Thursday, August 11, 2016

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री जे.पी नड्डा ने हिमाचल के मुख्‍य मंत्री से की मुलाकात


 
नई दिल्ली-अगस्त 11,2016(abtaknews.com)वीरभद्र सिंह, मुख्‍य मंत्री, हिमाचल प्रदेश ने आज केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा से मुलाकात की। उन्‍होंने हिमाचल प्रदेश में स्‍वास्‍थ्‍य के क्षेत्र से संबंधित विभिन्‍न मसलों पर विचार-विमर्श किया। बैठक‍के दौरान, मुख्‍य मंत्री ने श्री जे.पी.नड्डा से हिमाचल प्रदेश में एम्‍स की स्‍थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। मुख्‍य मंत्री ने श्री जे.पी. नड्डा से मंडी में ईएसआई मेडिकल कॉलेज में उपकरणों की स्‍थापना हेतु वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराने का भी अनुरोध किया। श्री नड्डा ने हिमाचल प्रदेश राज्‍य को पूर्ण समर्थन और सहयोग का आश्‍वासन दिया।

श्री नड्डा ने शिमला में राष्‍ट्रीय रोग नियंत्रण केन्‍द्र (एनसीडीसी) की नई शाखा हेतु भूमि के आवंटन से संबंधित मामले भी उठाए। मंत्री ने कहा कि राज्‍य में 10 करोड़ रुपए की लागत से एक विश्‍व स्‍तरीय प्रयोगशाला स्‍थापित करने के लिए एनसीडीसी को राज्‍य से 2-3 एकड़ भूमि की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने मुख्‍य मंत्री से भूमि स्‍थानांतरण प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया ताकि राज्‍य में इस प्रकार की सुविधा स्‍थापित करने के लिए आवश्‍यक कदम उठाए जा सकें। मंत्री ने आगे कहा कि हमीरपुर और चंबा के जिला अस्‍पतालों से संबद्ध मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना के लिए अनुमति अभी लंबित है और राज्‍य सरकार को दोनों कॉलेजों की स्‍थापना के लिए सक्रिय कदम उठाने चाहिए। केंद्र ने प्रत्येक कॉलेज के लिए रु. 189 करोड़ की राशि निर्धारित की है।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि यद्यपि इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी), शिमला में सुपर स्‍पेशियलिटी अस्‍पताल ब्‍लॉक के लिए निर्धारित भूमि हेतु 62.25 करोड़ रुपए लागत का निविदा दे दिया गया है, किन्‍तु सिविल कार्य अभी तक आरंभ नहीं हुआ है। राज्‍य सरकार इस मामले की जांच तथा आवश्‍यक कार्रवाई कर सकती है ताकि परियोजना में और अधिक विलंब न हो। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने केन्‍द्रीय औषधि मानक संगठन (सीडीएससीओ) और बड्डी में औषधि परीक्षण प्रयोगशाला के लिए भूमि आवंटित करने का अनुरोध किया ताकि परियोजना शीघ्र शुरु की जा सके। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि सीडीएससीओ के उप-क्षेत्रीय कार्यालय और औषधि परीक्षण प्रयोगशाला पर लगभग 10 करोड़ रुपए की लागत आएगी।

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने सूचित किया कि मंत्रालय 30 करोड़ रुपए की लागत पर मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य के लिए उत्‍कृष्‍टता केन्‍द्र (सीओई) की स्‍थापना हेतु राज्‍य से प्रस्‍ताव की मांग कर रहा है तथा हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा मंत्री के विचारार्थ प्रस्‍ताव भेजना चाहिए। उन्‍होंने यह भी उल्‍लेख किया कि मंत्रालय ने राष्‍ट्रीय वरिष्‍ठ जन स्‍वास्‍थ्‍य योजना (आरवीजेएसवाई) के तहत टांडा में जराचिकित्‍सा केन्‍द्र की स्‍थापना को अनुमोदन दिया है। राज्‍य सरकार को इस योजना को अपनाने और मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन हस्‍ताक्षर करने का अनुरोध किया।

बैठक के दौरान स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने हिमाचल प्रदेश के लिए 56 नए राष्‍ट्रीय राजमार्ग के संबंध में सड़क परिवहन, राजमार्ग एवं जहाजरानी मंत्री श्री नितिन गडकरी द्वारा की गई घोषणा को भी दोहराया। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने इन राष्‍ट्रीय राजमार्गों के लिए डीपीआर को शीघ्रतापूर्वक तैयार करने हेतु भी अनुरोध किया तथा राज्‍य को सभी प्रकार की सहायता प्रदान करने का आश्‍वासन दिया। 

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