेबीटी टीचरो, जिसमें पांच हजार महिलाएं हैं, को ज्वाईन नही करवाया जा रहा, निजि क्षेत्र मे कामकाजी महिलाओं को मात्तृत्व अवकाश देने की बजाय नौकरी से निकाल दिया जाता है। उन्होंने महिलाओं से संगठित होकर इनके विरोध मे आन्दोलन तेज करने का आह्वान किया। मीटिंग में 11 सदस्यीय जिला सांगठनिक कमेटी का सर्व सम्मति से गठन किया गया। जिसमे मंजू, अंजू, दर्शना कुमारी, वीणा, मालवती, ऊषा देवी, ऊषा ठाकूर, संध्या कुमारी, शर्मिला सिन्धी, पुष्पा, अनीता खत्री को चुना गया। मीटिंग में धर्मबीर वैष्णव, लज्जाराम, नवल सिंह नरवत, करतार सिंह, मीना, लक्ष्मी आदि हाजिर थे।


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