Friday, September 23, 2016

ओलंपिक मैडल से बड़ी है शहीद की शहादत :- संजय भाटिया


फरीदाबाद(abtaknews.com )अपनी जान जोखिम में डालकर सरहद पर लडऩे वाले वीर जवानों की शहादत का कोई भी मोल हम ताउम्र नहीं चुका सकते है वह अनमोल है। हमें ऐसे वीर जवानों का व उनके परिवारों का हमेशा ऋणी रहना चाहिए, जिनकी बदौलत आज हम आजादी से सांस ले पाते है। उक्त उद्गार पूर्व रणजी क्रिकेटर व आलोचक संजय भाटिया ने कहें। उन्होंने कहा कि एक सैनिक की शहादत का मोल एक ओलंपिक मैडल से कहीं अधिक है और सरकारों को इस ओर ध्यान देना चाहिए कि किसी भी वल्र्ड स्तर की खेल प्रतियोगिता में मैडल जीतने वालों को जहां करोड़ों रूपए दिए जाते है वहीं एक सैनिक जो अपने देश की आन-बान व शान की खातिर अपनी जान तक गंवा चुका है, उसके परिवार को कुछ लाख रूपए देकर सरकारें इतिश्री कर लेती है।

हम ज्यादा पैसे देकर उनके परिवार के मर्म को कम तो नहीं कर सकते परंतु शहीद के परिवार को एक बेहतर जिंदगी जीने का अवसर तो दे ही सकते है। श्री भाटिया ने कहा कि भारत सरकार जहां एक तरफ कश्मीर के आवाम के लिए अरबों-खरबों रूपए वहां के विकास के लिए खर्च कर रही है वह सरासर गलत है क्योंकि कश्मीर के अधिकांश लोग आज भारत मां के खिलाफ जहर उगलते देखे जा सकते हैं। सरकार को तुरंत प्रभाव से इन सब चीजों पर रोक लगा देनी चाहिए और साथ ही साथ पाकिस्तान के साथ अब किसी भी प्रकार के संबंध चाहे वह कला, खेल या अन्य क्षेत्र के हो, बंद कर देना चाहिए और ऐसे खेल आयोजनों व पाकिस्तान से आने वाले कलाकारों पर भी प्रतिबंध लगाने के लिए भी सरकार को पहल करनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को ऐसे लोगों का भी सामाजिक बहिष्कार कर देना चाहिए, जो इस दुख की घडी में अपनी ही धरती मां के खिलाफ बोल रहे है। ऐसे सभी नेता व अभिनेताओं के खिलाफ सरकार को सख्त कार्यवाही करनी चाहिए, जो हमारे ही देश में रहकर हमारे ही मिट्टी से अपना नाम कमाकर देश की खिलाफत करने में लगे है।


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