Tuesday, August 23, 2016

राष्ट्रीय पक्षी मोर को मारकर खाने वाला तैय्यब गिरफ्तार




फरीदाबाद -(Abtaknews.com )दूसरे जानवरों का शिकार कर उनका मास खाने वाले तो आपने सुने व देखे होगें, लेकिन फरीदाबाद में राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार करके उसके मास को खाने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफास करके एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एक मोर को उनका भोजन बनने से पहले बचा लिया गया। अब यह मोर बिना पंख के वन्य प्राणी निरीक्षक की देखरेख में स्वास्थ्य लाभ ले रहा है। हालांकि उसके पंख निकाल लिए गए है और वह जख्मी भी है, लेकिन वन्य विभाग के अधिकारी उसके सकुशल होने की बात कह रहे है। मोर का शिकार करने वाला एक आरोपी अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बहार है।


फरीदाबाद पुलिस आम इंसान के कातिलों का भले ही न पकड पाए, लेकिन उसने न केवल राष्ट्रीय पक्षी मोर को बचाने में सफलता प्राप्त की है, बल्कि एक ऐसे आरोपी को भी धर-दबौचा है, जो अपने साथी के साथ मिलकर पहाडों में मोर का शिकार करके उसके मास का भक्षण करते थे। दिखाई दे रहा यह वहीं आरोपी तैयब है, जिसे वन्य प्राणी संरक्षण विभाग के निरीक्षक के साथ पुलिस ने उस समय धर दबोचा, जब वे एक और मोर के पंख उतार कर उसका भक्षण करने की तैयारी मे थे। इसका एक साथी भागने में कामयाब हो गया। लेकिन पुलिस ने घायल अवस्था में उस मौर को जरूर बरामद कर लिया, जो जल्द ही इनका निवाला बनने वाला था। अब यह मोर निरीक्षक वन्य विभाग कर देख रेख में है और स्वास्थ लाभ ले रहा है। 

वन्य प्राणी निरीक्षक  डेलचंद  सागर  ने अबतक न्यूज़ पाताल को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हे धोज पुलिस चौकी से सूचना मिली थी कि राष्ट्रीय पक्षी मोर का शिकार किया जा रहा है। उन्होने पुलिस के साथ मोके पर जाकर एक आरोपी को पकड़ लिया और उसकी निशानदेही पर उखाडे गए मोर के पंख और मोर को उसके साथी के घर से बरामद कर लिया। मेडीकल रिपोर्ट में साफ है कि मोर के पंख जबरन उतारे गए है और उसके चौट के निशान है। फिलहाल यह मोर उनकी देख रेख में है और ठीक है।

धौज पुलिस चौकी इंचार्ज सत्यनारायण ने बताया कि आरोपी तैय्यब मोर का शिकार कर उसके मास को खाता था, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.आरोपी का दूसरा साथी सम्सू की तलाश जारी है। आरेापी ने कबूल किया है कि वे कई बार मोर का शिकार करके उसके मास का भक्षण कर चुके है और मोर का मास खाने के आदि है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

loading...
SHARE THIS

0 comments: