Wednesday, September 21, 2016

देश भर में 437 प्रधानमंत्री जन औषधि केन्‍द्र (पीएमजेएवाई) खोले जा चुके हैं




भारत सरकार का एक प्रमुख उद्देश्‍य सभी, विशेषकर गरीबों एवं वंचितों को किफायती मूल्‍यों पर उत्तम दवायें उपलब्‍ध कराना है। इस उद्देश्‍य की पूर्ति के लिए रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्‍यूटिकल विभाग समय-समय पर अनेक नियामकीय एवं वित्तीय कदम उठाता रहा है।
सभी को किफायती मूल्‍यों पर जेनरिक दवाओं की उपलब्‍धता सुनिश्चित करने के लिए एक देशव्यापी अभियान फार्मास्‍यूटिकल विभाग द्वारा केन्‍द्रीय फार्मा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रमों के सहयोग से ‘प्रधानमंत्री जन औषधि योजना (पीएमजेएवाई)’ के नाम से शुरू किया गया था। इस योजना में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्‍द्र (पीएमजेएके) नामक समर्पित आउटलेट खोलने की अहम पहल की परिकल्‍पना की गई है, जहां उत्तम जेनरिक दवायें कम मूल्‍यों पर बेची जाती हैं। भारतीय फार्मा पीएसयू ब्‍यूरो (बीपीपीआई) इस योजना को क्रियान्वित कर रहा है।
20 सितम्‍बर, 2016 तक देश भर में 437 प्रधानमंत्री जन औषधि केन्‍द्र खोले जा चुके हैं, जो 26 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। सरकार मार्च 2017 तक देश भर में 3000 पीएमजेएके खोलने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्‍न राज्‍यों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्‍द्र खोलने के लिए अनेक एनजीओ/न्‍यासों/सोसायटियों जैसे कि सीएससी, पीसीआई, सीएनआरआई, श्री तपोवन विकास ट्रस्‍ट, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, लायंस क्‍लब, सीआईएसएसआईएल, सीएमएआई, आईएमए, भारत सेवक समाज इत्‍यादि के साथ समझौतों पर हस्‍ताक्षर किए जा चुके हैं।
सरकारी अस्‍पतालों में प्रधानमंत्री जन औषधि केन्‍द्रों को खोलकर पीएमजेएवाई का क्रियान्‍वयन सुनिश्चित करने के लिए आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, हरियाणा, केरल, महाराष्‍ट्र, अरुणाचल प्रदेश और असम की राज्‍य सरकारों के साथ विचार-विमर्श प्रगति पर है।
मौजूदा समय में बीपीपीआई के सेंट्रल वेयरहाउस (सीडब्‍ल्‍यूएच) में बिक्री के लिए लगभग 416 दवायें एवं 122 शल्य चिकित्सा और उपभोग्य वस्‍तुएं उपलब्‍ध हैं।

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