Saturday, September 17, 2016

फरीदाबाद में चिकनगुनिया के 6 और डेंगू के 14 मामले



फरीदाबाद (abtaknews.com )मौसम बदलने  के बाद बुखार के रूप में फ़ैल रहे  वायरल फीवर के साथ डेंगू और चिकनगुनिया का डंक अब फरीदाबाद  सहित पुरे एनसीआर को सताने लगा है बुखार से पीड़ित मरीजो की संख्या बढ़ने लगी है अस्पतालों में बुखार के मरीजो की संख्या दोगुनी हो गई है । वही फरीदाबाद के सिविल आस्पताल की बात करे तो अभी तक उनके पास 39 चिकनगुनिया के संभावित केस में से पाए गए 6 केस और 104 डेंगू के संभावित मामलो में से 14 मामले पाए पॉजिटिव पाए गए है । वही अस्पताल के PMO डॉक्टर वीरेंदर यादव ने बताया की वह उनका स्टाफ और अस्पताल वायरल  डेंगू और चिकनगुनिया से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार है आस्पताल में दवाईयो की भी कोई कमी नहीं है । 

फरीदाबाद के सिविल अस्पताल बादशाह खान अस्पताल ने डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजो के लिए अलग से वार्ड बनाया हुआ है जहा पर आपको मच्छरों से निबटने के लिए हर बैड सीट पर मच्छरदानी लगाई हुई दिखाई देगी। वही अस्पताल के पीएमओ की डॉक्टर वीरेंदर यादव की माने तो यह मौषम के बदलने के बाद फैलने वाला एक वायरल फीवर है और इसके लक्षण डेंगू और चिकनगुनिया से काफी मिलते जुलते है जिसमे जोड़ो में डेड होता है इस फीवर के चलते अस्पताल में मरीजो की संख्या डबल हो गई है उन्होंने बताया की अभी तक सिविल अस्पताल में आने वाले डेंगू और चिकनगुनिया के केसों में 39 चिकनगुनिया के संभावित केस में से पाए गए 6 केस और 104 डेंगू के संभावित मामलो में से 14 मामले पाए पॉजिटिव पाए गए है वही उन्होंने फरीदाबाद में चिकनगुनिया और डेंगू के प्रकोप ख़ारिज करते हुए  बताया की बुखार से पीड़ित मरीजो की संख्या तो जरूर बढ़ने लगी है लेकिन इससे घबराने की जरुरत नहीं है इसका इलाज घर भी रह कर भी किया जा सकता है यदि किसी को बुखार है तो वह 650 mg की प्रेसिटेमॉल दिन में तीन से छह बार ले सकता है ऐसे मरीज को बैड रेस्ट करना चाहिए लिक्वीड जादा से जादा लेना चाहिए और परिजनों को  अस्पताल में भर्ती होने का दबाव नहीं बनाना चाहिए नहीं तो वायरल फीवर वाले मरीज को अस्पताल में आने के बाद डेंगू और चिकनगुनिया  भी हो सकता है इसलिए घबराये बिलकुल नहीं । वही डॉक्टर वीरेंदर यादव ने बताया की जबतक आपको उलटी या दस्त न हो शरीर पर लाल चकते न हो बीपी काम हो रहा हो या शरीर के किसी भी अंग से खून का रिसाव हो रहा हो पेशाब काम आने लगे या बहुत छोटा बच्चा हो 65 साल से अधिक उम्र का बुजुर्ग हो या पहले  हार्ट की बीमारी से कोई पीड़ित हो ऐसी कंडीशन में मरीज को अस्पताल में दाखिल करना चाहिए अन्यथा आपको लेने के देने  पड़ सकते है आप नार्मल बुखारे का इलाज करने  एडमिट होंगे और डेंगू और चिकनगुनिया की बीमारी घर लेकर जाएंगे इसलिए घबराने की बिलकुल जरुरत नहीं है । वही उन्होंने बताया की वह  उनका स्टाफ और अस्पताल वायरल  फीवर डेंगू और चिकनगुनिया से निबटने के लिए पूरी तरह से तैयार है आस्पताल में दवाईयो की भी कोई कमी नहीं है । 

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