Sunday, September 25, 2016

आईएमटी किसानों ने दीपक मंगला को सोंपा 7 सूत्रीय मांगपत्र


फरीदाबाद 25 सितंबर। एक बार फिर आईएमटी का मामला तूल पकडता हुआ नजर आ रहा है, आईएमटी में सरकार द्वारा अधिकृत की गई चंदावली के किसानों की जमीन का मामला सुलझने का नाम नहीं ले रहा है किसान अपने हकों के लिये मंत्री और विधायकों के दरवाजे खटखटा चुके हैं मगर किसी भी सत्ताधारी नेता ने उनका साथ नहीं दिया है, अगर कुछ दिया है तो वो है सिर्फ आश्वासन। इसी के चलते किसानों ने अब फरीदाबाद के सत्ताधारी विधायक व मंत्री की चौखट पर कदम रखने की बजह मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला से उम्मीद लगाई है। आज आईएमटी किसान मजदूर संघर्ष समिति के सैंकडों किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला को पलवल उनके निवास स्थान पर पहुंच कर 7 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। जिसमें किसानों ने मांग की है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर सर्कल रेट चार गुना किसानों नहीं दे सकते हैं मगर वहीं आईएमटी के किसानों से सरकार लगभग 8 गुना वसूल कर रही है। किसानों से 1832 एकड जमीन 1230 में अधिकृत की गई थी अब जब किसानों को प्लॉट देने की बात आई तो सरकार 10400 के हिसाब से प्लॉट दे रही है जिससे किसानों को भारी नुक्सान हो रहा है, क्योंकि किसानों के पास इतना पैसा नहीं हैं कि वो सरकार के इस रेट पर प्लॉट ले सके। किसानों को इस पॉलिसी को देखते हुए लगता है कि सरकार कहीं न कहीं भूमाफियों के फायदे का काम रही है, किसानों को अपने प्लॉट बेचने पर मजबूर किया जा रहा है। वहीं आईएमटी में खोलने वाली कंपनियों को सरकार ने 33 प्रतिशत नौकरी देने की बात की थी मगर अभी तक किसी किसान के बेरोजगार बेटे को नौकरी नहीं दी गई है। इतना हीं नहीं कुछ किसानों की जमीन तो अधिकृत कर ली गई है मगर उसका पूरा पैसा किसान को नहीं दिया गया है जिसके लिये किसाना दर दर की ठोकरें खा रहा है। वहीं किसानों की मांग है कि आईएमटी फरीदाबाद का नाम हटाकर इसे आईएमटी चंदावली का नाम दे दिया जाये क्योंकि इस आईएमटी को बसाने में फरीदाबाद का नहीं चंदावली का योगदान है।  साथ ही चंदावली के किसानों की मांग है कि सरकार द्वारा उनकी सारी जमीन अधिकृत कर ली गई है अब उनके पास खेलने कूदने के लिये भी दो गज जमीन भी नहीं है जिससे आने वाले युवाओं का खेल भविष्य अधिंकारमय हो रहा है इसलिये उनकी मांग है कि उन्हें 5 एकड जमीन खेल मैदान के रूप में दी जाये।
वहीं आईएमटी किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष जसवंत पवार ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द से जल्द किसानों की इन मांगों पर विचार नहीं किया तो एक बार फिर से किसाना आईएमटी में आंदोलन का रास्ता अपनायेंगे। वहीं किसान नेताओं ने भी अध्यक्ष की चेतावनी पर सहमति जताते हुए कहा है कि सरकार को जल्द से जल्द किसानों की मांगे मान लेनी चाहिये अन्यथा उन्हें उग्र रूप धारण करना पड सकता है।
7 सूत्रीय मांगपत्र लेने के बाद मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार दीपक मंगला ने किसानों को आश्वासन दिया है कि वह किसानों की मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचायेगे और जरूरत पडने पर किसानों की मुलाकात भी करवायेंगे। 
इस मौके पर आईएमटी किसान मजदूर किसान संघर्ष समिति की ओर से नीरज यादव, किशन सिंह चहल, मानसिंह सालवे, महेन्द्र सैनी, महावीर, मेवाराम, राजकुमार सैनी, मदन, देवेन्द्र पवार मैम्बर, तुलसी, दीपचंद, शेरङ्क्षसह समय वीर, पंकज, रिंकू, बच्चू, प्रकाश चहल सहित सैंकडों किसान मौजूद रहे।

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