Monday, September 12, 2016

गैंगरेप पीड़िता की ईच्छा मृत्यु की मांग से पुलिस के हाथ पांव फूले



फरीदाबाद-12 सितंबर(abtaknews.com ) महिलाओं को न्याय दिलाने में असफल रही फरीदाबाद पुलिस की  कार गुजारियां मीडिया के माध्यम से पूरे देश के सामने आ रही है. धनबल से प्रभावित फरीदाबाद पुलिस कैसे एक गैंगरेप पीड़िता को विगत 8 महीने से दर दर की ठोकरे खिलवा रही है. पीड़िता द्वारा धरने प्रदर्शन, ज्ञापन के बावजूद जब महिला को न्याय नहीं मिला तो उसने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से इच्छा मृत्यु की मांग कर डाली। गैंग रैप पीड़िता मीडिया के सामने अपने दर्द को बताते हुए कैमरे को सामने रोती बिलखती रही, जीने की इच्छा छोड़ चुकी उक्त पीड़िता ने इच्छा मृत्यु की मांग कि है इस खबर को मीडिया ने सुर्खियां बना कर पूरे देश को बताने का प्रयास किया कि किस तरह हरियाणा पुलिस और उसके अधिकारी आरोपियो से मिलकर पीड़ितों को तड़पाते है. हरियाणा पुलिस का ये चेहरा मीडिया ने उजागर किया तो रातों रात पुलिस के उच्च अधिकारी पीड़िता के घर पहुंचे और समझौता करना का प्रयास करने लगे लेकिन पीड़िता ने कहा कि आखिर आरोपी कौन से नेता के रिश्तेदार हैं कितने बड़े अधिकारियो के सगे संबंधी है जो पूरा फरीदाबाद पुलिस विभाग आरोपियो को बचाने में जुटा हुआ है. पीड़िता ने कहा कि मुझे न्याय चाहिए पुलिस आरोपियो को गिरफ्तार कर जेल भेजे बाकि के काम न्यायालय करेगा। पुलिस अपनी ड्यूटी निभाए फैंसला न सुनाये। 

क्या लिखा गैंगरेप पीड़िता ने अपने बयान में कई महीनों से न्याय के लिये गुहार लगा रही गेंगरेप पीडिता ने पुलिस प्रशासन की तिकडमबाजी से हार कर प्रधानमंत्री, मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय, मुख्यमंत्री हरियाणा, और राज्यपाल को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है, पीडिता पिछले 3 दिनों से पुलिस कमीश्रर के कार्यालय पर गेंगरेप आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के लिये अनशन पर बैठी थी जहां से उसे पुलिस कर्मियों द्वारा भगा दिया गया, आखिर में पीडिता ने सरकार को पत्र लिखकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है और चेतावनी दी  है कि जल्द से जल्द कार्यवाही नहीं की गई तो वो कोई अन्य कदम उठाने को मजबूर होगी।
आखिर कौन है गैंग रैप आरोपी -  हरियाणा पुलिस गैंग रैप का सभी आरोपियो को बचाने में जुटी है.इन आरोपियो का कौन से नेता कौन सी पार्टी और कौन से बड़े अधिकारी से रिश्ता है जो विगत 8 महीने से पुलिस इनको बचाने में जुटी है.आखिर ये धनबल का मामला है क्या १ 
पीड़िता के घर देर रात पहुंचे पुलिस के उच्च अधिकारी -  गैंग रैप पीड़िता के घर में पहुंचे अधिकारियो ने पीड़िता से दो चार दिन का समय माँगा है की हम आपके साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सवाल यह है कि आखिर इतने दिनों तक फरीदाबाद पुलिस इस गैंग रैप की घटना को क्यों दबाती रही.

पीड़िता क्यों रोई कैमरे के सामने-- पुलिस प्रशासन की तिकडमबाजी से परेशान होकर फूट - फूटकर रोती हुई नजर आ रही ये महिला सामूहिक बलात्कार की पीडिता है जो कि कई महीनों से अपने साथ हुए दुष्कर्म के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रही है मगर 31  को हुए गेंगरेप को आज करीब 8 माह गुजर चुके हुए हैं अब तक पीडिता को न्याय नहीं मिला है, जिसको लेकर पीडिता ने शहर के पुलिस थाने डीसीपी सहित पुलिस कमीश्रर से भी न्याय की गुहार लगा ली है मगर कार्यवाही के नाम पर उन्हें सिर्फ धक्के पर धक्के ही मिले हैं, पीडिता पुलिस प्रशासन से तंग आकर पुलिस आयुक्त के कार्यालय पर न्याय के लिये अनशन पर भी तीन दिन से बैठी हुई थी मगर पुलिस ने इसे धक्का मारकर भगा दिया। भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान की बडी बडी बातें करती है मगर इस महिला के साथ हुई गेंगरेप की घटना के बाद कार्यवाही न होने से सरकार की कथनी और करनी पर प्रश्रचिन्ह लग गया है। 
इस बारे में पीडिता से बात की गई तो पीडिता कैमरा चालू होते ही रोने लगी कहा कि मैं आपबीती बताते बताते परेशान हो चुकी हूं अब मुझमें वो हिम्मत नहीं है कि मैं अब सामना कर सकूं। पीडिता ने कहा कि 2015 दिसबंर मे धर्मनगरी वृद्धावन में ले जाकर मेरे साथ गैंगरेप किया गया है जिसमें आरोपियों ने उसकी अश£ील विडियो बना ली और उस वीडियो को दिखाकर बार बार ब्लेंकमेल करने लगे, जिससे परेशान आकर पीडिता ने पुलिस में शिकायत दी, जिसका मामला दर्ज भी हो गया,  उसके बाद भी आरोपियों ने वो ही विडियो पीडिता की नाबालिक बेटियों को दिखाना शुरू कर दिया और धमकी देने लगे कि अगर उसने मामला वापिस नहीं लिया तो जो उसके साथ किया है वो ही उसकी नाबालिक बेटियों के साथ करेंगे। जिसके बारे में भी शिकायत दी है मगर पुलिस ने अभी तक किसी भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है, जिसकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर पीडिता पुलिस आयुक्त के कार्यालय पर अनशन पर बैठी हुई थी जहां से उसे भगा दिया गया। पीडिता ने कहा कि अब वो इतना  सब कुछ होने के बाद समाज में मुंह दिखाने लायक भी नहीं रही है और उपर से पुलिस आरोपियों के खिलाफ भी कोई कार्यवाही नहीं कर रही है, अब तो उनके पास बस एक ही विकल्प बचा है और वो है आत्महत्या,, जिसके लिये उन्होंने देश के प्रधानमंत्री, हरियाणा मुख्यमंत्री, राज्यपाल और मुख्य न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के लिये पत्र लिखकर भारतीय डाक से भेजा है जिसमें उन्होंने अच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है, और चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह पुलिस कमीश्रर कार्यालय के सामने आत्महत्या करेगी।


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