Saturday, September 17, 2016

छात्राओं के साथ फरीदाबाद के टीचर करते गन्दी बात, पीड़ित परिजनों ने किया हंगामा



फरीदाबाद (abtaknews.com) आखिर बेटियां कहा सुरक्षित है ? ना घर में, न स्कूल -कॉलेज और ना ही संस्थान में आखिर कैसे पढ़ेगी बेटी और कैसे बचेगी बेटी जब रक्षक ही भक्षक बन जाये। गुरु-शिष्य की सनातनी परंपरा को भूलते जा रहे अध्यापक किस और जा रहा है हमारा समाज।  ऐसा ही एक वाक्या शहर फरीदाबाद का है जहाँ नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाला शिक्षक ही गन्दी हरकतें करता है । शहर के एक सरकारी स्कूल में दर्जनों छात्राओं ने अपने शिक्षक के पर शारीरिक शौषण करने, प्रताडि़त और छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। ये मामला उस समय उजागर हुआ  जब एक बच्ची ने टीचर द्वारा छेड़छाड़ की बात अपने परिजनों को बतलाई उसीं के चलते स्कूल की करीब 15 छात्राये और दो छात्र ने भी अपनी आप बीती अपने परिजनों को बतलाई  कि उनका शिक्षक पिछले 6,,7 महीनो से उनके साथ छेड़छाड़ करता आ रहा है। ये बात सामने आते ही अभिभावक स्कूल में जमा हो गए और पुलिस को शिकायत दी. मौके पर पंहुची पुलिस ने अभिभावकों और छात्राओं से जानकारी ली और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भी इस मामलें से विभाग को अवगत कराकर कड़ी कार्रवाही का आश्वासन दिया।

एक तरफ सरकार बेटी बचाओं- बेटी पढ़ाओं का नारा दे रही है, वहीं सरकारी स्कूल ही बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं है। यहां शिक्षा के नाम पर छात्राओं को योन शोषण की शिक्षा दी जा रही है। छात्राओं के साथ अश£ील बातें व छेडछाड का यह सिलसिल फरीदाबाद की इन्द्रा कालोनी के सरकारी स्कूल में अध्यापक इन्द्र सिंह द्वारा एक दो दिन से नहीं, बल्कि सात -आठ माह से चल रहा है। जब भी कोई छात्र इसका विरोध करता है तो उसे फेल करने व दूसरी तरह धमकियां दी जाती रही है। यह सारा माजरा केवल छात्राओं तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि दो छात्र भी इस अध्यापक के उत्पीडन का शिकार हुए है। स्कूल में जमा अभिभावक और पीडि़त छात्राओं को उस समय गुस्सा फूट पड़ा, जब एक छात्रा ने हिम्मत करके यह बात अपने परिजनों को बता दी। परिजनों ने इसकी शिकायत महिला पुलिस थाने में की। लेकिन तीन दिन बाद भी कोई कार्रवाही नहीं हुई तो धीरे-धीरे पीडि़त छात्राओं व छात्रों के परिजन एकजुट हो गए और स्कूल पर जां पुंहुचे। स्कूल पर अभिभावकों का गुस्सा देखकर पुलिस भी पंहुच गई और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी जांच में जुट गए। 

पीड़ित छात्रों के परिजनों ने अबतक न्यूज़ पोर्टल के साथ अपनी पीड़ा साँझा करते हुए कहा कि जब उनकी बच्चियां स्कूल में ही सुरक्षित नहीं है तो फिर कहां सुरक्षित होंगी। सरकार का बेटी बचाओं-बेटी पढ़ाओं का नारा खोखला है। सरकारी स्कूलो में ही गुरू-शिष्य की परम्परा को तोडा जा रहा है। छात्राएं यहां पढऩे आती है, लेकिन अग्रेंजी विषय का अध्यापक इन्द्र सिंह उन्हे कुछ और ही शिक्षा दे रहा है। वह उन्हे योन शिक्षा देने के साथ-साथ उनके साथ अश£ील छेडछाड व हरकत करता है। विरोध करने पर फेल करने और स्कूल से निकालने की धमकी देता है। ऐसे शिक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाही करके उसे जेेल भेज देना चाहिए और सरकार यह सुनिश्चित करें कि आगे से ऐसा कोई अघ्यापक स्कूल में न पढ़ा सकें। 

वहीं पीडित छात्राओं का कहना है कि अध्यापक उनके साथ गंदी-गंदी बात करता था और कहता कि वह जल्द मुख्याध्यापक बनने वाला है। ये बाते किसी को न बताएं और उसका कोई कुछ नहीं बिगाड सकता है।जिला शिक्षा अधिकारी सतेन्द्र कौर वर्मा का कहनाा है कि उनके सामने अभी ये बाते आई है। वे इससे विभाग को अवगत करा देंगी और दोषी अध्यापक के खिलाफ जो भी कानून संवत कार्रवाही होगी अमल में लाई जायेगी। पुलिस  जाँच अधिकारी बी एस तंवर का कहना है कि उनकी जांच जारी है। आरोपी अध्यापक के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही की जायेगी।




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