Saturday, September 17, 2016

हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष युवाओं के प्रति समर्पित होगा;- मनोहर लाल



चण्डीगढ़, 17 सितम्बर(abtaknews.com ) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष युवाओं के प्रति समर्पित होगा जिसमें उन्हें ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर प्रदान करने पर बल दिया जाएगा।  मुख्यमंत्री आज गुडग़ांव में स्वर्ण जंयती उत्सव काप्रतीक चिन्ह (लोगो) जारी करने के पश्चात पत्रकारों के प्रश्रों के उत्तर दे रहे थे।  उन्होंने कहा कि एक नवंबर, 2016 को भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष की शुरूआत गुडग़ांव से करेंगे जिसके लिए उन्होंने अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी है। उन्होंने प्रदेशवासियों का आह्वान किया कि आओ हम सब मिलकर स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर को न सिर्फ एक उत्सव के रूप में, बल्कि एक संकल्प के रूप में मनायें।  उन्होंने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थाओं से भी स्वर्ण जयंती वर्ष कार्यक्रम सालभर आयोजित करने और आज जारी हुए स्वर्ण जयंती वर्ष के प्रतीक चिह्न का अधिक से अधिक प्रयोग करने का अनुरोध किया।  

उन्होंने कहा कि इस एक वर्ष के दौरान गांव से लेकर राज्य स्तर तक अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके अलावा, आगामी 6 से 10 दिसंबर, 2016 तक गीता जयंती समारोह को भी भव्य रूप से मनाये जाने की योजना बनाई गई है, तो वहीं, 12 जनवरी से 17 जनवरी, 2017 तक राज्य भर में युवा उत्सव मनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस स्वर्ण जयंती वर्ष के समापन में खेल महाकुंभ का आयोजन किया जाएगा जो राष्ट्रीय स्तर का होगा। उन्होंने बताया कि हरियाणा के निर्माण में किसी न किसी रूप में योगदान देने वाले सभी महानुभावों को सम्मानित किया जाएगा। 
स्वर्ण जयंती वर्ष के सम्बन्ध में पूछे गए प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि इन समारोहों को आयोजित करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है जिसमें 140 सदस्य हैं  और इस समिति की आगामी बैठक 21 सितंबर को चण्डीगढ़ में आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। इस वर्ष के दौरान जहां पहले से चल रही योजनाएं पूर्व की भांति क्रियांवित होती रहेंगी वहीं अनेक योजनाओं का शुभारंभ किया जाएगा। एक प्रश्र के उत्तर में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास रहेगा कि स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान प्रदेश की 2.5 करोड़ जनता की किसी न किसी प्रकार से भागीदारी अवश्य हो। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने सर्वदलीय बैठक भी आयोजित की थी, जिसमें सभी दलों के नेताओं ने अपना सहयोग देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि हम यह कार्यक्रम राजनीति से ऊपर उठकर मनाना चाहते हैं और सभी का सहयोग चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा से संबंध रखने ऐसी सभी हस्तियां जिन्होंने अपने -अपने क्षेत्रों में सफलता हासिल की है, को भी आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्ण जयंती वर्ष को भव्य रूप से मनाने के लिए हरियाणा में आज तक चुने गए सभी विधायकों को बुलाकर एक दिन का विधानसभा सत्र भी आयोजित किया जाएगा। हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष के प्रतीक चिह्न के संबंध में पूछे गए प्रश्र के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक प्रदेश की अपनी एक संस्कृति एवं विशेषता होती है और यह प्रतीक चिह्न हरियाणा की सभ्यता एवं संस्कृति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा भगवान श्रीकृष्ण की धरा है तथा यह विषय संस्कारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को दो वर्ष होने जा रहे हैं और अब तक उन्होंने लगभग 2000 विकास घोषणाएं की हैं जिनमें से 1100 घोषणाएं पूरी हो चुकी हैं या कार्य जारी हैं। उन्होंने बताया कि 900 घोषणाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने कहा कि हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट के दौरान लगभग 6 लाख करोड़ रुपए के निवेश के समझौते हुए हैं जिनमें से अब तक 150 उद्योगपतियों ने भूमि ले ली है।     

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री ने समारोह में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज बड़ा ही गौरवशाली दिन है क्योंकि आज प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी का जन्म दिवस है। मैं अपनी ओर से तथा प्रदेश की अढ़ाई करोड़ जनता की ओर से उन्हें जन्म दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देता हूँ। ऐसे शुुभ दिन पर मुझे हरियाणा स्वर्ण जयंती वर्ष के प्रतीक चिह्न का लोकार्पण करके बड़ी खुशी और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि एक नवम्बर, 2016 को हरियाणा अपने गठन के 50 वर्ष पूरे कर रहा है और इस वर्ष को हम हरियाणा गठन के स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों व विभिन्न विचारधाराओं के राजनैतिक दलों के संयुक्त प्रयासों से हरियाणा भले ही भारतीय गणतंत्र के मानचित्र पर 17वें राज्य के रूप में पहली नवम्बर, 1966 को अस्तित्व में आया, परन्तु आदिकाल से ही हरियाणा की देवधरा भारत माता का विशिष्टतम आभूषण रही है। इसके स्वर्णिम इतिहास की पुष्टि 1384 विक्रमी संवत के एक शिलालेख से हो जाती है, जिस पर लिखा है-‘देशोऽस्ति हरयाणाख्य: पृथिव्यां स्वर्गसन्निभ:’ अर्थात ‘हरियाणा नाम का एक प्रदेश है, जो इस धरती पर स्वर्ग के समान है’। यह पावन धरती समूची भारतीय संस्कृति का प्रतिनिधित्व करती है। वैभव, समृद्धि, ज्ञान तथा धन-धान्य से भरपूर इस भूमि पर प्राचीन भारतीय सभ्यता 
फली-फूली तथा वैदिक मनीषियों ने नई संस्कृति की रचना की।

 सरस्वती नदी के तटों पर वेदों और उपनिषदों की रचना हुई। मानवता के उद्धार के लिए गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने ‘कर्मयोग’ का अमर संदेश दिया। कर्मयोग में विश्वास करने वाले इस क्षेत्र के कर्मठ किसान और जीवट जवान सदा भारत की शान रहे हैं। आजादी के आंदोलन में भी हरियाणावासियों ने महान कुर्बानियां दी थी। पिछले पांच दशकों में हरियाणा ने विकास किया, लेकिन स्वर्ण जयंती वर्ष एक ऐसा अवसर है, जब हमें आत्मचिंतन करना है कि प्रदेश के भविष्य की   तस्वीर क्या हो। यह अतीत के आकलन और भविष्य की भूमिका के लिए विचार करने का समय है। विभिन्न विचारधाराएं होते हुए भी हमें ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की सोच के साथ हरियाणा को स्वर्ण जयंती वर्ष में स्वर्णिम भविष्य की ओर ले जाना है। उन्होंने कहा कि यह अवसर है हर्ष और उल्लास का। यह अवसर है ऊर्जा और उत्साह का। यह अवसर है भाव और सद्भाव का। यह अवसर है विरासत और विकास का। यह अवसर है तरंग और उमंग का। यह अवसर है सत्कार और प्यार का। यह अवसर है पूर्वजों के गुणगान का। यह अवसर है महापुरुषों के सम्मान का। यह अवसर है वीर शहीदों के गौरवगान का। यह अवसर है खिलाडिय़ों के मान का और किसानों एवं जवानों के उत्थान का। यह अवसर है हम सबके इम्तिहान का।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम ऐसा हरियाणा बनाने जा रहे हैं, जहां लहलहाते खेत हों, सतत औद्योगिक विकास हो, कोई भी उपेक्षित न हो, युवा हुनरमंद हों, महिलाओं में  सुरक्षा का भाव हो और सभी के लिए तरक्की के समान अवसर हों। ऐसा हरियाणा बनाने के लिए हमने 50 स्वर्णिम लक्ष्य निर्धारित किये हैं। प्राथमिकता के 50 क्षेत्रों की पहचान की है। हरियाणा सरकार एक अनूठा 50 सूत्री कार्यक्रम बनाएगी, जो भविष्य के विकास का एक खाका होगा। यह 50 सूत्री कार्यक्रम आगामी दशक में राज्य के विकास के लिए एक विजन और रोड मैप होगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है- मानव संसाधन विकास में सुधार करके गरीबों का सशक्तिकरण करना। हमारा लक्ष्य है- नागरिक केन्द्रित प्रशासन पर बल देकर बेहतर सुशासन को प्रोत्साहित करना। हमारा लक्ष्य है- युवाओं और महिलाओं का सशक्तिकरण तथा नागरिकों को भविष्य की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाने का। हमारा लक्ष्य है- प्रदेश को कैरोसिन मुक्त बनाना। हमारा लक्ष्य है-हरियाणा को खुले में शौच से मुक्त बनाना। मुझे यह बताते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि प्रदेश के पंचकूला और सिरसा जिले आज खुले में शौच से मुक्त बन गये हैं और आगामी एक नवंबर, 2016 तक प्रदेश के अन्य आठ जिले भी खुले में शौच से मुक्त होने जा रहे हैं, जिनमें गुडग़ांव व फरीदाबाद भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में मेडिकल कालेज, प्रत्येक व्यक्ति को भोजन, प्रत्येक व्यक्ति का आधार कार्ड, प्रत्येक किसान का सॉयल हैल्थ कार्ड और जल प्रबंधन पर विशेष बल दे रही हैं। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अनुरोध किया कि सभी लोग वर्षभर की उत्सव श्रृंखला को सर्व हरियाणा, गर्व हरियाणा, पर्व हरियाणा की भावना से मनायें। हम ‘हरियाणा एक - हरियाणवी एक’ की विचारधारा को एक मूलमंत्र मानकर विकास की यात्रा जारी रखेंगे ताकि गांव-गांव और शहर-शहर विकास की लहर चलती रहे।  उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न भागों से प्रमुख दिग्गज और गणमान्य व्यक्ति इस समारोह के साक्षी होंगे। राज्य के सभी कोनों से हरियाणा के लोग खुशी और उत्साह के साथ उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे। इस समारोह से नागरिकों में एक नई ऊर्जा का संचार होगा और उन्हें स्वर्ण जयंती वर्ष के दौरान होने वाले कार्यक्रमों की भी जानकारी मिलेगी। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राव नरवीर सिंह, परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार, उद्योग मंत्री श्री विपुल गोयल, मुख्य ससंदीय सचिव श्रीमती सीमा त्रिखा, मुख्य सचिव श्री डी.एस. ढेसी, हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन श्री जवाहर यादव, गौसेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला, हरियाणा डेरी विकास प्रसंघ के चेयरमैन श्री जी. एल. शर्मा, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती धीरा खंडेलवाल, खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. के.के. खंडेलवाल, सूचना, जन सम्पर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री समीरपाल सरो, ओलम्पिक पदक विजेता पहलवान श्री योगेश्वर दत्त तथा महिला पहलवान सुश्री साक्षी मलिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।  

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