Wednesday, September 21, 2016

सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा 6 अक्टूबर को प्रदेश स्तरीय धरना- प्रदर्शन



फरीदाबाद 21 सितम्बर(abtaknews.com)सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लाम्बा ने सरकार पर चुनाव पूर्व किये पंजाब के समान वेतन देने, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, 15 हजार न्यूनतम वेतन देने, ठेका प्रथा, निजीकरण की नीतियों पर रोक लगाने, खाली पड़े लाखों पदो को पक्की भर्ती से भरने आदि वायदों पर अमल न करने का आरोप जड़ते हुये 6 अक्टूबर को प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरने-प्रदर्शन करने का ऐलान किया। उन्होंने सरकार को दो टूक शब्दों में चेतावनी कि अगर सरकार ने छठे वेतन आयोग की ग्रेड-पे व भत्तो की विसंगतियों को दूर किये बिना और सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा द्वारा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने बारे गठित कमेटी को भेजे गये सुझावों की अनदेखी करके इन सिफारिशों को लागू किया तो प्रदेश मे आन्दोलन तेज करने का निर्णय लिया जायेगा। महासचिव लाम्बा ने यह ऐलान आज चिमनीबाई धर्मशाला में संघ के जिला प्रधान अशोक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये किया। संघ के जिला सचिव युद्धवीर सिंह खत्री द्वारा संचालित इस सम्मेलन में सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की जिला व खण्ड कमेटियों के पदाधिकारियों के अलावा संघ से संबंधित विभागीय संगठनों के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। संघ महासचिव ने कहा कि राज्य सरकार को पंजाब के समान वेतन देने का वायदा याद दिलवाने को लेकर महात्मा गांधी जयन्ती 2 अक्टूबर को सीएम सिटी करनाल में हरियाणा मिनिष्ट्रियल स्टाफ एसोसिएसन सत्याग्रह करेगी। जिसमें सभी जिलों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल होगे।
सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के मुख्य संगठन कर्ता वीरेन्द्र डंगवाल व राज्य उप प्रधान सुरेश कुमार नोहरा ने सम्मेलन को सम्बोधित करते हुये बताया कि प्रदेश के कर्मचारियों की और से 23 अगस्त को जो सुझाव सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने के लिये गठित कमेटी को भेजे है वह पूरी तरह तर्क संगत व न्याय संगत है, जिसकी अनदेखी करना कमेटी के लिये कठिन काम होगा। उन्होंने कहा कि संघ ने प्रति व्यक्ति आय के मद्देनजर केन्द्रीय कर्मचारियों को दी बढ़ोतरी से तीस प्रतिशत ज्यादा बढोतरी देने, दो हजार रूपये अन्तरिम राहत को मूल वेतन मे जोडऩे, 24 हजार न्यूनतम वेतन देने, कैशलेस मेडीकल सुविधा देने, जनवरी 2006 से राज्य में लागू नई नेशनल पैंशन स्कीम (एनपीएस) को वापस लेकर उसके बाद भर्ती हुये कर्मचारियों को पुरानी पैंशन के दायरे मे लाने, एचआरए के केवल दो स्लैब 20-30 प्रतिशत रखने, पे.रिवजन दस वर्ष की बजाय पांच वर्ष मे करने, सभी प्रकार के पार्ट-टाईम व ठेका कर्मचारियों को पक्का करने, भविष्य में काम पक्का कर्मचारी पक्का की नीति लागू करना, खाली पड़े पदों को भरते हुये बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने, एसीपी जारी रखते हुये इसकी समय अवधि घटा कर 4-9-14 करने, वार्षिक वेतन बढोतरी की दर तीन से बढाकर 6 प्रतिशत करने, अधिकारी व कर्मचारी का अनुपात 1.14 से घटाकर 1.7 करने और पैंशन भौगियों को वन रेंक-वन पैंशन देने व पंजाब एंव हिमाचल प्रदेश के समान पैंशन मे बढौतरी करना आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया है। जिला प्रधान अशोक कुमार व सचिव युद्धवीर सिंह खत्री ने कहा कि 6  अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर तैयारियों के साथ प्रदर्शन किया जायेगा और मुख्यमंत्री के नाम मेमोरडम उपायुक्त को दिया जायेगा।
सम्मेलन को विभागीय यूनियन के वरिष्ठ पदाधिकारी रामआसरे यादव,लज्जाराम, सतपाल नरवत, शब्बीर अहमद, गुरचरण खाडिया,बलबीर सिंह बालगुहेर,सोमपाल झंझोटिया,रमेशचन्द तेवतिया,फूलमन,मनोज जाखढ़, टीका राम शर्मा,सुभाष देशवाल,जितेन्द्र धनखड़,,मास्टर भीम सिंह, अत्तर सिंह केशवाल,पूर्णचन्द दहिया,करतार सिंह ,मुकेश बनीवाल,रमेशपाल,आदि ने सम्बोधित किया।


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