Wednesday, September 14, 2016

‘अखण्ड भारत’ विषय पर व्याख्यान ---का आयोजन, ‘हिन्दी को इंटरनेट की भाषा के रूप में बढ़ावा दें युवा’



फरीदाबाद, 14 सितम्बर(abtaknews.com ) वाईएमसीए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, फरीदाबाद द्वारा ‘हिन्दी दिवस’ के उपलक्ष्य में राष्ट्रभाषा हिन्दी को लेकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा हिन्दी में कविता पाठ और हिन्दी की प्रासंगिकता को लेकर चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान हिन्दी दिवस के महत्व के बारे में बताया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रदीप डिमरी द्वारा किया गया तथा विद्यार्थियों को जानकारी दी कि 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी देवनागरी लिपि में भारत की कार्यकारी और राष्ट्रभाषा का दर्जा अधिकारिक रूप से दिया गया था और इसी कारण 14 सितम्बर का दिन देशभर में राष्ट्रभाषा हिन्दी को सम्मान देने के लिए हिन्दी दिवस के रूप में मनाया जाता है।

कुलपति प्रो. दिनेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है और यह हमारा कर्त्तव्य है कि इसे सम्मान दें। देश में हिन्दी एक ही ऐसी भाषा है जिसमें कई भाषाओं का समावेश है जो हमें एकता के सूत्र में बांधती है। देश में अनेकता में एकता का स्वर हिन्दी के माध्यम से ही गंूजता है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिन्दी में पत्राचार करने के लिए भी प्रेरित किया और कहा कि डिजिटलाइजेशन के युग में हिन्दी को इंटरनेट पर प्रयोग होने वाली भाषा के रूप प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है ताकि डिजिटल इंडिया का लाभ प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विवेकानंद मंच द्वारा ‘अखण्ड भारत’ पर व्याख्यान का आयोजन भी किया गया, जिसमें भारतीय तेल निगम के पूर्व उप महाप्रबंधक श्रीकृष्ण सिंघल मुख्य वक्ता रहे। श्री सिंघल ने अपने संबोधन में स्वतंत्रता पूर्व अविभाजित भारत के वास्तविक स्वरूप का परिचय विद्यार्थियों से करवाया तथा कहा कि प्रत्येक भारतीय को अखण्ड भारत का स्वप्न देखना चाहिए और देश की एकता और अखण्डता बरकरार रखने के लिए प्रयास करना चाहिए।

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