Friday, September 30, 2016

थक गई न्याय की गुहार लगाते-लगाते अब करूंगी आत्मदाह - गैंगरेप पीडिता


फरीदाबाद-30 सितंबर(abtaknews.com ) पीडितों को न्याय दिलाने के नाम पर गठित किया गया पुलिस प्रशासन ही जब आरोपियों को बचाने में जुट जाए तो पीडितों के लिए सिवाय आत्मदाह के कोई रास्ता नही बचता है। ऐसा ही एक मामला फरीदाबाद का है जहां एक गैंगरेप पीडिता विगत 10 महीनों से न्याय पाने के लिए कानूनी व्यवस्था की हर चौखट पर गुहार लगा कर थक चुकी है। पीडिता ने जब ईच्छा मृत्यु के लिए राष्ट्रपति, मुख्यन्यायधीश, प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम पत्र लिखा तो फरीदाबाद पुलिस ने आनन फानन में दो ओरापियों को गिरफ्तार किया लेकिन उनके सहयोगी तीन अन्य आरोपियों को बचाने में जुटी हुई है। पुलिस की गिरफ्त से बचे तीनो आरोपी पीडिता को आएदिन धमकी दे रहे हैं। इस अधूरे न्याय से दुखी गैंगरेप पीडिता पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने आत्मदाह करेगी।

गैंगरेप पीडिता ने न्याय मिलने की आस में 10 महीने से जिल्लत भरी जिंदगी जीते हुए हर दरवाजे पर न्याय की गुहार लगाई लेकिन सही व पूर्ण न्याय अभी तक नही मिला है। पीडिता ने फरीदाबाद पुलिस आयुक्त कार्यालय सेक्टर 21 सी में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिये अनशन पर बैठी थी जहां से उसे पुलिस कर्मियों द्वारा जबरन हटा दिया गया, लेकिन कार्रवाई नही हुई तो गेंगरेप पीडिता ने पुलिस प्रशासन की तिकडमबाजी से हार कर प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री हरियाणा, और राज्यपाल को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। मामला मीडिया की  सुर्खियां बना तो पुलिस ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि अभी 3 आरोपी खुले घूम रहे है जो पीडिता को आएदिन धमकियां देते हैं।
पीडिता ने जब इस संदर्भ में पुलिस आयुक्त डॉक्टर हनीफ कुरैशी और इस केस को देख रहे एसीपी राजेश चैची से संपर्क किया तो बार बार पीडिता को  जल्द कार्रवाई करने का झूठा आश्वासन ही मिला लेकिन 2 हफ्ते से भी ज्यादा समय गुजर गया और पुलिस कार्रवाई आजतक पूरी नही हुई है। पुलिस के आला अधिकारी बाकि के 3 आरोपियों को बचाने में जुटे हुए हैं। उक्त सभी बातों से दुखी पीडिता का न्याय के इन रखवालों से विश्वास उठ गया है। यदि बचे 3 आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नही हुई तो पीडिता फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त कार्यालय के सामने आत्मदाह करने को मजबूर होगी। 

क्या है मामला ----- पीडिता जो कि फरीदाबाद की रहने वाली है जिसके साथ मथुरा-वृंदावन में 31 अक्टूबर, 2015 को सामूहिक बलात्कार किया गया जिसमें कुल 5 लोग शामिल थे। इस शर्मनाक हादसे की आरोपियों ने एमएमएस बनाकर पीडिता और उसकी नाबालिक बेटियों को दिखाना शुरू कर दिया और धमकी देने लगे कि अगर उसने मामला वापिस नहीं लिया तो जो उसके साथ किया है वो ही उसकी नाबालिक बेटियों के साथ करेंगे। उक्त आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग को लेकर पीडिता पिछले 10 माह से न्याय के लिए आजतक भटक रही है। पीडिता ने कहा कि न्याय के लिए गुहार लगा लगाकर मैं थक चुकी हूं लेकिन पुलिस प्रशासन मेरी वेदना को नही समझा, मेरी मौत से ही सभी को राहत मिलेगी तो ये ही सही। मेरे मरने के बाद तो पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करेगी? इसलिए पुलिस मुझे आत्मदाह करने के लिए मजबूर कर रही है?


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