Thursday, September 22, 2016

मां बाप की सेवा सबसे बड़ी पूूजा है- श्रीमद् देवी भागवत कथा


फरीदाबाद 22 सितम्बर(abtaknews.com)मानव सेवा समिति द्वारा संचालित मानव विद्या निकेतन स्कूल बल्लबगढ़ की सहायतार्थ आयोजित की जा रही श्रीमद् देवी भागवत कथा के तीसरे दिन कथा सुनने के लिये भारी संख्या में भक्तजन उमड़ पड़े जिसमें महिलाओं की संख्या अधिक रही। लोगों ने स्कूल की सहायतार्थ आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। गुरूवार को कथा व्यास संत श्री कृष्णा स्वामी ने अपने प्रवचन में कहा कि दान देना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है, दान देने से धन घटता नहीं है, संत कबीर ने भी कहा है कि ''चिड़ी चोच भर ले गई, घटियो न सरवर नीर, दिये दान न धन घटे कह गये दास कबीरÓÓ। व्यास जी ने संतोष को परम धर्म बताते हुये कहा कि मनुष्य को धन कमाने के पीछे ज्यादा नहीं भागना चाहिये, उसे प्रभु से यही प्रार्थना करनी चाहिये कि ''सांई इतना दीजिये जामे कुटुम्ब समाये, मैं भी भुखा ना रहुं, साधु भी भुखा न जायेÓÓ। उन्होंने आगे कहा कि माता-पिता पुत्र को जन्म देते हैं और पुत्र साधन संपन्न होने पर माता-पिता की सेवा करते है और उन्हें सब सुख प्रदान करते हैं, जो पुत्र ऐसा नहीं करते उनका पुत्र योनी में जन्म लेना निरर्थक हंै, ऐसे पुत्रों को आगे कष्ट ही उठाने पड़ते हंै। गुरूवार को राम वनवास, कृष्ण देवी की कथाएं व दुर्गा अवतार कथा का प्रसंग सुनाया गया और कथा के दौरान राम, सीता व लक्ष्मण की सुन्दर झांकी दिखाई गई। 

कथा सुनने के लिए सांई भक्त मोती लाल गुप्ता, समाजसेवी नंदलाल अग्रवाल, विनय गुप्ता, शिक्षाविद डा. तरूण गर्ग, कार्यकर्ता अमर खान, ओ. पी. सहल, नरेन्द्र मिश्रा, पी. डी. गर्ग आदि उपस्थित हुए इन सभी का व्यास जी के द्वारा स्मृति चिन्ह व सम्मान पट्टिका देकर सम्मान कराया गया। कथा के सफल आयोजन में समिति के पदाधिकारी पवन गुप्ता, अरूण बजाज, कैलाश शर्मा, गौतम चौधरी, सुरेन्द्र जग्गा, प्रदीप टिबड़ेवाल, बांके लाल सितोनी, वाई के माहेश्वरी, रान्तीदेव गुप्ता, राजेन्द्र गोयनका, राज राठी, अरूण आहुजा, कुसुम कौशिक, पी. पी. पसरीजा, ओ. पी. परमार आदि अन्य कई सदस्य जी जान से जुटे हुये हंै। यह कथा 26 सितम्बर तक सैक्टर 9 स्थित सनातन धर्म मंदिर में दोपहर 2:30 से 7 बजे तक रोजाना आयोजित की जायेगी। 27 सितम्बर को यज्ञ हवन व भण्डारा आयोजन किया जायेगा।

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