Tuesday, September 20, 2016

ई-गवर्नेस से सुशासन की राह चलेगा नहीं दौड़ेगा हरियाणा ;- मनोहर लाल खट्टर



चण्डीगढ़, 20 सितंबर(abtaknews.com ) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्य के सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में राजस्व विभाग से संबंधित लम्बित चकबंदी, जमाबंदी, इंतकाल व ई-रजिस्ट्री व ई-स्टाम्पिंग के साथ-साथ लावारिस पशुओं के लिए पंचायती जमीन चिह्निïत कर उनके रखने की व्यवस्था करवाना सुनिश्चित करें। इसके अलावा, वर्षा के खड़े पानी की निकासी, ग्राम सचिवालय में सरपंच, ग्राम सचिव व पटवारी का नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहना तथा इनमें सांझा सेवा केन्द्रों का संचालन अवश्य हो।  मुख्यमंत्री आज हरियाणा सिविल सचिवालय के कमेटी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से उपायुक्तों से बातचीत कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन नीति के तहत संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में भूमि उपयोग परिवर्तन के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने के लिए अधिकृत गठित जिला स्तरीय समन्वयक कमेटी की बैठक नियमित रूप से करें। संबंधित विभाग का अगर कोई नोडल अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहता है तो उसे लिखित में चेतावनी दी जाए और मुख्य सचिव को इसकी सूचना दी जाए। ऐसे अधिकारियों के विरूद्घ सख्त कार्यवाही की जाएगी। नई उद्यम प्रोत्साहन नीति में उपायुक्त 10 करोड़ रुपये तक के निवेश व एक एकड़ तक की सीएलयू जिला स्तरीय समन्वयक कमेटी के माध्यम से जारी करने के लिए अधिकृत हैं। 
 
मुख्यमंत्री ने कहा कि लावारिस पशुओं की समस्या बढ़ती जा रही है और कई बार इसके कारण सडक़ दुर्घटनाएं होने से जानमाल का भी नुकसान हो जाता है। इसलिए इसका समाधान उपायुक्तों की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए। सरकार की ओर से उपायुक्तों को लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने के लिए 50-50 लाख रुपये की राशि अलग से उपलब्ध करवाई जा रही है जिसमें से 15-15 लाख रुपये की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है।  बैठक में मुख्यमंत्री ने स्वच्छ भारत-स्वच्छ हरियाणा अभियान के तहत जुलाई से ग्राम, खंड व जिला स्तरीय तथा शहरों में पार्षद, वार्ड व रेजिडेंट वेलफेयर सोसायटी के लिए आरंभ किए गए स्वच्छता पुरस्कारों की जानकारी भी उपायुक्तों से ली तथा उन्होंने उपायुक्तों से कहा कि लोगों को स्वच्छता को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाने के प्रति प्रेरित करें। इसके लिए समय-समय पर स्कूली बच्चों की प्रतियोगिता व सफाई अभियानों का संचालन किया जाए।  मुख्यमंत्री ने कहा कि कई जगह वर्षा या अन्य कारणों से खड़ा पानी मच्छरों की समस्या का कारण बन जाता है और जिसके चलते डेंगु व चिकनगुनिया जैसी बीमारियां फैल रही हैं। इसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नियमित फॉगिंग की जाए तथा पानी की निकासी का स्थाई प्रबंध हो।

बैठक में राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा ने मुख्यमंत्री को लम्बित चकबंदी, जमाबंदी, इंतकाल, ई-स्टाम्पिंग व ई-रजिस्ट्री के बारे अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि पंचकूला जिले के रत्तेवाली में ई-खसरा अवधारणा पायलट परियोजना आधार पर क्रियान्वित की जा रही है। इसी प्रकार, कुरूक्षेत्र में ई-सेल डीड राईटिंग पर भी कार्य चल रहा है। बैठक में वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, मुख्य सचिव श्री डी.एस.ढेसी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर, अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. राकेश गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अनिल कुमार, पशुपालन एवं डेरी विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, ओ.एस.डी. श्री मुकुल कुमार के अलावा अन्य विभागों के वरिष्ठï अधिकारी  उपस्थित थे।

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