Thursday, August 4, 2016

प्रधानमन्त्री के पेट से प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री के पेट से मुख्यमंत्री पैदा नहीं होता;- नितिन गडकरी




फरीदाबाद- 04 अगस्त(अबतक  न्यूज़ ) सूरजकुंड स्थित होटल राजहंस में चल रहे भाजपा के चार दिवसीय दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन केंद्रीय सडक, राजमार्ग व परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी में प्रधानमन्त्री के पेट से प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री के पेट से मुख्यमंत्री पैदा नहीं होता। इस पार्टी में जमीनी स्तर पर सतत् मेहनत करने वाला कार्यकर्ता ही प्रधानमन्त्री एवं मुख्यमंत्री के तौर पर सेवा करने का अवसर पाता है। उन्होंने सरकार में बैठे नेताओं को संगठन में मौजूद कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर समाज एवं देश की सेवा करने का आह्वान किया।  वीरवार को श्री गडकरी ने पार्टी पदाधिकारियों को पहले सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में सरकार और संगठन के मध्य समन्वय और अंत्योदय की भावना से अपनी जिम्मेदारी का ईमानदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं की ताकत का अहसास करवाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक पूर्व हो सकते हैं, लेकिन कार्यकर्ता कभी पूर्व नहीं होता। भाजपा में मां से बेटे और पिता से पुत्री को सत्ता हस्तांतरण नहीं होता। जमीनी स्तर पर मेहनत करने वाले और समाज-देश हित को प्राथमिकता देने वाले कार्यकर्ता प्रधानमन्त्री और मुख्यमंत्री चुने जाते हैं। 
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नेता को कभी अति आत्मविश्वास और अहंकार में नहीं रहना चाहिए, क्योंकि सत्ता में रहते हुए जो दबदबा उसके साथ रहता है, वह सत्ता से हटते ही छू मन्तर हो जाता है। अंत में बचते हैं, वो कार्यकर्ता जो अपनी पीढ़ी बर्बाद कर देते हैं, जेल जाते हैं और यातनाएं सहन करते हैं। इसलिए सरकार में बैठे नेताओं को अपनी प्रशासनिक क्षमता, बेहतर व्यवहार, संवेदी जनस पर्क के साथ कार्यकर्ताओं और आमजन के साथ तालमेल स्थापित करना चाहिए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को मन्त्र देते हुए कहा कि उन्हें जो का मिले, उसे बेहतर तरीके से निभाएं, यही अच्छे कार्यकर्ता की पहचान होती है। देश में अकेला भाजपा ऐसा राजनीतिक संगठन है, जिसमे प्रशिक्षण वर्ग आयोजित करके अपने कार्यकर्ता की गुणवत्ता में सुधार लाया जाता है। उन्होंने सहयोग, सामन्जस्य, संवाद के आधार पर सरकार के कामों को आमजन तक पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं का आह्वान किया। राष्ट्रवाद के मार्ग पर चलते हुए सुशासन और विकास के सामन्जस्य से आमजन की सहूलियतों की पूर्ति करें, ताकि अगले 5 साल भी भाजपा ही सत्ता में रह कर आमजन की सेवा करे। 
प्रक्षिक्षण शिविर के अगले सत्र में डॉ महेश शर्मा ने सैद्धान्तिक अधिष्ठान पर प्रशिक्षण दिया जिसमे उन्होंने बताया कि विभिन्न देशों की समाज के प्रति अपनी अपनी विचारधाराएँ एवम् समाज को प्रदान करने की व्यवस्थाओं की उत्पति कैसे हुई और डॉ शर्मा ने कहा कि भारत  सांस्कृतिक  राष्ट्र्यावादी देश है जहाँ सकारात्मक धर्मनिष्पेक्षता होनी चाहिए। प्रक्षिक्षण शिविर रात 8 बजे तक चलेगा जिसमे 6.30 बजे श्री मुरलीधर रॉव की प्रशिक्षण शाला की शुरुआत होगी।

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