Thursday, September 29, 2016

भारत में ब्रिक्स देशों की श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक संपन्न


आज नई दिल्ली में ब्रिक्स देशों के श्रम तथा रोजगार मंत्रियों के सम्मेलन की समाप्ति पर केन्द्रीय श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बंडारु दत्तात्रेय ने मीडिया को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी अध्यक्षता में ब्रिक्स देशों की श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक का आयोजन किया। दो दिन की इस बैठक में सामान श्रम और रोजगार विषयों पर उपयोगी विचार-विमर्श हुआ। विचार-विमर्श के बाद ब्रिक्स श्रम और रोजगार मंत्री स्तरीय घोषणा को अपनाया गया। 

ब्रिक्स श्रम मंत्रियों के सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की उपस्थिति से भारत उत्साहित हुआ है। भारत की इस बात की प्रसन्नता है कि अध्यक्षीय पहल और त्रिपक्षीय और सामाजिक संवाद की श्रेष्ठ परम्परा के रूप में इस मंच में भारत ब्रिक्स राष्ट्रीय सामाजिक सहयोगियों को शामिल कर सकता है। रोजगार सृजन, सतत विकास, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्यों जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। नियोक्ता तथा श्रमिक दोनों की ओर से सामाजिक सहयोगियों ने सक्रिय रूप से भागीदारी की और सार्थक संवाद हुआ। नियोक्ताओं और कर्मियों की अग्रणी संगठनों तथा भारतीय मजदूर संघ ने ब्रिक्स देशों के समकक्ष संगठनों से सहयोग किया और विचार-विमर्श किया। 

श्री बंडारु दत्तात्रेय द्वारा अन्य रेखांकित बिन्दुओं में शामिल हैं-

- ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों का पहला सम्मेलन रूस के उफा में हुआ। रूस ने माना कि रोजगार का स्तंभ आवश्यक है और इस तरह इससे ब्रिक्स रोजगार कार्य समूह (बीईडब्ल्यूजी) की नीव पड़ी।

- भारत के लिए ब्रिक्स व्यावहारिक सहयोग है। भारतीय अध्यक्षता में सहयोग के लिए पांच सूत्री दृष्टिकोण से कार्य किया जा रहा है। इस संस्थागत सहयोग में पूर्ववर्ती निर्णयों के क्रियान्वयन और एकीकरण सहयोग के नए क्षेत्रों के प्रति संकल्प और इन प्रयासों की निरंतरता सुनिश्चित करना शामिल हैं। 

- ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों का सम्मेलन 27-28 सितंबर, 2016 को नई दिल्ली में हुआ। इस सम्मेलन में सभी ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया और सामूहिक रूप से सामना करने वाली चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। ‘रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा तथा औपचारिकरण सहित समावेशी विकास जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों ने ब्रिक्स मंत्री स्तरीय घोषण को अपनाया।’

- ब्रिक्स मंत्रीय स्तरीय घोषणा कार्यमुखी वक्तव्य है। इसमें रोजगार सृजन, सामाजिक सुरक्षा और श्रम बाजार को औपचारिक बनाने जैसे विषयों पर ठोस कार्यक्रम का प्रस्ताव है। - सदस्य देशों ने अपने बीच द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौतों को जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। सदस्य देशों ने श्रम अनुसंधान तथा ब्रिक्स देशों में प्रशिक्षण संस्थान विकसित करने पर सहमति व्यक्त की। अब श्रम और रोजगार मंत्रियों की घोषणा को सदस्य देशों के विचार-विमर्श के लिए रखा जाएगा और इस संबंध में अक्टूबर 2016 गोवा में उचित कदम उठाया जाएगा। ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्री राजघाट गए और उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। 

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