Thursday, September 15, 2016

शहरी संक्रमण पर तीन दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन का उद्घाटन



केन्द्रीय शहरी विकास, आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्री श्री एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि देश का राजनीतिक वर्ग अब शहरी क्षेत्र की चुनौतियों के प्रति पहले से कहीं अधिक संवेदनशील हो गया है और उच्च गुणवत्ता के जीवन के लिए सक्षम बनाने के अलावा तेजी से आर्थिक विकास के हित में उन्हें जल्दी से जल्दी सुलझाने की जरूरत है। श्री नायडू ने ऐसा आज विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश में 'ब्रिक्स में शहरी संक्रमण पर आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा।
 श्री नायडू ने कहा कि यह एक अति आवश्यक जागरूकता है, जो पिछले दो वर्षों के दौरान शहरी पुनरुद्धार को सक्षम बनाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा की गई पहलों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि नागरिकोंशहरी स्थानीय निकायों, राज्य सरकारों सहित सभी हितधारकों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श करने के बाद केन्द्र सरकार ने शहरी जागरूकता के लिए दस सूत्री रणनीति का गठन किया है और इस बदलाव के परिणाम मिलने शुरू हो गए हैं।
शहरी क्षेत्र में व्यापक बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने के लिए संसाधनों को बहुत महत्वपूर्ण बताते हुए उन्होंने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों और राज्यों में संसाधनों के प्रवाह को सक्षम बनाने के लिए केन्द्र सरकार उपाए कर रही है। इसके लिए केन्द्रीय सहायता में बढ़ोतरी की जा रही है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी मिशनकायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए अटल मिशन (अमृत) और स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत केन्द्र सरकार 2018-19 तक मूलभूत शहरी बुनियादी ढांचे में सुधार करने के लिए 1.13 लाख करोड़ रुपए की सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मूलभूत बुनियादी ढांचे लिए जेएनएनयूआरएम के तहत 2004-14 के दौरान प्रतिबद्ध 33,902 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता से दी जाने वाली बड़ी राशि है।
 श्री नायडू ने कहा कि 2015 से केन्द्र सरकार की परियोजना की गति और पैमाने और निवेश मंजूरियों में 2015 से कई गुना बढ़ोतरी की है और 1.84 लाख करोड़ रुपए की सहायता की मंजूरी दी गई है। इसमें 33 मिशन शहरों की स्मार्ट सिटी योजना के अधीन  78,292 करोड़ रुपए, अटल मिशन के तहत 45,293 करोड़ रुपए और अन्य 56,231 करोड़ रुपए शामिल है, जो शहरी गरीबों के लिए सस्ते घरों के निर्माण के लिए दिए गए है।
            श्री नायडू ने कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता के बाद से शहरी विकास में आई दृष्टिकोण में अस्पष्टता को समाप्त किया है और सुनिर्देशित और सुनियोजित शहरीकरण आर्थिक विकास का केन्द्र बिन्दु बना है। उन्होंने कहा कि शहरी पुनरुद्धार को नागरिकों की भागीदारी, परियोजना निर्माण में शहरी स्थानीय निकायों और राज्यों की स्वायत्ता, शहरी स्थानीय निकायों के बीच प्रतिस्पर्धा की एक स्वस्थ भावना, क्षेत्र आधारित विकासक्षमता निर्माण और शहरी स्थानीय निकायों और राज्यों में संसाधनों के प्रवाह में बढ़ोतरी के आधार पर प्राप्त किया जा रहा है।
 उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान शहरी क्षेत्र में 15,827 लाख करोड़ रुपए निवेश की मंजूरी दी गई है, जिसमें से आंध्र प्रदेश के लिए 4,571 करोड़ रुपए की केन्द्रीय सहायता दी गई है। इसमें 10,579 करोड़ रुपए शहरी गरीबों के लिए सस्ते मकानों के निर्माण के लिए 3,595 करोड़ रुपए विशाखापत्तनम और काकीनाडा को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसति करने के लिए और 1,540 करोड़ रुपए की राशि अमृत शहरों में जलापूर्ति और सीवरेज प्रणाली में सुधार के लिए शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि ब्राजीलरूसभारतचीन और दक्षिण अफ्रीका (ब्रिक्स), देशों में तीन बिलियन से अधिक आबादी रहती है, जो दुनिया की आबादी की 53 प्रतिशत है और इन देशों का जीडीपी वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग एक चौथाई है। उन्होंने इन देशों से अनुभव और ज्ञान को साझा करके शहरी संक्रमण से जुड़ी चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने का अनुरोध किया। सदस्यों देशों को सामूहिक रूप से वैश्विक चुनौतियों से निपटने की जरूरत है, ताकि वे वैश्विक आर्थिक रिकवरी को आगे बढ़ा सके। ब्रिक्स देशों के  विशेषज्ञोंशिक्षाविदों और उद्योग के प्रतिनिधि इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

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