Monday, September 12, 2016

तीन लाख के लिए दोस्त ने की दोस्त की हत्या




फरीदाबाद (abtaknews.com ) दोस्त  ने दोस्त से लिए ब्याज के तीन लाख न चुका पाने और समय पर ब्याज पैसे न दे पाने के चक्कर में उसकी हत्या कर दी । आरोपी नेइसके लिए अपने एक और दोस्त को 50 हजार रूपये ककी सुपारी दी और खुद भी हत्या में सामिल हो गया और मृतक दोस्त को घर  से बुला कर पहले शराब और फिर उसकी रस्सी से गाला घोटकर हत्या कर दी और फिर उसे यूपी के गौतम बुद्ध नगर इलाके में एक नाले में फैंक दिया । फिलहाल पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए सुपारी किलर सहित दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है । पुलिस कके मुताबिक़ आरोपियों ने सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल देखकर हत्या करने की साजिस रची थी । 

 पुलिस में गिरफ्त में आने वाले  शातिर हत्यारे ने दोस्ती की पीठ में खंजर घोपने का काम किया ,जिसने  अपने दोस्त के साथ विश्वास  करते हुए उसकी ह्त्या कर दी । संतरी रंग की टी शर्ट में दिखाई देने वाला  मुबीन है और उसका सहयोगी  और सुपारी किलर योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल है । दरअसल में मुबीन की दोस्ती सुनपेड़ के रहने वाले दयाराम से थी । दोनों पिछले काफी समय से एक साथ काम करते थे और दोस्त थे। मुबीन को अपने काम के चलते दो लाख रुपयों की जरुरत थी जिसके चलते मुबीन ने दयाराम से ब्याज पर दो लाख रूपये ले लिए और फिर बाद में उसने अपने एक और दोस्त सद्दाम को उसकी बहन की शादी के लिए दयाराम से एक लाख रूपये ब्याज पर दिलवा दिए । लगभग डेढ़ साल तक दोनों दयाराम को ब्याज देते रहे लेकिन फिर बाद में वह रूपये  नहीं चुका पा रहे  थे जिसके चलते मुबीन और सद्दाम  ने साजिस रची की क्यों न दयाराम को रास्ते से हटा दिया जाए । साजिस के तहत दोनों ने अपने एक दोस्त को 50 हजार की सुपारी दी सद्दाम और मुबीन ने  सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल देखकर हत्या करने की साजिस रची जिसके तहत मुबीन ने दयाराम को अनजान व्यक्ति का फोन मांग कर फोन कर एक शराब के अहाते पर बुलाया लिया , और जब दयाराम वहां पहुंचा तब समय गाडी में मुबीन की सेंट्रो कार में  योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल भी था जिसने दयाराम को मारने के लिए 50 हजार की सुपारी ली थी वह साथ था । प्लान के तहत दोनों मुबीन अपना फोन घर पर ही छोड़कर आया था और  योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल ने अपना फोन बंद कर रखा था । दोनों ने  पहले दयाराम को शराब में एंट्री एल्कोहल की दवाई डालकर पिलाई जिससे यादराम को जादा नशा हो गया जिसके बाद वह यादराम को गाडी में डालकर यूपी के गौतमबुद्ध नगर के लिए चल दिए और पुलिस को  मोबाइल लोकेशन यूपी की आये इसके लिए योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल ने दयाराम के फोन से अहमदाबाद में एक एस्ट्रोलॉजर को फोन कर किया और कुछ देर तक बात की । जैसे ही वह गौतम बुद्ध नगर एक नाले के पास पहुंचे दोनों में नशे में धुत्त दयाराम का गला रस्सी से घोट कर उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगने के लिए नाले में फैक दिया । 
इस पूरे  मामले का खुलासा करने वाले क्राइम ब्रांच के इंचार्ज आनंद ने बताया कि  उनके पास एक शिकायत आई थी जिसका खुलासा करते हुए उन्होंने मुबीन और योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल को गिरफ्तार किया है उनके मुताबिक़ मुबीन और सद्दाम ने मृतक से डेढ़ साल पहले  3 लाख रूपये ब्याज पर ले रखे थे लेकिन कई महीनो से वह ब्याज और मूल नहीं चुका  पा रहे थे । जिसके चलते दोनों ने साजिस रची की क्यों न दयाराम को रास्ते से हटा दिया जाए । साजिस के तहत दोनों ने अपने एक दोस्त को 50 हजार की सुपारी दी सद्दाम और मुबीन ने  सावधान इंडिया और क्राइम पेट्रोल देखकर हत्या करने की साजिस रची जिसके तहत मुबीन ने दयाराम को अनजान व्यक्ति का फोन मांग कर फोन कर एक शराब के अहाते पर बुलाया लिया , और जब दयाराम वहां पहुंचा तब समय गाडी में मुबीन की सेंट्रो कार में  योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल भी था जिसने दयाराम को मारने के लिए 50 हजार की सुपारी ली थी वह साथ था । प्लान के तहत दोनों मुबीन अपना फोन घर पर ही छोड़कर आया था और  योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल ने अपना फोन बंद कर रखा था । दोनों ने  पहले दयाराम को शराब में एंट्री एल्कोहल की दवाई डालकर पिलाई जिससे यादराम को जादा नशा हो गया जिसके बाद वह यादराम को गाडी में डालकर यूपी के गौतमबुद्ध नगर के लिए चल दिए और पुलिस को  मोबाइल लोकेशन यूपी की आये इसके लिए योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल ने दयाराम के फोन से अहमदाबाद में एक एस्ट्रोलॉजर को फोन कर किया और कुछ देर तक बात की । जैसे ही वह गौतम बुद्ध नगर एक नाले के पास पहुंचे दोनों में नशे में धुत्त दयाराम का गला रस्सी से घोट कर उसकी हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगने के लिए नाले में फैक दिया । मामले में कारवाही करते हुए मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया है और आज उन्हें कोर्ट में पेश कर और खुलासे के लिए रिमांड पर लिया जाएगा । 


 पुलिस की गिरफ्त में आये मुबीन और योगेंद्र उर्फ़ चन्दर पाल  दोनों आरोपी अपने किये पर पछतावा कर रहे है मुबीन के मुताबिक उसने और सद्दाम ने तीन महीने पहले भी दयाराम को मारने की साजिस रची थी लेकिन लेकिन वह हिम्मत नहीं जुटा पाए जिसके बाद उन्होंने अपने ही दोस्त योगेंद्र,उर्फ़ चन्दर पाल को दयाराम को अपने रास्ते से हटाने के लिए 50 हजार की सुपारी दी मुबीन के मुताबिक यदि वह भी सुपारी लेकर हत्या करने के लिए हाँ नहीं करता तो वह उसे नहीं मारते । 


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