Saturday, September 3, 2016

हरियाणा में बिजली हुई 37 पैसे सस्ती



चंडीगढ़, 3 सितम्बर,2016(abtaknews.com )हरियाणा में पिछले 20 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में एक साथ 37 पैसे प्रति यूनिट की कमी व छूट की गई है, जिसकी अधिसूचना हरियाणा बिजली नियामक आयोग कल कर दी गई हैं, जिसे लोगों द्वारा काफी सराहनीय कदम बताया जा रहा है। 

इस संबंध में जानकारी देते हुए आज यहां हरियाणा की सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री श्रीमती कविता जैन ने हरियाणा बिजली विनियामक आयोग द्वारा वर्ष 2016-17 के लिये टैरिफ आदेश की अधिसूचना में बिजली की दरों को कम करने को ऐतिहासिक बताया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 के लिए टैरिफ आदेशों में बिजली की दरों को कम करके सभी वर्गों के उपभोक्ताओं को राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के खोई हुई राजनैतिक जमीन तलाश रहे राजनेता प्रदेश के लोगों को बिजली महंगी होने की बात कहकर बहका रहे थे। इन टैरिफ आदेशों से विपक्षी नेताओं की बोलती बंद हो गई है। वर्तमान सरकार के इस महत्वपूर्ण निर्णय से हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अगुवाई में राज्य की विकास की रफ्तार तेजी से आगे बढेगी। 
उन्होंने बताया कि सरकार के आग्रह करने पर एचईआरसी ने वित्त वर्ष 2016-17 के लिए जारी किए टैरिफ आदेश में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिससे प्रदेश के विभिन्न वर्गों के 58 लाख उपभोक्ताओं को बड़ी को राहत मिली है। इसके साथ ही प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को लाभ देने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। जिसमें उपभोक्ताओं को ग्रीन एनर्जी को बढावा देने से लेकर ऊर्जा संरक्षण करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। 

हरियाणा में इंडस्ट्री को आकर्षित करते हुए 50 किलोवॉट तक के एलटी इंडटस्ट्री में फिक्स चार्जेस को 170 रुपए प्रति किलोवॉट से कम करके 160 रुपए प्रति किलोवॉट किया गया है। वहीं 50 किलोवॉट से अधिक लोड के एचटी इंडस्ट्री के 110 उपभोक्ताओं के फिक्स चार्जेस में 200 रुपए प्रति केवीए से कम करके 190 रुपए प्रति केवीए किया गया है। ऐसे में प्रदेश की औद्योगिक इकाईयों को तो लाभ मिलेगा ही वहीं प्रदेश में नई इंडस्ट्रीज भी इनवेस्ट करने के लिए आकर्षित होंगी, जिससे कि प्रदेश के युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्रदान होंगे और प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था में मजबूती आएगी। इसके साथ ही ओपन एक्सिस उपभोक्ताओं के लिए व्हीलिंग चार्ज को 25 पैसे प्रति यूनिट से कम कर 71 पैसे प्रति यूनिट किया गया है।

उन्होंने कहा कि एक ओर जहां बिजली की दरों में कटौती कर सभी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है, वहीं दूसरी ओर सौर उर्जा का इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 25 पैसे प्रति यूनिट से बढ़ाकर एक रुपए प्रति यूनिट कर दी गई है। ऐसे में पर्यावरण को स्वच्छ बनाने के लिए सरकार सभी उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित करती नज़र आ रही है। 
मंत्री ने बताया कि प्रदेशवासियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने तथा नेचर फ्रेंडली कदम उठाने की दिशा में विभाग ने उपभोक्ताओं को बिजली के बिल की हार्ड कॉपी न मंगवाकर निगम की वेबसाईट से डाउनलोड करने पर 5 रुपए प्रति बिल की छूट देने का फैसला लिया है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को ऐसा करने पर 10 रुपए प्रति बिल छूट दी जाएगी। साथ ही यह निर्णय भी लिया गया है कि जिन उपभोक्ताओं के बिजली के बिल 15000 रुपए से कम हैं, वे निगमों को सीधे ऑनलाईन बिल भरकर 5 रुपए की छूट पा सकते हैं। वहीं 15000 से अधिक बिल वाले उपभोक्ताओं को अपना बिल ऑनलाईन/आटीजीएस/एनईएफटी या अधिकृत बैंकों के माध्यम से ही जमा करवाना होगा। आयोग ने प्रीपेड मीटर से बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं को पांच प्रतिशत की छूट देने का भी निर्णय लिया है। 

उन्होंने बताया कि बिजली दरों में कमी करने से उद्योगों को, कृषि क्षेत्र को और शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने तत्काल योजना के तहत 31 दिसम्बर, 2012 के बाद एपी कनैक्शन की स्वीकृति दी गई है, उन्हें टैरिफ आदेश में उनके आधार लिंग्ड बैंक खाते में आरई सब्सिडी सीधे जमा करवाने का प्रस्ताव भी किया गया है। यह भी एक सराहनीय कदम है।  उन्होंने कहा कि मार्च, 2015 में जिन किसानों की फसलें बैमोसमी बारिश से खराब हो गई थी, उनके भी कृषि बिजली बिल माफ किये गये।  श्रीमती कविता जैन ने कहा कि प्रदेश की मनोहर लाल सरकार का यह प्रयास रहा है कि उपभोक्ताओं को समुचित बिजली मिले और वह भी वाजिब दामों पर। गांवों में बिजली आपूर्ति बढ़ाने और ट्रांसमिशन और कॉमर्शियल हानियों को कम करने के लिये ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ योजना शुरू की गई है।

उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए केन्द्र सरकार ने ‘दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना’ के तहत 321 करोड़ 57 लाख रुपये और शहरी क्षेत्रों के लिए ‘इंटिग्रेटिड पावर डेवलपमेंट स्कीम’ के तहत 388 करोड़ 65 लाख रुपये स्वीकृत किये हैं। उन्होंने बताया कि सम्प्रेषण और वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने के लिये विभिन्न क्षमताओं के 49 सब-स्टेशन स्थापित किये गये हैं। इनके अलावा 222 सब-स्टेशन की क्षमता बढ़ाई गई है और 997 किलोमीटर लम्बी नई लाइनेें बिछाई गई हैं। वर्ष 2017-18 तक  बिजली वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए लगभग 5,137 करोड़ रुपये की एक समेकित योजना तैयार की गई है। श्रीमती कविता जैन ने कहा कि राज्य सरकार किफायती दरों पर प्रदेशवासियों को गुणात्मक बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास किए हैं। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि विपक्ष द्वारा प्रचार किए जा रहे भ्रामक प्रचार से दूर रहे और विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाने के लिए राज्य सरकार का सहयोग करें। 

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