Friday, September 2, 2016

ट्रेड यूनियनो के आहवान पर राष्ट्रव्यापी हडताल से जन जीवन पूरी तरह प्रभावित



फरीदाबाद 02 सितम्बर,2016(abtaknews.com ) केन्द्र की ट्रेड यूनियनो व कर्मचारी संगठनों के आहवान पर राष्ट्रव्यापी हडताल का जिले में  व्यापक असर रहा। सरकारी विभागों व अधिकतर औद्योगिक इकाईयों में कामकाज ठप्प रहा। एसबीआई को छोड़ अन्य सभी बैंकों बीमा निगम के कार्यालय भी सुनसान पड़े रहे।केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी हड़ताल में बढचढ कर भाग लिया। रोडवेज के कर्मचारियों ने  बड़े सवेरे 4 बजे ही सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा, रोडवेज वर्कर यूनियन के नेता रामआसरे यादव, जितेन्द्र धनखड़, रविन्द्र नागर व महासंघ के नेता जयसिंह गिल, रणबीर शर्मा व राजू के नेतृत्व में बसों का चक्का जाम कर दिया। रोडवेज प्रशासन द्वारा तमाम प्रयासों के बावजूद कोई भी बस डिपो से बाहर नहीं आ सकी। बिजली निगमों के 90 प्रतिशत से अधिक बिजली कर्मचारी हड़ताल पर चले जाने के कारण सब-डिविजनों व शिकयत केन्द्रों पर सन्नाटा पसरा रहा। सर्कल के 16 फीडर ब्रेकडाउन रहे, जिन्हें प्रशासन चालू करने में विफल रहा। जिसके कारण हड़ताल पर रहते हुए कर्मचारियों ने कई फीडर चालू किए। नगर निगम के एनआईटी, बल्लभगढ़ व ओल्ड फरीदाबाद जोनों में भी ताले लटके रहे। हुडा व स्वास्थ्य विभाग में भी हड़ताल का व्यापक असर रहा, जिसके कारण कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा। टूरिज्म के सभी पर्यटन केन्द्रों में हड़ताल रही। जनस्वास्थ्य, सिंचाई, लोक निर्माण, पशुपालन, वन विभागों के अलावा बड़ी संख्या में आंगनवाड़ी व आशा वर्कर भी हड़ताल में शामिल रही। मंडी बोर्ड, मार्किट कमेटी, हैफेड, खाद्य एवं आपू्रर्ति विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग आदि विभागों में भी हड़ताल का असर दिखाई दिया।
हड़ताली कर्मचारियों ने प्रात: अपने-अपने कार्यालयों के बाहर धरने आयोजित कर केन्द्र एवं राज्य सरकार की जन विरोधी, कर्मचारी-मजदूर व किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किए। इन प्रदर्शनों के बाद कर्मचारियों व मजदूरों ने नगर निगम मुख्यालय की ओर कूच किया और वहां सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के वरिष्ठ उपप्रधान नरेश कुमार शास्त्री की अध्यक्षता में एक मजदूर-कर्मचारी सभा का आयोजन किया। जिसमें हजारों कर्मचारियों एवं मजदूरों ने एकत्रित होकर अजरौंदा चौक तक प्रभावशाली जलूस निकाला। कर्मचारी व मजदूर नेताओं ने आज की हड़ताल की सफलता का दावा करते हुए कहा कि जिले में एक लाख से अधिक मजदूरों व कर्मचारियों ने भाग लेकर अपने आक्रोश को प्रकट किया है। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार को चेतावनी दी कि अगर आज की हड़ताल के बावजूद कर्मचारियों व मजदूरों के मसलों का समाधान नहीं किया तो आन्दोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने हड़ताल के कारण आम जनता को हुई असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हुए इसके लिए पूरी तरह केन्द्र व राज्य सरकर को जिम्मेदार ठहराया।
कर्मचारियों को विभिन्न संगठनों के नेता सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के नेता सुभाष लाम्बा, विरेन्द्र डंगवाल, अशोक कुमार, युद्धवीर सिंह खत्री, राजबेल देशवाल, इंटक से सोहनलाल, एटक से तरसेम सिंह, दिनेश, सीटू के निरंतर पाराशर, विजय कुमार झा, आर डी यादव, डी एन मिश्रा, बैंक इम्पलाईज फेडरेशन से भोले सिंह, म्यूनिसिपील इम्पलाईज फेडरेशन के नेता शाहबीर खान व रमेश जागलान, आंगनवाड़ी की नेता देवेन्द्री शर्मा व सचिव मालती, आशा वर्कर की नेता ऊषा देवी, स्वास्थ्य विभाग के नेता आशा शर्मा, मीना कुमारी, जितेन्द्र मोर, एनएचएम के नेता धर्विन्द्र, धीरज, ब्रजमणी, संदीप जैन, बिजली के नेता शब्बीर अहमद, सतपाल नरवत, नगर निगम के नेता जयपाल हंस, बलबीर बालगुहेर, सोमपाल झंझोटिया, टूरिज्म के डिगम्बर डागर, सुभाष देशवाल, टीकाराम, सुरेन्द्र चांदना, अध्यापक नेता राज सिंह नेताओं ने सम्बोधित किया।

क्या हैं कर्मचारियों की मांगें :
सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों एवं मजदूरों को बिना शर्त पक्का किया जाए, समान काम-समान वेतन के सिद्धांत को लागू किया जाए, 18 हजार न्यूनतम वेतनमान दिया जाए, आऊटसोर्सिंग, ठेका प्रथा की नीतियों पर रोक लगाई जाए, महंगाई पर रोक लगाई जाए, नेशनल पैंशन स्कीम को रद्द करके नए कर्मचारियों को पुराने पैंशन स्कीम में लाया जाए, नौकरी से निकाले गए सभी कर्मचारियों को वापिस ड्यूटी पर लिया जाए, श्रम कानूनों में मजदूर-विरोधी संशोधनों के प्रस्ताव, रोड ट्रांसपोर्ट एण्ड सेफ्टी बिल-2014 व बिजली संशोधन बिल-2014 को वापिस लिया जाए, सभी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों को स्थायी भर्ती से भरते हुए बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी जाए, 45 दिन में यूनियनों की रजिस्ट्रेशन देना सुनिश्चित किया जाए, राज्यकर्मियों को कैशलेस मेडिकल सुविधा दी जाए, पंजाब के समान वेतनमान देने सहित छठे वेतन आयोग की विसंगतियां दूर करके जनवरी, 2016 से सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, चयनित जेबीटी टीचरों को ज्वाईन कराने आदि शामिल हैं।


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