Tuesday, August 9, 2016

सिविल अस्पताल में एसिड के फैले धुंए से मरीज-डाक्टरों में मची अफरा-तफरी


फरीदाबाद-09अगस्त। सिविल अस्पताल में उस समय अफरा-तफरी का महौल हो गया, जब अचानक एक स्थान से धुंआ और तेज गंध आने लगी। किसी अनहोनी की आशंका को देखते हुए अस्पताल को मरीजों से खाली करा दिया गया और डाक्टर भी अपनी कुर्सी छोडकर बहार आ गए। हालांकि इससे किसी को कोई जान व माल का नुकसान नहीं हुआ है। फिर भी अस्पताल प्रशासन जांच करा रहा है कि यह कोई किसी की शरारत है या फिर अनजाने में ऐसा हुआ है। 
सिविल अस्पताल में मची यह अफरा-तफरी किसी अग्रिकांड व आतंकवादी घटना के कारण नहीं है, बल्कि एक स्थान पर निकलने वाले जहरीले धुंए के कारण है, जिससे मरीजों व दूसरे लोगों की सांसे रूक गई। आनन-फानन में पूरे अस्पताल को मरीजों से खाली करा दिया गया और जांच के बाद पता चला है कि एक बाल्टी में कोई एसिड था, जिसके कारण यह हुआ। उस बाल्टी को बहार फैंक दिया गया। यह घटना उस समय हुई जब ओपीडी में मरीजों की भरमार थी। अगर कोई बड़ा हादसा होता तो कई जाने जा सकती थी। लेकिन गनीमत यह रही कि इसके कारण कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। इसे सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है।
सर्विस इंचार्ज बलबीर ने बताया कि अस्पताल में मौजूद मरीजों की माने तो अचानक जहरीला धुंआ निकलने से उन्हे खासी शुरू हो गई और दम घुटने लगा। जिसके बाद वे बहार आ गये। यह ऐसिड कोन लाया था, उन्हे मालूम नहीं है। वहीं अस्पताल के सर्विश इंचार्ज बलबीर की माने तो उन्होने जिस बाल्टी में ऐसिड था को बहार फैंक दिया है। ऐसा लगता है कि उसमें तेजाब था। उसे कोन लाया और किस मकसद से लाया था। इस बारे में जांच के बाद ही पता चलेगा। सुरक्षा में चूक की बात वे स्वीकार कर रहे है। उनका कहना है कि केवल गेट पर ही एक-एक गार्ड होता है और सभी मरीजों की तलाशी लेना संभव नहीं है।
वहीं अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेन्द्र यादव की माने तो सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। अगर उसमें कोई संदिग्ध दिखाई देता है तो पुलिस को सौंप कर कार्रवाही की जायेगी। फिलहाल अस्पताल का कार्य सामन्य है और किसी कोई हानि नहीं हुई है.


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