Thursday, September 1, 2016

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की राष्ट्रीय कार्यशाला की शुरूआत



नई दिल्ली-(abtaknews.com)सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले एक राष्ट्रीय संगठन ने विकलांग व्यक्तियों के कल्याण (दिव्यांगजन) के लिए अंतरराष्ट्रीय क्लिनिकल महामारी समूह (आईएनसीएलईएन) और इंडियन स्केल ऑफ ऐसेसमेंट ऑटिज़म (आईएसएए) के साथ मिलकर ऑटिज़म पर एक राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यशाला की आज यहां शुरूआत की। आज से तीन दिनों यानि 2 सितम्बर 2016 तक चलने वाले इस कार्यशाला का आयोजन अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली के बाल रोग विभाग के अंतर्गत आने वाले बाल न्यूरोलॉजी प्रभाग के साथ मिलकर किया जा रहा है। किसी भी राष्ट्रीय संगठन द्वारा भारत में आयोजित किया जा रहा यह पहला है। ऑटिज़म पर राष्ट्रीय कार्यशाला का उद्घाटन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री थावरचंद गहलोत ने अपने राज्यमंत्री श्री कृष्णपाल गुर्जर के साथ मिलकर किया।इस अवसर पर विकलांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए विभाग (दिव्यांगजन) के सचिव डॉ विनोद अग्रवाल, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के निदेशक डॉ एम सी मिश्रा और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस अवसर पर श्री गहलोत ने मास्टर ट्रेनर्स के लिए संसाधन सामग्री, पोस्टर और प्रशिक्षण मॉड्यूल भी जारी किया।

इस अवसर पर बोलते हुए श्री य़ावरचंद गहलोत ने कहा कि दिव्यांगजन मानव संसाधन के एक अभिन्न हिस्से हैं और सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय उनके कल्याण के लिए समर्पित है। बहुत जल्द ही उनका मंत्रालय इनकी बेहतर देखभाल के लिए श्रेणियों की संख्या में वृद्धि कर 7 से 19 करने जा रहा है। अब तक ऑटिज़म को सही से परिभाषित नहीं किया गया है। अब, आईएनसीएलईएन और आईएसएए इसके लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे।

अपने संबोधन में श्री कृष्णपाल गुर्जर ने कहा कि दिव्यांगजनों को लोगों की दया की जरूरत नहीं है बल्कि आपके प्यार और स्नेह की आवश्कता है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय इनके उत्थान के लिए कार्य करने को कटिबद्ध है।

डॉ विनोद अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऑटिज़म के लिए काम करने हेतु राष्ट्रीय संगठन का यह एक बहुत ही नेक पहल है। उन्होंने यह भी कहा है कि आने वाले समय में पर्यटन स्थलों, हवाई अड्डों और रेलवे स्टेशनों को दिव्यांगजनों के अनुकूल बनाया जाएगा।

इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और राष्ट्रीय मानसिक विकलांग संस्थान के संकाय शिक्षकों और लोगों ने भाग लिय़ा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के बालरोग विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर विनोद के पॉल, बाल रोग विभाग के अंतर्गत आने वाले बाल न्यूरोलॉजी प्रभाग की प्रोफेसर शेफाली गुलाटी तथा अन्य पेशेवरों ने ऑटिज़म के लिए आईएनसीएलईएन टूल के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षण दिया और एनआईएमएच के डॉ सरोज आर्या और डॉ वीणापाणि महापात्रा ने आईएसएए टूल के उपयोग का प्रशिक्षण दिया। इस कार्यशाला में 18 राज्यों के करीब 75 पेशेवरों ने भाग लिया। 

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